दीया कुमारी
| जन्म तिथि | 30 January 1971 |
| जन्म स्थान | जयपुर, राजस्थान, भारत |
| पिता | महाराजा भवानी सिंह |
| माता | महारानी पद्मिनी देवी |
| जीवनसंगी | नरेंद्र सिंह (अलग हो चुके) |
| बच्चे | बच्चे – 2 बेटे और 1 बेटी बेटों के नाम – महाराजा पद्मनाभ सिंह, महाराजा लक्षराज प्रकाश सिंह बेटी का नाम – राजकुमारी गौरवी कुमारी |
| शिक्षा | मॉडर्न स्कूल, नई दिल्ली और महारानी गायत्री देवी गर्ल्स पब्लिक स्कूल, जयपुर |
| राष्ट्रीयता | भारतीय |
| धर्म | हिन्दू |
जीवन परिचय :-
राजकुमारी दीया कुमारी एक भारतीय राजनीतिज्ञ तथा वर्तमान में राजस्थान की उपमुख्यमंत्री हैं। वह राजसमन्द से लोकसभा सांसद थीं | एवं वे पूर्व राजस्थान विधानसभा में सवाई माधोपुर से विधायक रही हैं। जयपुर की राजकुमारी दीया कुमारी, महाराजा भवानी सिंह और महारानी पद्मिनी देवी की पुत्री हैं।
दीया कुमारी परिवार (Diya Kumari Family):-
दिया कुमारी के पिताजी का नाम स्वर्गीय भवानी सिंह था जो की इंडियन आर्मी के ऑफिसर थे और इनकी माताजी का नाम पद्मिनी देवी था जिन्हें जयपुर की राजमाता कहा जाता था। इसके अलावा इनके दादा जी का नाम मान सिंह था जोकी राजस्थान के गवर्नर 1949 से लेकर 1956 तक रहे। वहीं इनकी दादी जी का नाम मरुधर कुंवर था जो की जयपुर की महारानी थी। दिया कुमारी के दादा मानसिंह ने तीन शादियां की थी। इनकी तीनों पत्नियों के नाम मरुधर कुंवर, किशोर कुवर और गायत्री देवी था। गायत्री देवी ने साल 1962, 1967 और 1971 में जयपुर के मेंबर ऑफ पार्लियामेंट के तौर पर काम किया था।
दिया कुमारी के पिताजी भवानी सिंह को साल 1971 की भारत पाकिस्तान की लड़ाई में अद्भुत वीरता के लिए सरकार के द्वारा महावीर चक्र दिया गया था। साल 2011 में भवानी सिंह की मृत्यु शरीर के कई अंगों के काम करने के बंद कर देने की वजह से हो गई। दिया कुमारी की माता पद्मिनी देवी हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले की राजकुमारी थी। पद्मिनी देवी के पिताजी का नाम राजेंद्र प्रकाश था, जिनकी दो पत्नी दुर्गा देवी (पहली) और इंदिरा देवी (दूसरी) थी। पद्मिनी देवी इंदिरा देवी की बेटी है।
राजकुमारी दीया और नरेंद्र सिंह की प्रेम कहानी:-
राजकुमारी दीया और नरेंद्र सिंह की प्रेम कहानी भी दुनिया भर में मशहूर रही है। दीया कुमारी भी अपनी शादी को किसी परिकथा से कम नहीं मानती थीं। जयपुर में अपने कॉमन फ्रेंड के घर पर छिप-छिप कर मिलने वाली दीया और नरेंद्र की दोस्ती और प्रेम का रिश्ता काफी उतार चढ़ाव वाला रहा है। नरेंद्र की एक आवाज सुनने के लिए सैकड़ों ब्लैंक कॉल्स करने वाली दीया ने अपनी मां को दुखी देखकर 6 माह तक नरेंद्र सिंह से बात तक नहीं की। समाज के विरोध के बावजूद 24 साल पहले विवाद हुआ। काबिले-गौर है कि जयपुर के गांधी नगर की फैमिली कोर्ट में दीया और नरेंद्र ने 6 दिसंबर को तलाक की अर्जी लगाई थी। महज 36 दिन में कोर्ट ने उनका तलाक मंजूर कर लिया।
अपने एक इंटरव्यू में दीया ने कहा था- विवाह की घोषणा के बाद हमें किडनैपिंग और सुसाइड स्क्वाड भेजने की धमकियां मिलती थीं।पढ़िए दीया के ही शब्दों में...उनकी लव स्टोरी को...
जब मैं 18 साल की थी तब पहली बार शिवाड़ के कोठड़ा ठिकाने के नरेंद्र सिंह राजावत से मिली। वो न तो मेरे कैशियर थे और न ही एडीसी या शोफर, जैसा मीडिया में छपता रहा। वो सीए हैं जिनका खुद का कंस्ट्रक्शन बिजनेस था। हम पहली बार 1989 में मिले जब मेरे पिता को राजीव गांधी ने जयपुर से चुनाव लड़ने के लिए कहा था। नरेंद्र सिंह के पिता ठा. बुध सिंह सवाई माधोपुर ठिकाने से हैं। उन्होंने पिता की कैंपेनिंग में मदद की थी। उसी दौरान नरेंद्र जो कॉमर्स ग्रेजुएट थे और सीए कर रहे थे, ने काम के अनुभव के लिए एसएमएस म्यूजियम ट्रस्ट जॉइन किया था। तभी उनसे मुलाकात हुई। मैं भी अकाउंट्स के काम से उनसे पैलेस में मिली और उनसे बातें कर बहुत अच्छा लगा। उनकी सादगी और केयरिंग नेचर दिल को छू गया। हालांकि यह पहली नजर में प्यार जैसा नहीं था। तीन महीने बाद जब वो वहां से गए तब लगा कि उनसे फिर मिलना चाहिए। ऐसे हम दोस्त बने। जब भी वो जयपुर आते हम एक कॉमन फ्रेंड के यहां मिलते। जब मैं पेरेंट्स के साथ विदेश यात्रा पर गई तब पहली बार लगा कि मैं उनके बिना रह ही नहीं सकती। तब अहसास हुआ कि यह फीलिंग्स दोस्ती से कुछ ज्यादा थी। मां से शेयर किया तो वो सकते में आ गई। वो चाहती थीं कि हमारे जैसे शाही परिवार में मेरी शादी हो। उन्हें यकीन था मैं इन फीलिंग्स से बाहर आ जाऊंगी इसलिए पिता को नहीं बताया। उसके बाद हम जयपुर से बाहर अक्सर दिल्ली में मिलने लगे। नरेंद्र के पेरेंट्स को भी जब इस रिश्ते की खबर हुई तो वे भी नाराज हुए।
1994 में आर्य समाज में शादी :-
इकलौती बेटी थी इसलिए मां को दुखी देखकर मैं खुद को कसूरवार मानने लगी और 5-6 महीनों तक नरेंद्र से दूरी बना ली। वो वक्त मेरी जिंदगी का सबसे बुरा दौर था। मैं उनकी आवाज सुनने के लिए ब्लैंक कॉल्स भी करती थी लेकिन एक दिन फोन पर बात कर ली। पेरेंट्स को बिना बताए शादी कर ली। क्योंकि वो अब भी सोच रहे थे कि मैं इससे बाहर निकल आऊंगी। 6 सालों के साथ के बाद 1994 में आर्य समाज शादी कर ली। फिर कोर्ट में रजिस्ट्रेशन करवाया। यह सोचकर कि बाद में पेरेंट्स को बता देंगे लेकिन इससे पहले कि मैं कुछ बता पाती, ब्रुनेई में हाई कमिश्नर की पोस्टिंग पर तैनात पिता को स्ट्रोक आ गया। मां और मुझे उन्हें लेकर इलाज के लिए सिंगापुर जाना पड़ा। जब वो ठीक होकर भारत लौटे तो मैंने दोनों को अपने फैसले के बारे में बता दिया। लेकिन दो सालों तक यह नहीं बताया कि हमारी शादी हो चुकी है। नवंबर 1996 में आखिर मां को बता दिया और नरेन्द्र ने अपने पेरेंट्स को। उनके पिता मेरे पिता को जानते थे इसलिए नरेंद्र से इस बात के लिए नाराज हो गए। 1997 में मां ने पिता को इस बारे में बताया जिससे वो बेहद खफा हुए लेकिन फिर मेरे नजरिए को समझकर रिश्ते को अपना लिया।
कहते थे- इस्लाम अपना लो :-
सार्वजनिक तौर पर अगस्त 1997 में हमारा विवाह और रिसेप्शन हुआ। विवाह की घोषणा के बाद से ही धमकियों का सिलसिला शुरू हो गया। किडनैपिंग और सुसाइड स्क्वाड भेजने की धमकियां भी मिलीं। राजपूत कम्यूनिटी में इंटर कास्ट और सगोत्र शादियां होती रही हैं फिर भी समाज के ठेकेदारों को हमारी शादी से एतराज था। मां के आगे शर्त रखी गई कि यह शादी हुई तो इस्लाम अपनाना होगा। वहीं 2015 में एक दूसरी मैगजीन को दिए इंटरव्यू में दीया ने बताया था कि सभी रिश्तेदारों को लगता था कि मेरी शादी किसी महाराजा से होगी लेकिन मैं सिर्फ अच्छे इंसान से शादी करना चाहती थी, ओहदे से नहीं।
जब पिता ने बेटी के लिए पद छोड़ा :-
कहा जाता है कि दीया की इसी पसंद की वजह से ब्रिगेडियर भवानी सिंह ने राजपूत सभा के अध्यक्ष का पद छोड़ दिया था और समाज से दूरी बना ली थी क्योंकि राजपूत समाज दीया के इस कदम से नाराज था। 2008 में दीया कुमारी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनकी परवरिश दूसरी राजकुमारियों जैसी नहीं हुई बल्कि एक आम भावनात्मक इंसान की तरह हुई। शादी का मुद्दा निजी है और उससे किसी दूसरे को फर्क नहीं पड़ना चाहिए। न ही मैं समाज की धमकियों से डरी और न ही कमजोर पड़ी। मैं सिर्फ 16 साल की थी जब एक शाही परिवार से रिश्ता आया लेकिन मेरे माता-पिता ने यह कहकर मना कर दिया कि मैं मंगनी के लिए छोटी हूं ।
राजकुमारी दीया सिंह का विवाह :-
लंदन से पढ़ाई करके जब दिया कुमारी वापस लौटी, तो उन्होंने अपने परिवार का बिजनेस संभाला और इस दौरान राजमहल में अकाउंटेंट के तौर पर काम करने वाले नरेंद्र सिंह रजावत से इन्हें प्रेम हो गया और उस दौरान दिया कुमारी की उम्र सिर्फ 18 साल थी। अपने प्रेम को शादी में बदलने के लिए दोनों ने साल 1994 में दिल्ली के कोर्ट में चोरी छुपे शादी कर ली और शादी की बात 2 साल तक दिया कुमारी ने अपने घर में नहीं बताया। क्योंकि उन्हें पता था कि, घरवाले इस शादी के लिए कभी नहीं मानते। इसके बाद साल 1997 में अगस्त के महीने में दिया कुमारी की नरेंद्र सिंह के साथ धूमधाम से शादी हुई। वही साल 2018 में दिया कुमारी और नरेंद्र ने एक दूसरे को तलाक देने के लिए जयपुर के फैमिली कोर्ट में आवेदन किया और साल 2019 में कोर्ट ने दोनों के तलाक को स्वीकार कर लिया। दिया कुमारी और नरेंद्र सिंह के दो बेटा और एक बेटी है, जिसमें बेटे का नाम पदमनाभ सिंह और लक्ष्यराज सिंह है और बेटी का नाम गौरवी सिंह है।
दीया कुमारी का राजनीतिक करियर:-
राजकुमारी दिया कुमारी के द्वारा अपने राजनीतिक कैरियर की शुरुआत साल 2013 में की गई। साल 2013 में इन्होंने 10 सितंबर के दिन भारतीय जनता पार्टी अर्थात भाजपा को ज्वाइन कर लिया और इसी साल इन्होंने राजस्थान के माधोपुर से विधायक का चुनाव लड़ा, जिसमें इन्हें जनता के द्वारा बंपर वोट मिले और यह चुनाव जीतने में सफल हुई।
इसके बाद साल 2019 में इन्होंने राजस्थान की राजसमंद सीट से सांसदी का चुनाव लड़ा और इस चुनाव में भी जनता ने इन्हें भरपूर प्यार दिया और इन्हें विजेता बनाया। वहीं साल 2023 के राजस्थान विधानसभा इलेक्शन में इन्हें भाजपा के द्वारा विद्याधर नगर निर्वाचन क्षेत्र से इलेक्शन का टिकट दिया गया और इन्होंने इलेक्शन में जीत हासिल की।
इस प्रकार से इन्होंने साल 2023 में 6 दिसंबर के दिन लोकसभा के सांसद के पद से इस्तीफा दे दिया। भाजपा के द्वारा साल 2023 में इलेक्शन में जीतने के बाद राजकुमारी दिया सिंह को राजस्थान का डिप्टी चीफ मिनिस्टर बना दिया गया है। साल 2023 में विधानसभा के इलेक्शन में जयपुर की विद्याधर नगर सीट से दिया कुमारी ने 71, 368 वोट के अंतर से विजय प्राप्त की। दिया कुमारी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि, साल 2013 में भाजपा को ज्वाइन करने के लिए वसुंधरा राजे के द्वारा इन्हें प्रेरणा दी गई थी।
उन्होंने आगे कहा कि मैं, सिर्फ किसी समाज की नेता बनकर नहीं रहना चाहती थी बल्कि मैं दूसरे समाजों के लिए भी काम करना चाहती थी। इसलिए मैंने वसुंधरा राजे से प्रेरणा लेकर के पॉलिटिक्स ज्वाइन करने का फैसला लिया, ताकि मैं लोगों की सेवा कर सकूं।
राजनीति कैरियर :-
राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी और उनके सहयोगी 2023 में भारत के उपराष्ट्रपति से मिलते हुए
उन्होंने 10 सितम्बर 2013 को जयपुर में आयोजित एक रैली में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर नरेन्द्र मोदी, राजनाथ सिंह और वसुन्धरा राजे मौजूद थीं।
उसी वर्ष उन्होंने सवाई माधोपुर से विधानसभा चुनाव लड़ा और विधायक बनीं। 2019 में राजसमंद लोकसभा क्षेत्र से सांसद निर्वाचित हुईं और 8.5 लाख से अधिक मत प्राप्त किए।
2023 में उन्होंने विद्याधर नगर से चुनाव लड़कर जीत दर्ज की और विधायक बनीं।
राजस्थान की उपमुख्यमंत्री :-
15 दिसंबर 2023 को उन्हें राजस्थान का उपमुख्यमंत्री नियुक्त किया गया। उन्हें वित्त, पर्यटन, संस्कृति, पीडब्ल्यूडी, महिला एवं बाल विकास सहित कई मंत्रालयों की ज़िम्मेदारी दी गई।
दीया कुमारी की संपत्ति (Diya Kumari Net Worth):-
प्रिंसेज दीया कुमारी राजघराने परिवार से आती है इस हिसाब से उनके पास बेहिसाब दौलत है. उनकी संपत्ति की बात करे तो उनके पास करीब 92 मिलियन डॉलर की नेट वर्थ है. उनके पास सिटी पैलेस सहित कई संपत्तियां, व्यवसाय, ट्रस्ट और स्कूल हैं. इसके अलावा जयगढ़ किला, आमेर, दो ट्रस्ट, दो स्कूल और तीन होटल हैं.
चुनावी हलफनामे के अनुसार दिया कुमारी की संपति
उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने अपने चुनावी हलफनामे में 19.19 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति बताई है। दिया कुमारी को गहनों का काफी शौक है। उनके पास कुल 75 लाख से अधिक कीमत के गहने हैं।
दिया की संपत्ति 19 करोड़ से ज्यादा की
उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने अपने चुनावी हलफनामे में 19.19 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति बताई है। दिलचस्प है कि करोड़ों की संपत्ति रखने वाली दिया के नाम पर कोई वाहन नहीं है। दिया की पूरी संपत्ति में सिर्फ चल संपत्ति ही है। उनके पास अचल संपत्ति नहीं है। यानी, दिया के हलफनामे के मुताबिक उनके पास न तो घर है, न कोई जमीन है। न ही कोई व्यापारिक प्रतिष्ठान उनके नाम पर है।
दिया कुमारी की सालाना कमाई करोड़ों में :-
उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी की सालाना कमाई भी करोड़ों में है। दिया ने अपने चुनावी हलफनामे में बताया है कि 2022-23 में उनकी कमाई दो करोड़ से ज्यादा रही। दिया के चुनावी हलफनामे में 2022-23 में कुल 2,88,31,100 रुपये की कमाई रही। हालांकि, उनकी कमाई 2021-22 के मुकाबले घटी है। 2021-22 में उन्होंने अपनी कुल कमाई 3,19,73,240 रुपये बताई थी।
दीया कुमारी के 10 रोचक तथ्य :-
राजघराने की शाही वारिस:
दीया कुमारी जयपुर के शाही परिवार से हैं। उनके दादा सवाई मान सिंह द्वितीय और दादी राजमाता गायत्री देवी भारतीय राजघरानों के प्रतिष्ठित नामों में से एक हैं।
गायत्री देवी की पोती:
गायत्री देवी 1962 में वर्ल्ड की सबसे सुंदर महिलाओं में शामिल हुई थीं। दीया को अक्सर उनसे तुलना की जाती है।
आधुनिक और पारंपरिक का संगम:
उन्होंने लंदन के चेल्सी स्कूल ऑफ आर्ट्स से डेकोरेटिव पेंटिंग की पढ़ाई की, और फिर भारत लौटकर राजनीति में कदम रखा।
राजकुमारी से राजनीतिज्ञ:
राजनीति में आने से पहले उन्होंने जयपुर सिटी पैलेस ट्रस्ट, म्यूज़ियम और कई सामाजिक कार्यों में योगदान दिया।
एक नहीं, तीन भूमिकाएं:
दीया एक साथ व्यवसायी, राजनीतिज्ञ, और समाजसेविका की भूमिका निभा रही हैं।
भारत की गिनी-चुनी राजकुमारियों में से एक:
जिन्होंने चुनाव लड़कर लोकसभा सांसद बनीं और अब राजस्थान की उपमुख्यमंत्री भी हैं।
पद्मनाभ सिंह की माँ:
उनका बेटा पद्मनाभ सिंह एक युवा पोलो खिलाड़ी और अंतरराष्ट्रीय मॉडल हैं। उन्हें जयपुर का टाइटुलर महाराजा माना जाता है।
पुरातन विरासत का संवर्धन:
उन्होंने जयगढ़ किले और आमेर में हेरिटेज टूरिज्म को बढ़ावा दिया, साथ ही शाही विरासत को व्यवस्थित तरीके से जनता तक पहुँचाया।
सांसद बनने से पहले MLA बनीं:
2013 में Sawai Madhopur से विधायक बनीं, फिर 2019 में राजसमंद से सांसद चुनी गईं।
आधुनिक भारतीय महिला का प्रतीक:
दीया आधुनिकता और परंपरा का सुंदर मिश्रण हैं — वे साड़ी पहनती हैं, लेकिन साथ ही अंतरराष्ट्रीय शिक्षा और राजनीतिक कुशलता भी रखती हैं।
दीया कुमारी – प्रश्नोत्तर (Question Answers) :-
Q1. दीया कुमारी कौन हैं?
उत्तर: दीया कुमारी एक भारतीय राजनीतिज्ञ, समाजसेविका और जयपुर राजघराने की राजकुमारी हैं। वे वर्तमान में राजस्थान की उपमुख्यमंत्री हैं और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नेता हैं।
Q2. दीया कुमारी का जन्म कब और कहाँ हुआ?
उत्तर: दीया कुमारी का जन्म 30 जनवरी 1971 को जयपुर, राजस्थान में हुआ था।
Q3. दीया कुमारी के माता-पिता कौन हैं?
उत्तर: उनके पिता महाराजा भवानी सिंह और माता राजमाता पद्मिनी देवी हैं।
Q4. दीया कुमारी की शिक्षा कहाँ हुई?
उत्तर: उन्होंने जयपुर, नई दिल्ली और मुंबई से स्कूली शिक्षा प्राप्त की और फिर लंदन के Chelsea School of Art से डेकोरेटिव पेंटिंग में डिप्लोमा किया।
Q5. दीया कुमारी की शादी किससे हुई थी?
उत्तर: उनकी शादी नरेंद्र सिंह राजावत से हुई थी, लेकिन बाद में वे अलग हो गए।
Q6. दीया कुमारी के बच्चे कौन हैं?
उत्तर: उनके तीन बच्चे हैं – बेटा पद्मनाभ सिंह, लक्ष्यराज सिंह और बेटी गौरवी कुमारी।
Q7. दीया कुमारी राजनीति में कब आईं?
उत्तर: वे 2013 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुईं और उसी साल विधायक बनीं।
Q8. दीया कुमारी किस क्षेत्र से सांसद रहीं?
उत्तर: वे 2019 में राजस्थान के राजसमंद लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुनी गईं।
Q9. दीया कुमारी वर्तमान में कौन-कौन से पदों पर कार्यरत हैं?
उत्तर: वे राजस्थान की उपमुख्यमंत्री हैं और साथ ही वित्त, पर्यटन, संस्कृति, महिला एवं बाल विकास जैसे विभागों की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
Q10. दीया कुमारी को किस प्रकार की विरासत प्राप्त हुई है?
उत्तर: उन्हें जयपुर राजघराने की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत प्राप्त हुई है, जिसमें सिटी पैलेस, जयगढ़ किला और कई ट्रस्ट व विरासती संपत्तियाँ शामिल हैं।