संजय दत्त
(संजू बाबा, मुन्ना भाई या डेडली दत्त)
| जन्म तिथि | 29 July 1959 |
| जन्म स्थान | मुंबई (तब बॉम्बे), महाराष्ट्र, भारत। |
| निवास स्थान | मुंबई (तब बॉम्बे), महाराष्ट्र, भारत। |
| पिता | सुनील दत्त |
| माता | मां नर्गिस |
| बहिन | नम्रता दत्त और प्रिया दत्त |
| कद | लगभग 5 फीट 11 इंच (1.81 मीटर)। |
| वैवाहिक हि. | विवाहित |
| जीवनसंगी | ऋचा शर्मा(1988-1996), मॉडल रिया पिल्लई, मनयता दत्त(वर्तमान शादी 2008) |
| बच्चे | तीन: बेटी त्रिशला (पहली पत्नी से), जुड़वां बेटा शाहराान और बेटी इकरा (मनयता से, 2010 में जन्म) |
| शिक्षा | शिक्षा लॉरेंस स्कूल, सनावर (हिमाचल प्रदेश) |
| पेशा | भारतीय सिनेमा के अभिनेता |
| राष्ट्रीयता | भारतीय |
| धर्म | हिन्दू |
| पुरस्कार | फिल्मफेयर अवॉर्ड: बेस्ट एक्टर ('वास्तव', 2000), बेस्ट कॉमिक रोल ('मुन्ना भाई एम.बी.बी.एस.', 2004)। |
संजय दत्त की जीवनी––
संजय बलराज दत्त, जिन्हें प्यार से संजू बाबा, मुन्ना भाई या डेडली दत्त के नाम से जाना जाता है, भारतीय सिनेमा के एक ऐसे अभिनेता हैं जिनकी जिंदगी उतार-चढ़ाव, संघर्ष, विवादों और वापसी की मिसाल है। उनका जन्म 29 जुलाई 1959 को मुंबई (तब बॉम्बे) में हुआ था। वे बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और राजनीतिज्ञ सुनील दत्त तथा प्रसिद्ध अभिनेत्री नर्गिस के पुत्र हैं। संजय दत्त ने हिंदुस्तानी सिनेमा में 1981 में अपनी शुरुआत की और आज तक 180 से अधिक फिल्मों में काम कर चुके हैं। उन्होंने रोमांटिक, एक्शन, कॉमेडी, ड्रामा और गैंगस्टर रोल्स में अपनी छाप छोड़ी है।
उनकी जिंदगी सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं रही। नशीली दवाओं की लत, पहली पत्नी की मौत, 1993 के मुंबई ब्लास्ट मामले में गिरफ्तारी, जेल की सजा, कैंसर जैसी बीमारी और फिर मजबूत वापसी—ये सब उनके जीवन को एक फिल्मी स्क्रिप्ट से भी ज्यादा ड्रामेटिक बनाते हैं। इस जीवनी में हम उनके बचपन, परिवार, शिक्षा, फिल्मी सफर, व्यक्तिगत जीवन, विवादों, पुरस्कारों, स्वास्थ्य संघर्ष और हालिया कामों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
परिवार और प्रारंभिक जीवन (Family and Early Life)––
संजय दत्त का जन्म एक ऐसे परिवार में हुआ जहां फिल्मी दुनिया का रंग-रूप पहले से मौजूद था। उनके पिता सुनील दत्त (असली नाम बालराज दत्त) पंजाबी हिंदू परिवार से थे, जो पाकिस्तान के झेलम जिले के नक्का खुर्द गांव से आते थे। सुनील दत्त एक जमीनदार परिवार के थे, लेकिन विभाजन के बाद उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उनकी मां नर्गिस (असली नाम फातिमा राशिद) मुस्लिम परिवार से थीं और जद्दनबाई की बेटी थीं। नर्गिस ने 'मदर इंडिया' जैसी क्लासिक फिल्मों से अपनी पहचान बनाई थी।
संजय की दो बहनें हैं—नम्रता दत्त और प्रिया दत्त। परिवार में हिंदू-मुस्लिम संस्कृति का मिश्रण था, जो संजय की सोच को उदार बनाता रहा। बचपन में संजय को 'जूनियर प्रेस्ली' कहा जाता था क्योंकि वे एल्विस प्रेस्ली की तरह बाल कटवाते थे और रॉक म्यूजिक पसंद करते थे।
उनकी शिक्षा लॉरेंस स्कूल, सनावर (हिमाचल प्रदेश) में हुई, जो एक बोर्डिंग स्कूल था। वहां वे पढ़ाई से ज्यादा खेल-कूद और मस्ती में रुचि रखते थे। स्कूल के बाद उन्होंने एलफिंस्टन कॉलेज, मुंबई में दाखिला लिया, लेकिन फिल्मी करियर की चाहत के कारण पढ़ाई अधूरी छोड़ दी।
बचपन में संजय को अपने पिता की फिल्म 'रेशमा और शेरा' (1972) में एक छोटी भूमिका निभाने का मौका मिला। वे पर्दे पर बच्चे के रूप में दिखे। लेकिन असली शुरुआत 1981 में हुई।
उनकी मां नर्गिस का 3 मई 1981 को पैंक्रियाटिक कैंसर से निधन हो गया, ठीक उनकी पहली फिल्म 'रॉकी' के रिलीज होने से कुछ दिन पहले। इस घटना ने संजय को गहरा सदमा पहुंचाया। मां की मौत को उनकी नशीली दवाओं की लत का मुख्य कारण माना जाता है। संजय ने बाद में कई इंटरव्यू में कहा कि मां की अनुपस्थिति ने उन्हें अंदर से तोड़ दिया और वे अकेलापन महसूस करने लगे।
पिता सुनील दत्त ने न सिर्फ फिल्मी करियर में मदद की, बल्कि बाद में राजनीति में भी संजय को सपोर्ट किया। सुनील दत्त कांग्रेस पार्टी से सांसद रहे और सामाजिक कार्यों में सक्रिय थे। परिवार की यह विरासत संजय पर गहरा प्रभाव डालती रही।
फिल्मी करियर की शुरुआत और 1980 के दशक (Debut and 1980s Career)—
संजय दत्त की पहली फिल्म 'रॉकी' (1981) उनके पिता सुनील दत्त द्वारा निर्देशित थी। फिल्म में संजय ने एक अमीर लड़के की भूमिका निभाई जो गरीब लड़की से प्यार करता है। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट रही, हालांकि समीक्षकों को यह पसंद नहीं आई। रिलीज के समय मां नर्गिस का निधन हो चुका था, जिससे संजय भावुक थे।
1980 के दशक में संजय ने कई फिल्में कीं, जैसे 'विदाता' (1982), जो ब्लॉकबस्टर रही। 'जॉनी आई लव यू' (1982), 'बेकरार' (1983), 'मैं आवारा हूं' (1983) आदि। लेकिन इस दौर में उनकी नशीली दवाओं की लत बढ़ती गई। 1982 में उन्हें अवैध ड्रग्स रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया और 5 महीने जेल में बिताने पड़े।
जेल से निकलने के बाद वे अमेरिका गए और टेक्सास के एक रिहैब सेंटर में दो साल बिताए। वहां से लौटकर उन्होंने 'जान की बाजी' (1985) जैसी फिल्मों से वापसी की। 1986 की फिल्म 'नाम' में उन्होंने एक संवेदनशील भूमिका निभाई, जो उनकी एक्टिंग रेंज दिखाती थी। फिल्म हिट रही और संजय को प्रशंसा मिली।
इस दशक में उन्होंने 'कभी अजनबी थे' (1985), 'नौकर बाबू' आदि फिल्में कीं। लेकिन लत की वजह से उनका करियर प्रभावित होता रहा। पिता सुनील दत्त ने उन्हें बार-बार संभाला।
1990 के दशक: एक्शन हीरो और विवाद (1990s: Action Hero and Controversies)—
1990 के दशक में संजय दत्त एक्शन हीरो के रूप में स्थापित हुए। 'साजन' (1991) में सलमान खान और माधुरी दीक्षित के साथ रोमांटिक रोल ने उन्हें लोकप्रिय बनाया। 'खलनायक' (1993) में 'ये है खलनायक' गाने पर उनका डांस और परफॉर्मेंस आज भी याद किया जाता है। फिल्म सुपरहिट रही।
लेकिन 1993 में मुंबई सीरियल ब्लास्ट के बाद उनका जीवन बदल गया। 12 मार्च 1993 को मुंबई में बम धमाकों में 257 लोग मारे गए। जांच में संजय के पास अवैध हथियार (AK-56 राइफल) पाए गए, जो दाऊद इब्राहिम के गैंग से जुड़े होने का आरोप लगा। वे टाडा (TADA) एक्ट के तहत गिरफ्तार हुए।
संजय ने कहा कि हथियार उन्होंने अपनी सुरक्षा के लिए रखे थे, क्योंकि उस समय उनके पिता पर जानलेवा हमले की धमकियां थीं। लेकिन मुकदमा लंबा चला। 1994 में वे जमानत पर बाहर आए, लेकिन 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने 5 साल की सजा सुनाई। उन्होंने कुल 18 महीने से ज्यादा जेल में बिताए।
इस दौर में फिल्में जैसे 'वास्तव: द रियलिटी' (1999) में गैंगस्टर रोल ने उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट एक्टर अवॉर्ड दिलाया। 'मिशन कश्मीर' (2000) में सपोर्टिंग रोल भी सराहा गया। लेकिन जेल और मुकदमे ने उनके करियर को ब्रेक दिया।
व्यक्तिगत जीवन: —
शादियां, बच्चे और दुख (Personal Life: Marriages, Children and Tragedies)—
पहली शादी—
संजय दत्त की 1987 में अभिनेत्री ऋचा शर्मा से हुई। वे रिहैब सेंटर में मिले थे। 1988 में उनकी बेटी त्रिशला दत्त का जन्म हुआ। लेकिन 1996 में ऋचा ब्रेन ट्यूमर से चल बसीं। यह संजय के लिए दूसरा बड़ा सदमा था। त्रिशला अब अमेरिका में अपनी नानी के साथ रहती हैं।
दूसरी शादी—
1998 में मॉडल रिया पिल्लई से हुई। शादी 2005-2008 के आसपास टूट गई। कोई बच्चा नहीं हुआ।
तीसरी—
और वर्तमान शादी 2008 में मनयता दत्त (असली नाम दिलनवाज शेख) से हुई। मनयता पूर्व अभिनेत्री और बिजनेसवुमन हैं। 21 अक्टूबर 2010 को उनके जुड़वां बच्चे शाहराान (बेटा) और इकरा (बेटी) का जन्म हुआ। मनयता संजय की मजबूत सहारा रही हैं, खासकर जेल और कैंसर के समय।
संजय ने कहा है कि परिवार उनके लिए सब कुछ है। बहनों नम्रता और प्रिया से उनका रिश्ता बहुत करीबी है। प्रिया राजनीति में सक्रिय रहीं।
2000 के दशक: मुन्ना भाई और नई शुरुआत (2000s: Munna Bhai and Revival)—
जेल से छूटने के बाद संजय ने 'मुन्ना भाई एम.बी.बी.एस.' (2003) से कमबैक किया। राजकुमार हिरानी की इस कॉमेडी में उन्होंने एक गैंगस्टर की भूमिका निभाई जो मेडिकल कॉलेज जाता है। फिल्म सुपरहिट रही और संजय को फिल्मफेयर बेस्ट कॉमिक रोल अवॉर्ड मिला। सीक्वल 'लगे रहो मुन्ना भाई' (2006) में गांधी जी के सिद्धांतों पर आधारित कहानी ने उन्हें और लोकप्रिय बनाया।
इस दशक में 'वास्तव', 'कांटे', 'परिणीता' (2005) जैसी फिल्में आईं। उन्होंने एक्शन और कॉमेडी दोनों में सफलता पाई।
2010 के दशक: जेल, वापसी और नई फिल्में (2010s: Jail, Comeback)
2013 में सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई ब्लास्ट मामले में 5 साल की सजा सुनाई। संजय ने येरवाडा जेल (पुणे) में समय बिताया। 2016 में वे पूरी तरह रिहा हुए। जेल में उन्होंने किताबें पढ़ीं, योग किया और खुद को सुधारा।
रिहाई के बाद 'बागी' (2016), 'ट्यूबलाइट' (2017), 'संजू' (2018) जैसी फिल्में आईं। 'संजू' उनकी खुद की बायोपिक थी, जिसमें रणबीर कपूर ने उन्हें प्ले किया। फिल्म हिट रही।
स्वास्थ्य संघर्ष: कैंसर से लड़ाई (Health Battle: Cancer Fight)—
2020 में संजय दत्त को स्टेज 4 लंग कैंसर (नॉन-स्मॉल सेल लंग कैंसर) का पता चला। सांस फूलने और कमर दर्द जैसे लक्षणों के बाद डायग्नोसिस हुआ। उन्होंने कहा कि डायग्नोसिस सुनकर वे 2-3 घंटे रोए, परिवार के बारे में सोचकर।
इलाज मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में हुआ। कीमोथेरेपी और इम्यूनोथेरेपी ली। अमेरिका जाने की कोशिश की लेकिन वीजा नहीं मिला, इसलिए भारत में ही इलाज कराया। इलाज के दौरान भी वे साइकिलिंग और बैडमिंटन खेलते रहे। राकेश रोशन ने डॉक्टर की सलाह दी।
अक्टूबर 2020 में वे कैंसर फ्री घोषित हुए। उन्होंने कहा कि यह उनके जुड़वां बच्चों के जन्मदिन का सबसे बड़ा गिफ्ट था। इस संघर्ष ने उन्हें और मजबूत बनाया।
हालिया करियर और आने वाली फिल्में (Recent Career and Upcoming Films)—
2020 के बाद संजय ने 'सदक 2' (2020), 'टोरबाज' (2020), 'के.जी.एफ: चैप्टर 2' (2022) में अधीरा का रोल (कन्नड़ फिल्म, लेकिन पैन-इंडिया हिट), 'शमशेरा' (2022), 'जवान' (2023, कैमियो), 'लियो' (2023, तमिल) जैसी फिल्में कीं।
2024 में 'घुड़चढ़ी', 'डबल आईस्मार्ट' (तेलुगु) आईं। 2025-2026 में 'द भूतनी', 'राजा शिवाजी' (अफजल खान का रोल), 'आखरी सवाल', 'वेलकम टू द जंगल' और मुन्ना भाई सीरीज की तीसरी फिल्म की अफवाहें हैं। वे अब एंटागोनिस्ट और पावरफुल रोल्स में ज्यादा नजर आते हैं।
पुरस्कार और सम्मान (Awards and Accolades)—
संजय दत्त को कई पुरस्कार मिले हैं:
फिल्मफेयर अवॉर्ड: बेस्ट एक्टर ('वास्तव', 2000), बेस्ट कॉमिक रोल ('मुन्ना भाई एम.बी.बी.एस.', 2004)।
आईआईएफए अवॉर्ड: दो पुरस्कार।
स्क्रीन अवॉर्ड: तीन (वास्तव, मिशन कश्मीर, लगे रहो मुन्ना भाई)।
स्टारडस्ट, जी सिने, बॉलीवुड मूवी अवॉर्ड्स आदि।
चार फिल्में नेशनल अवॉर्ड जीत चुकी हैं। वे वर्सेटाइल एक्टर के रूप में जाने जाते हैं।
विवाद और आलोचना (Controversies)—
संजय के जीवन में ड्रग्स, हथियार रखने का मुकदमा, अंडरवर्ल्ड से कथित लिंक (जिसे उन्होंने हमेशा नकारा) प्रमुख विवाद रहे। 'खलनायक' फिल्म का प्रमोशन उनके मुकदमे के समय हुआ, जिसे कुछ लोगों ने कैश इन कहा। लेकिन संजय ने कहा कि वे सिर्फ हथियार रखने के लिए दोषी ठहराए गए, ब्लास्ट में नहीं।
वे राजनीति में भी आए। 2009 में समाजवादी पार्टी से लोकसभा चुनाव लड़े लेकिन हार गए। बाद में उन्होंने राजनीति से दूरी बना ली।
विरासत और प्रभाव (Legacy and Impact)—
संजय दत्त की जिंदगी 'संजू' फिल्म की तरह है—गलतियां, सजा, पछतावा और वापसी। वे युवाओं के लिए प्रेरणा हैं कि कितने भी संघर्ष हों, मजबूत इरादे से वापसी की जा सकती है। उनकी बॉडी बिल्डिंग, आवाज और इंटेंस एक्टिंग स्टाइल अनोखी है।
आज वे 66 साल के हैं लेकिन फिटनेस और एनर्जी से भरे हैं। मनयता, बच्चे और परिवार उनके साथ हैं।
धुरंदर (Dhurandhar) – 2025—
रिलीज डेट: 5 दिसंबर 2025 (कुछ स्रोतों में 2025 के अंत में)।
डायरेक्टर: आदित्य धर (Uri: The Surgical Strike के डायरेक्टर)।
मुख्य कलाकार: रणवीर सिंह (लीड रोल), संजय दत्त, अक्षय खन्ना, आर. माधवन, अर्जुन रामपाल, सारा अर्जुन आदि।
संजय दत्त का रोल: SP चौधरी असलम (या जिन्न के नाम से भी जाना जाता है) – एक पावरफुल, इंटेंस पुलिस अधिकारी या एंटागोनिस्ट-टाइप रोल, जिसमें उन्होंने भौंकाली लुक और डायलॉग्स दिए हैं।
जॉनर: इंटेंस रिवेंज एक्शन थ्रिलर। कहानी टेररिज्म, इंटेलिजेंस ऑपरेशन और क्रॉस-बॉर्डर क्रिमिनल नेटवर्क्स पर आधारित है। IC-814 हाइजैकिंग और 2001 संसद हमले जैसे रियल इवेंट्स से इंस्पायर्ड बैकड्रॉप।
प्रदर्शन: फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई की (कुछ रिपोर्ट्स में ₹1622 करोड़ वर्ल्डवाइड तक का जिक्र)। इसे साल की बेस्ट बॉलीवुड फिल्मों में गिना गया। रणवीर सिंह की एक्टिंग, एक्शन और सस्पेंस की तारीफ हुई, जबकि संजय दत्त के रोल को मिक्स्ड रिव्यूज मिले – कुछ ने इसे अंडररेटिंग कहा, कुछ ने स्वैग भरा बताया।
विवाद: संजय दत्त के एक डायलॉग को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद फिल्म का रिवाइज्ड कट रिलीज किया गया।
फिल्म की कहानी एक टूटे हुए आदमी की रिवेंज जर्नी है, जो टेरर सपोर्टिंग नेटवर्क्स को तोड़ने के लिए खतरनाक दुनिया में उतरता है। संजय दत्त का किरदार इसमें मजबूत सपोर्टिंग/एंटागोनिस्ट रोल में है, जो उनकी हालिया फिल्मों (जैसे KGF Chapter 2, Jawan, Leo) में पावरफुल विलेन/ऑथोरिटेटिव इमेज से मैच करता है।
धुरंदर: द रिवेंज (Dhurandhar The Revenge) – 2026—
रिलीज डेट: 19 मार्च 2026 (कुछ अपडेट्स में 2026 की शुरुआत)।
डायरेक्टर: आदित्य धर (सीक्वल भी उन्हीं का)।
मुख्य कलाकार: रणवीर सिंह, संजय दत्त, अक्षय खन्ना, अर्जुन रामपाल, आर. माधवन आदि (मुख्य कास्ट लगभग वही)।
संजय दत्त का रोल: पिछले भाग से जारी – SP असलम/जिन्न का किरदार और गहरा।
जॉनर: एक्शन, थ्रिलर, रिवेंज – पहले भाग की कहानी को आगे बढ़ाते हुए जास्किरत सिंह रंगी (रणवीर सिंह) की जर्नी और गहरे कनेक्शन्स दिखाए गए हैं।
स्टेटस: फिल्म की शूटिंग/पोस्ट-प्रोडक्शन चल रहा है या पूरा हो चुका है। Dhurandhar के सक्सेस के बाद इस सीक्वल की बहुत उम्मीदें हैं।
यह फ्रैंचाइजी संजय दत्त को फिर से बड़े स्केल एक्शन थ्रिलर में दिखा रही है, जहां वे अपनी इंटेंस स्क्रीन प्रेजेंस और आवाज से दमदार रोल निभा रहे हैं।
संजय दत्त की अन्य महत्वपूर्ण फिल्में (संक्षिप्त लिस्ट – अगर धुरंदर के साथ तुलना चाहिए)
संजय दत्त ने 180+ फिल्में की हैं। कुछ हिट/आइकॉनिक फिल्में जो धुरंदर जैसे एक्शन/इंटेंस रोल से जुड़ती हैं:
क्लासिक एक्शन/ड्रामा: Khalnayak (1993), Saajan (1991), Vaastav: The Reality (1999 – फिल्मफेयर बेस्ट एक्टर), Sadak (1991), Mission Kashmir (2000)।
कॉमेडी आइकॉन: Munna Bhai M.B.B.S. (2003), Lage Raho Munna Bhai (2006)।
हालिया हिट्स: K.G.F: Chapter 2 (2022 – अधीरा का रोल, पैन-इंडिया ब्लॉकबस्टर), Jawan (2023 – कैमियो), Leo (2023 – तमिल), Double iSmart (2024 – तेलुगु)।
अन्य 2025-2026 अपकमिंग: The Bhootnii (2025), Housefull 5 (2025), Baaghi 4 (2025), The Raja Saab (2026), Raja Shivaji (2026 – अफजल खान का रोल), Aakhri Sawal (2026 – प्रोड्यूसर भी), Welcome To The Jungle (2026), Ranger (2026) आदि।
संजय दत्त के बारे में 50 रोचक जानकारियां—
संजय दत्त का जन्म 29 जुलाई 1959 को मुंबई में हुआ। उनका पूरा नाम संजय बलराज दत्त है।
उनके नाम 'संजय' का सुझाव फिल्म मैगजीन शमा के पाठकों से आया था। उनके माता-पिता ने अखबार में नाम मांगा था और नर्गिस को 'संजय' नाम सबसे ज्यादा पसंद आया।
वे हुसैनी ब्राह्मण समुदाय से ताल्लुक रखते हैं, जो हिंदू-मुस्लिम सिंक्रेटिक कल्चर का प्रतीक है। उनके पिता सुनील दत्त पंजाबी हिंदू थे और मां नर्गिस मुस्लिम।
बचपन में संजय को जूनियर प्रेस्ली कहा जाता था क्योंकि वे एल्विस प्रेस्ली की तरह बाल कटवाते थे और रॉक म्यूजिक पसंद करते थे।
उनकी मां नर्गिस का 3 मई 1981 को पैंक्रियाटिक कैंसर से निधन हुआ, ठीक उनकी पहली फिल्म रॉकी रिलीज होने से कुछ दिन पहले।
बचपन में संजय को डकैतों ने मुजे जीने दो फिल्म की शूटिंग के दौरान अगवा कर लिया था।
वे अर्नोल्ड श्वार्जनेगर के बड़े फैन हैं और उनकी बॉडी बिल्डिंग से काफी इंस्पायर्ड हैं।
संजय दत्त बचपन में 6 साल की उम्र में सिगरेट पीने लगे। पिता सुनील दत्त ने उन्हें ट्राई करने दिया, लेकिन वे जल्दी ही लत के शिकार हो गए।
उनकी पहली फिल्म रॉकी (1981) उनके पिता सुनील दत्त ने डायरेक्ट की थी।
डेब्यू फिल्म की शूटिंग के दौरान वे इतने ड्रग एडिक्टेड थे कि कश्मीर शूटिंग के लिए 1 किलो हेरोइन जूतों में छिपाकर ले गए थे।
वे टेबला के अच्छे प्लेयर हैं और अमेरिका के एक कॉन्सर्ट में बेस्ट एयर गिटारिस्ट का गोल्ड मेडल जीत चुके हैं।
संजय दत्त के शरीर पर कई टैटू हैं – मां नर्गिस का नाम उर्दू में छाती पर, पिता सुनील दत्त का देवनागरी में, भगवान शिव, ड्रैगन, जापानी में 'Honour', तिब्बती श्लोक आदि।
उनकी पहली पत्नी ऋचा शर्मा से शादी 1987 में हुई। 1988 में बेटी त्रिशला का जन्म हुआ, लेकिन ऋचा 1996 में ब्रेन ट्यूमर से चल बसीं।
दूसरी शादी रिया पिल्लई से 1998 में हुई, जो 2005-2008 के आसपास टूट गई।
तीसरी शादी मनयता दत्त (दिलनवाज शेख) से 2008 में हुई। 2010 में जुड़वां बच्चे शाहराान (बेटा) और इकरा (बेटी) का जन्म हुआ।
1993 मुंबई ब्लास्ट मामले में AK-56 राइफल रखने के आरोप में वे TADA एक्ट के तहत गिरफ्तार हुए और कुल 18 महीने से ज्यादा जेल में रहे।
जेल में 2013-2016 के दौरान उन्हें पेपर बैग बनाने का काम सौंपा गया था, जिसके लिए रोज ₹50 मिलते थे।
जेल से रिहा होने पर उनके कुल कमाए पैसे ₹30,000 से ज्यादा थे, लेकिन कैंटीन पर खर्च करने के बाद सिर्फ ₹450 बचे, जो उन्होंने मनयता को दिए।
फिल्म वास्तव: द रियलिटी (1999) के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट एक्टर अवॉर्ड मिला।
मुन्ना भाई एम.बी.बी.एस. (2003) के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट कॉमिक रोल अवॉर्ड मिला।
वे स्कूबा डाइविंग के सर्टिफाइड हैं और फिल्म ब्लू में अंडरवाटर एक्शन सीन खुद किए थे।
नाइजीरिया के फैंस उन्हें डैन डाबा माई लासिन (Hooligan With a License) कहकर बुलाते हैं।
संजय दत्त लॉर्ड शिव के भक्त हैं और सभी धर्मों का सम्मान करते हैं।
उन्होंने बिग बॉस सीजन 5 को सलमान खान के साथ होस्ट किया था।
फिल्म खलनायक (1993) का 'ये है खलनायक' गाना आज भी उनके आइकॉनिक डांस के लिए याद किया जाता है।
2020 में उन्हें स्टेज 4 लंग कैंसर (नॉन-स्मॉल सेल) का पता चला। डायग्नोसिस सुनकर वे 2-3 घंटे रोए और परिवार के बारे में सोचकर घबराए।
अमेरिका जाने के लिए वीजा नहीं मिला, इसलिए भारत में ही कोकिलाबेन अस्पताल में कीमोथेरेपी और इम्यूनोथेरेपी ली।
कैंसर ट्रीटमेंट के दौरान भी वे रोज साइकिलिंग करते और कीमो के बाद बैडमिंटन खेलते थे। राकेश रोशन ने डॉक्टर की सलाह दी थी।
अक्टूबर 2020 में वे कैंसर फ्री घोषित हुए और इसे जुड़वां बच्चों के जन्मदिन का सबसे बड़ा गिफ्ट बताया।
उनकी पहली ऑन-स्क्रीन अपीयरेंस 12 साल की उम्र में जालिम मेरी शराब में कव्वाली में बैकग्राउंड में हुई थी।
वे सबसे पहले सबहाष घई की फिल्म हीरो और लम्हे के लिए चुने गए थे, लेकिन ड्रग एडिक्शन की वजह से रोल छूट गए।
जेल में रहते हुए उन्होंने कई किताबें पढ़ीं और खुद को सुधारा।
संजय दत्त ने 308 महिलाओं के साथ संबंध होने का खुलासा 'संजू' फिल्म में किया (फिल्म के अनुसार)।
उनकी बहन प्रिया दत्त राजनीति में सक्रिय रहीं और कांग्रेस से जुड़ी हैं।
बचपन में पिता के पार्टी में वे सिगरेट के बट्टे से अधूरी सिगरेट निकालकर पीने लगे थे।
वे के.जी.एफ: चैप्टर 2 (2022) में अधीरा के रोल में पैन-इंडिया हिट रहे।
2025 में धुरंदर फिल्म में उन्होंने SP चौधरी असलम (The Jinn) का पावरफुल रोल किया, जो रियल पाकिस्तानी पुलिस ऑफिसर पर आधारित है।
असली SP असलम संजय दत्त के बड़े फैन थे और लोग उन्हें 'बाबा कॉप' कहते थे – ये आयरनी फैंस को बहुत पसंद आई।
वे 180 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके हैं और एक्शन, कॉमेडी, ड्रामा सभी जॉनर में सफल रहे।
संजय दत्त रेंजर, वेलकम टू द जंगल, राजा शिवाजी (अफजल खान का रोल), आखरी सवाल जैसी कई फिल्मों में 2026 में नजर आने वाले हैं।
उन्होंने कभी कहा कि मां की मौत के बाद वे 4 दिन लगातार रोए थे, जब उनकी आवाज पहली बार सुनी।
जेल से बाहर आने के बाद वे योग और फिटनेस पर ज्यादा फोकस करते हैं।
वे मुन्ना भाई सीरीज की तीसरी फिल्म की उम्मीद रखते हैं।
संजय दत्त ने राजनीति में भी हाथ आजमाया – 2009 में समाजवादी पार्टी से लोकसभा चुनाव लड़े लेकिन हार गए।
वे संजू फिल्म (2018) में रणबीर कपूर ने उनके रोल को प्ले किया, जो उनकी बायोपिक थी।
कैंसर के बाद वे 50 पुश-अप्स एक बार में करने लगे और फिटनेस लेवल पहले जैसा लाने की कोशिश कर रहे हैं।
उनकी मां नर्गिस जद्दनबाई की बेटी थीं, जो शुरुआती महिला म्यूजिक कंपोजर थीं।
संजय दत्त की जिंदगी को 'संजू' फिल्म ने काफी करीब से दिखाया, लेकिन कई डार्क सीक्रेट्स अभी भी अनकहे हैं।
वे हमेशा कहते हैं कि परिवार (मनयता, बच्चे और बहनें) ही उनका सबसे बड़ा सहारा है।
संजय दत्त की सबसे बड़ी खासियत उनकी रिजिलिएंस है – ड्रग्स, जेल, पत्नी की मौत, कैंसर जैसे कई झटकों के बाद भी वे हर बार मजबूत होकर वापसी करते हैं। आज 66 साल की उम्र में भी वे बॉलीवुड में एक्टिव और एनर्जेटिक हैं!
FAQ Frequently Asked Questions—
संजय दत्त का पूरा नाम क्या है?
संजय बलराज दत्त (Sanjay Balraj Dutt)।
संजय दत्त की उम्र कितनी है (2026 में)?
66-67 साल (जन्म: 29 जुलाई 1959)।
संजय दत्त का जन्म कहाँ हुआ था?
मुंबई (तब बॉम्बे), महाराष्ट्र, भारत।
संजय दत्त के माता-पिता कौन हैं?
पिता: सुनील दत्त (अभिनेता और राजनीतिज्ञ), मां: नर्गिस (प्रसिद्ध अभिनेत्री)।
संजय दत्त की बहनें कौन हैं?
नम्रता दत्त और प्रिया दत्त।
संजय दत्त की पहली फिल्म कौन सी है?
रॉकी (1981), जिसे उनके पिता सुनील दत्त ने डायरेक्ट किया था।
संजय दत्त का बचपन का नाम क्या था?
बचपन में उन्हें "जूनियर प्रेस्ली" कहा जाता था क्योंकि वे एल्विस प्रेस्ली की तरह बाल कटवाते थे।
संजय दत्त की मां की मौत कब हुई?
3 मई 1981 को पैंक्रियाटिक कैंसर से, ठीक रॉकी रिलीज से पहले।
संजय दत्त की कितनी शादियां हुई हैं?
तीन: पहली ऋचा शर्मा से (1987-1996), दूसरी रिया पिल्लई से (1998-2005), तीसरी मनयता दत्त से (2008-वर्तमान)।
संजय दत्त के कितने बच्चे हैं?
तीन: बेटी त्रिशला (पहली पत्नी से), जुड़वां बेटा शाहराान और बेटी इकरा (मनयता से, 2010 में जन्म)।
संजय दत्त की पहली पत्नी की मौत कैसे हुई?
ऋचा शर्मा ब्रेन ट्यूमर से 1996 में चल बसीं।
संजय दत्त का सबसे पॉपुलर किरदार कौन सा है?
मुन्ना भाई (मुन्ना भाई एम.बी.बी.एस. और लगे रहो मुन्ना भाई)।
संजय दत्त को कौन से अवॉर्ड मिले हैं?
फिल्मफेयर बेस्ट एक्टर (वास्तव), बेस्ट कॉमिक रोल (मुन्ना भाई एम.बी.बी.एस.) और कई अन्य।
1993 मुंबई ब्लास्ट मामले में क्या हुआ?
AK-56 राइफल रखने के आरोप में गिरफ्तार हुए, TADA एक्ट के तहत मुकदमा चला।
संजय दत्त को कितनी जेल हुई?
कुल 18 महीने से ज्यादा (1994-95 और 2013-2016)। सुप्रीम कोर्ट ने 5 साल की सजा सुनाई थी।
संजय दत्त जेल में क्या काम करते थे?
पेपर बैग बनाते थे और रोज ₹50 मिलते थे।
संजय दत्त ने राजनीति में कब और किस पार्टी से चुनाव लड़ा?
2009 में समाजवादी पार्टी से लोकसभा चुनाव, लेकिन हार गए।
संजय दत्त की सबसे बड़ी हिट फिल्में कौन सी हैं?
खलनायक, वास्तव, साजन, मुन्ना भाई सीरीज, के.जी.एफ: चैप्टर 2, धुरंदर (2025) और धुरंदर: द रिवेंज (2026)।
संजय दत्त को कैंसर कब हुआ?
2020 में स्टेज 4 लंग कैंसर (नॉन-स्मॉल सेल)।
कैंसर डायग्नोसिस सुनकर संजय दत्त ने क्या किया?
2-3 घंटे रोए, परिवार के बारे में सोचकर, लेकिन फिर लड़ने का फैसला किया।
संजय दत्त ने कैंसर का इलाज कहाँ कराया?
भारत में कोकिलाबेन अस्पताल में (अमेरिका वीजा नहीं मिला)। कीमोथेरेपी और इम्यूनोथेरेपी ली।
कैंसर के दौरान संजय दत्त क्या करते थे?
कीमो के बाद साइकिलिंग और बैडमिंटन खेलते थे। राकेश रोशन ने डॉक्टर की सलाह दी।
संजय दत्त कब कैंसर फ्री हुए?
अक्टूबर 2020 में।
संजय दत्त की बॉडी पर कितने टैटू हैं?
कई – मां नर्गिस का नाम उर्दू में, पिता का देवनागरी में, शिव, ड्रैगन आदि।
संजय दत्त का निकनेम क्या है?
संजू बाबा, मुन्ना भाई, डेडली दत्त।
संजय दत्त की ऊंचाई कितनी है?
लगभग 5 फीट 11 इंच (1.81 मीटर)।
संजय दत्त ने कितनी फिल्मों में काम किया है?
180 से ज्यादा फिल्में।
संजय दत्त की पहली बच्ची का नाम क्या है?
त्रिशला दत्त (अब अमेरिका में रहती हैं)।
मनयता दत्त का असली नाम क्या है?
दिलनवाज शेख।
संजय दत्त ने 'संजू' फिल्म में कितनी महिलाओं का जिक्र किया?
फिल्म के अनुसार 308 (बायोपिक में)।
संजय दत्त का सबसे विवादित रोल कौन सा था?
खलनायक (1993) – फिल्म प्रमोशन के समय मुकदमा चल रहा था।
धुरंदर फिल्म में संजय दत्त का रोल क्या था?
SP चौधरी असलम (The Jinn) – रियल पाकिस्तानी पुलिस ऑफिसर पर आधारित।
धुरंदर: द रिवेंज (2026) में संजय दत्त का प्रदर्शन कैसा रहा?
पहले से बेहतर, पंची डायलॉग्स और इंटेंस परफॉर्मेंस की तारीफ हुई।
2026 में संजय दत्त की कौन सी फिल्में रिलीज हुईं/हो रही हैं?
धुरंदर: द रिवेंज, द राजा साहब (तेलुगु), राजा शिवाजी (अफजल खान का रोल), आखरी सवाल (15 मई 2026), और अन्य जैसे बैप, केडी: द डेविल आदि।
संजय दत्त का धर्म क्या है?
हिंदू (हुसैनी ब्राह्मण समुदाय), लेकिन सभी धर्मों का सम्मान करते हैं।
संजय दत्त को स्कूबा डाइविंग का सर्टिफिकेट है?
हाँ, फिल्म ब्लू में अंडरवाटर सीन खुद किए थे।
संजय दत्त ने बिग बॉस होस्ट किया था?
हाँ, सलमान खान के साथ सीजन 5 में।
संजय दत्त का बचपन का शौक क्या था?
रॉक म्यूजिक, टेबला बजाना और एयर गिटार (अमेरिका में गोल्ड मेडल जीता)।
संजय दत्त ने ड्रग एडिक्शन कब से शुरू की?
बचपन में 6 साल की उम्र से सिगरेट, बाद में भारी ड्रग्स।
संजय दत्त अमेरिका में रिहैब सेंटर में कब गए?
1982 के बाद, दो साल बिताए।
संजय दत्त की सबसे पहली चाइल्ड आर्टिस्ट अपीयरेंस कब हुई?
रेशमा और शेरा (1972) में छोटी भूमिका।
संजय दत्त ने सुपर फाइट लीग शुरू की थी?
हाँ, 2012 में राज कुंद्रा के साथ (मार्शल आर्ट्स लीग)।
संजय दत्त की जेल से रिहाई के बाद पहली फिल्म कौन सी थी?
मुन्ना भाई एम.बी.बी.एस. (2003) से कमबैक।
संजय दत्त का सबसे बड़ा संघर्ष क्या रहा?
ड्रग एडिक्शन, जेल, पत्नी की मौत और कैंसर।
संजय दत्त की सबसे बड़ी ताकत क्या है?
रिजिलिएंस – हर मुश्किल के बाद मजबूत वापसी।
संजय दत्त की मां नर्गिस का असली नाम क्या था?
फातिमा राशिद (जद्दनबाई की बेटी)।
संजय दत्त ने 'संजू' बायोपिक में खुद को कैसे देखा?
रणबीर कपूर ने उनका रोल प्ले किया, फिल्म हिट रही।
संजय दत्त अभी किस फिटनेस रूटीन पर हैं?
योग, साइकिलिंग और पुश-अप्स – कैंसर के बाद भी फिट रहने की कोशिश।
संजय दत्त की मुन्ना भाई सीरीज की तीसरी फिल्म कब आएगी?
अफवाहें हैं, लेकिन अभी कोई ऑफिशियल कन्फर्मेशन नहीं (2026 तक)।
संजय दत्त की जिंदगी का सबसे बड़ा सबक क्या है?
गलतियां करने के बाद भी पछतावा, सुधार और मजबूत इरादे से वापसी की जा सकती है। परिवार और फैंस का सपोर्ट सबसे महत्वपूर्ण है।