हिमन्त विश्व शर्मा
(मामा (Mama))
| जन्म तिथि | 01 February 1969 |
| उम्र | 57 वर्ष (2026 में) |
| राशि | कुंभ राशि (Aquarius) |
| जन्म स्थान | जोरहाट, असम, भारत |
| निवास स्थान | गुवाहाटी, असम (Guwahati, Assam) |
| पिता | कैलाश नाथ शर्मा |
| माता | मृणालिनी देवी |
| भाई | कुल 7 भाई-बहन (हिमंत सहित)। |
| कद | 5 फीट 7 इंच (170 cm) |
| वजन | 75 किलोग्राम (लगभग) |
| वैवाहिक हि. | विवाहित |
| जीवनसंगी | रिनिकी भुयान शर्मा |
| बच्चे | बेटी का नाम – सुकन्या शर्मा बेटे का नाम – नंदील विश्व शर्मा |
| शिक्षा | कामरूप एकेडमी स्कूल (Kamrup Academy School), गुवाहाटी |
| कॉलेज | कॉटन कॉलेज (अब कॉटन यूनिवर्सिटी), गुवाहाटी |
| विश्वविद्यालय | PhD: गुवाहाटी विश्वविद्यालय (Gauhati University) |
| पेशा | 2021 को असम के मुख्यमंत्री |
| रुचियाँ | पढ़ने के शौकीन: राजनीति, अर्थव्यवस्था और साहित्य पढ़ना पसंद। |
| राष्ट्रीयता | भारतीय |
| धर्म | हिंदू |
| नेट वर्थ | ₹35.16 करोड़ (2021 में ₹17.27 करोड़ थी — लगभग दोगुनी)। |
हिमन्त विश्व शर्मा जीवनी––
हिमन्त विश्व शर्मा का जन्म 1 फरवरी 1969 को जोरहाट, असम में हुआ था। वे वर्तमान में असम राज्य के 15वें मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने 10 मई 2021 को शपथ ली। वे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रमुख नेता हैं और असम विधानसभा के जालुकबारी निर्वाचन क्षेत्र से लगातार छह बार विधायक चुने गए हैं। एक वकील, छात्र नेता, प्रशासक और रणनीतिकार के रूप में उनकी यात्रा असम की राजनीति में एक महत्वपूर्ण अध्याय है।
प्रारंभिक जीवन और परिवार पृष्ठभूमि––
हिमन्त विश्व शर्मा का जन्म जोरहाट के मिशन अस्पताल में हुआ। उनके पिता कैलाश नाथ सरमा एक प्रसिद्ध असमिया कवि, उपन्यासकार और साहित्यकार थे, जबकि मां मृणालिनी देवी साहित्य सभा से जुड़ी साहित्यिक कार्यकर्ता थीं। परिवार में कुल सात बच्चे थे (हिमंत सहित)। बाद में परिवार गुवाहाटी के उलुबाड़ी, गांधीबस्ती इलाके में शिफ्ट हो गया। सरमा परिवार असमिया ब्राह्मण समुदाय से है, जिसकी जड़ें नलबाड़ी जिले के लतीमा गांव में हैं।
बचपन से ही साहित्य, संस्कृति और सामाजिक जागरूकता का माहौल उन्हें मिला। पिता की कविताएं और मां की साहित्यिक गतिविधियां उनके व्यक्तित्व को आकार देने में महत्वपूर्ण रहीं। असम के उस दौर में, जब ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (AASU) का विदेशी नागरिकों के खिलाफ आंदोलन जोरों पर था, युवा हिमंत भी प्रभावित हुए। उन्होंने AASU के साथ छात्र कार्यकर्ता के रूप में शुरुआत की, जहां उन्होंने घास की जड़ स्तर पर संगठन और जन-संपर्क सीखा। यह अनुभव उनकी बाद की राजनीतिक रणनीतियों की नींव बना।
परिवार की साहित्यिक विरासत ने उन्हें भाषा, संस्कृति और असमिया पहचान (जातीयतावाद) के प्रति गहरी लगाव दिया। वे खुद को "मामा" (मातृ पक्षीय चाचा) कहलवाना पसंद करते हैं, खासकर युवाओं के बीच, जो उनकी लोकप्रियता का प्रतीक है। उनके परिवार में राजनीति की कोई परंपरा नहीं थी, फिर भी वे राजनीति में आए, जो उनकी महत्वाकांक्षा और मेहनत का परिणाम था।
शिक्षा और छात्र जीवन––
हिमन्त विश्व शर्मा की शिक्षा गुवाहाटी के कामरूप एकेडमी स्कूल से हुई, जहां उन्होंने 1985 में सीनियर सेकेंडरी परीक्षा पास की। इसके बाद उन्होंने कॉटन कॉलेज (अब कॉटन यूनिवर्सिटी), गुवाहाटी में दाखिला लिया। 1990 में उन्होंने राजनीति शास्त्र में स्नातक (BA) और 1992 में स्नातकोत्तर (MA) पूरा किया। कॉटन कॉलेज में वे तीन बार (1988-89, 1989-90, 1991-92) स्टूडेंट्स यूनियन के महासचिव चुने गए। यह उनके नेतृत्व कौशल का पहला प्रमाण था।
1995 में उन्होंने गुवाहाटी के गवर्नमेंट लॉ कॉलेज से LLB की डिग्री हासिल की। 1996 से 2001 तक वे गुवाहाटी हाईकोर्ट में वकील के रूप में प्रैक्टिस करते रहे। 2006 में गुवाहाटी विश्वविद्यालय से उन्होंने राजनीति शास्त्र में PhD पूरा किया। उनका शोध प्रबंध "North Eastern Council: A structural and functional analysis" पर था।
छात्र जीवन में AASU के साथ जुड़ाव ने उन्हें असम की समस्याओं – अवैध घुसपैठ, संस्कृति संरक्षण, विकास आदि – की गहरी समझ दी। कॉटन कॉलेज उनके लिए सिर्फ शिक्षा केंद्र नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रशिक्षण का मैदान था। वे असम के सातवें मुख्यमंत्री हैं जो कॉटन यूनिवर्सिटी से जुड़े हैं। उनकी शिक्षा ने उन्हें बौद्धिक गहराई, कानूनी ज्ञान और प्रशासनिक कौशल प्रदान किया, जो बाद में मंत्री और मुख्यमंत्री के रूप में काम आया।
पारिवारिक जीवन––
7 जून 2001 को हिमन्त विश्व शर्मा ने रिनिकी भुयान सरमा से विवाह किया। रिनिकी मीडिया उद्यमी हैं और प्राइड ईस्ट एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड की चेयरपर्सन हैं। दंपति के दो बच्चे हैं – बेटा नंदील बिस्वा सरमा (दून स्कूल में पढ़ाई) और बेटी सुकन्या सरमा (मेयो कॉलेज गर्ल्स स्कूल)। परिवार गुवाहाटी में रहता है।
हिमंत का परिवार उनकी राजनीतिक सफलता का मजबूत सहारा रहा है। रिनिकी की मीडिया पृष्ठभूमि ने जन-संपर्क में मदद की। वे व्यस्त राजनीतिक जीवन के बावजूद परिवार को समय देते हैं, हालांकि सार्वजनिक जीवन में निजी जीवन को कम ही साझा करते हैं।
राजनीतिक करियर: कांग्रेस काल (2001-2015)––
हिमंत की राजनीतिक शुरुआत AASU से हुई। 2001 में वे कांग्रेस टिकट पर जालुकबारी से विधायक चुने गए, जहां उन्होंने असोम गण परिषद के भृगु कुमार फुकन को हराया। यह उनकी पहली बड़ी जीत थी। Tarun Gogoi सरकार में उन्हें राज्य मंत्री बनाया गया – कृषि, योजना एवं विकास। बाद में वित्त, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि महत्वपूर्ण विभाग मिले।
मंत्री के रूप में उपलब्धियां (कांग्रेस काल):––
स्वास्थ्य विभाग: जोरहाट, बरपेटा, तेजपुर में तीन मेडिकल कॉलेज बनवाए। पांच और (दिफू, नागांव, धुबरी आदि) की नींव रखी। COVID-19 से पहले तैयारी पर जोर दिया ("Prepare, prepare, and overprepare")।
शिक्षा विभाग: TET (Teacher Eligibility Test) लागू कर शिक्षक भर्ती में पारदर्शिता लाई। 50,000 से ज्यादा शिक्षकों की नियुक्ति।
वित्त और योजना: राज्य की वित्तीय स्थिति सुधारने में योगदान। विकास योजनाओं को गति दी।
2011 चुनाव में वे कांग्रेस की बड़ी जीत के आर्किटेक्ट रहे।
वे Tarun Gogoi के करीबी माने जाते थे, लेकिन "परिवार केंद्रित राजनीति" के आरोप लगाते हुए 2014 में इस्तीफा दे दिया। 15 सितंबर 2015 को विधायक पद से इस्तीफा दिया।
भाजपा में शामिल होना और उदय (2015 के बाद)––
23 अगस्त 2015 को अमित शाह के घर दिल्ली में भाजपा जॉइन की। उन्हें नॉर्थ-ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस (NEDA) का कन्वीनर बनाया गया। 2016 चुनाव में जालुकबारी से चौथी बार जीते और Sarbananda Sonowal सरकार में वित्त, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसे विभाग संभाले।
NEDA कन्वीनर के रूप में उन्होंने पूर्वोत्तर में भाजपा का विस्तार किया – अरुणाचल, मणिपुर, त्रिपुरा, मेघालय आदि में गठबंधन। 2021 में Sonowal के बाद वे असम के मुख्यमंत्री बने। 2026 चुनाव में भाजपा गठबंधन की जीत के साथ दूसरी बार CM बने।
मुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल (2021 से अब तक)––
हिमन्त विश्व शर्मा के नेतृत्व में असम तेजी से बदल रहा है। प्रमुख उपलब्धियां:
आर्थिक विकास: RBI डेटा के अनुसार 2020-2025 में असम भारत का सबसे तेज बढ़ने वाला राज्य (GSDP 45% वृद्धि)। प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि। निवेश सम्मेलनों में हजारों करोड़ के MoU। टाटा सेमीकंडक्टर प्लांट (जगीरोड) जैसी बड़ी परियोजनाएं।
कल्याण योजनाएं:––
ओरुनोदोई: गरीब महिलाओं को मासिक वित्तीय सहायता।
मिशन बसुंधरा: भूमि अधिकार।
महिलाओं, युवाओं, चाय बागान मजदूरों के लिए योजनाएं।
स्वास्थ्य, शिक्षा में सुधार – मेडिकल कॉलेज, स्कूलों में डिजिटल क्लासरूम।
इंफ्रास्ट्रक्चर: सड़कें, पुल, एयरपोर्ट, स्मार्ट सिटी। ब्रह्मपुत्र पर नए पुल।
सांस्कृतिक संरक्षण: अहोम राजवंश के मोइदाम्स को यूनेस्को विश्व धरोहर। असमिया भाषा, संस्कृति, चाय समुदाय का मुख्यधारा में समावेश।
कानून व्यवस्था: अपराध दर में कमी, ड्रग्स जब्ती, अवैध घुसपैठ पर सख्ती।
खेल प्रशासन: बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष। असम क्रिकेट एसोसिएशन से जुड़े।
वे असम को "इमर्जिंग स्टेट" बनाने पर जोर देते हैं – सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी, पर्यटन में निवेश।
नीतियां और दृष्टिकोण––
हिमन्त विश्व शर्माअसमिया जातीयतावाद (जातीयतावाद) और हिंदुत्व को जोड़कर राजनीति करते हैं। वे अवैध घुसपैठ रोकने, परिवार नियोजन, मदरसों का आधुनिकीकरण, भूमि सुरक्षा पर सक्रिय हैं। उनकी सरकार ने मदरसों को पब्लिक स्कूलों में बदलने, अवैध निर्माण हटाने जैसे कदम उठाए। सीमा विवाद (मिजोरम आदि) पर मजबूत रुख।
आलोचक उन्हें विभाजनकारी बताते हैं, जबकि समर्थक विकास पुरुष और मजबूत नेता मानते हैं। वे डिजिटल मीडिया, सोशल मीडिया पर सक्रिय रहकर युवाओं से जुड़ते हैं।
चुनौतियां और विवाद––
कांग्रेस छोड़ने का फैसला।
सीमा विवाद (मिजोरम 2021)।
अल्पसंख्यक मुद्दे, बेदखली अभियान।
COVID प्रबंधन में शुरुआती टिप्पणियां।
राजनीतिक विरोधियों से टकराव।
फिर भी, उनकी लोकप्रियता युवा वोट, विकास कार्यों और मजबूत इमेज पर टिकी है।
विरासत और भविष्य––
हिमन्त विश्व शर्मा असम की राजनीति को बदलने वाले नेता हैं। कांग्रेस से भाजपा तक सफर, पूर्वोत्तर में भाजपा विस्तार, विकास मॉडल – ये उनकी पहचान हैं। वे असम को आत्मनिर्भर, शांतिपूर्ण और समृद्ध बनाने का सपना देखते हैं।
उनकी जीवनी प्रेरणा देती है कि मेहनत, रणनीति और जन-सेवा से कोई भी ऊंचाई हासिल की जा सकती है। असम के इतिहास में वे एक महत्वपूर्ण व्यक्तित्व बन चुके हैं।
हिमन्त विश्व शर्मा की 50 रोचक जानकारियां––
- हिमन्त विश्व शर्मा का जन्म 1 फरवरी 1969 को जोरहाट, असम के मिशन अस्पताल में हुआ था।
- वे असम के 15वें मुख्यमंत्री हैं और 10 मई 2021 को पहली बार शपथ ली।
- उनके पिता कैलाश नाथ सरमा प्रसिद्ध असमिया कवि और उपन्यासकार थे।
- मां मृणालिनी देवी असम साहित्य सभा से जुड़ी साहित्यिक कार्यकर्ता रही हैं।
- परिवार में कुल सात भाई-बहन थे।
- बचपन में वे 1984 की असमिया फिल्म कोकादेउता, नाती आरु हाती में चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में काम कर चुके हैं।
- उन्होंने गुवाहाटी के कामरूप एकेडमी स्कूल से 1985 में सीनियर सेकेंडरी पास की।
- कॉटन कॉलेज से राजनीति शास्त्र में BA (1990) और MA (1992) किया।
- कॉटन कॉलेज स्टूडेंट्स यूनियन के तीन बार महासचिव चुने गए।
- गुवाहाटी लॉ कॉलेज से LLB (1995) और गुवाहाटी यूनिवर्सिटी से PhD (2006) पूरी की।
- PhD का विषय था – “North Eastern Council: A structural and functional analysis”।
- 1996 से 2001 तक गुवाहाटी हाईकोर्ट में वकील के रूप में प्रैक्टिस की।
- 2001 में कांग्रेस टिकट पर जालुकबारी से पहली बार विधायक बने।
- वे जालुकबारी से लगातार 6 बार विधायक चुने गए हैं (2001 से अब तक)।
- उन्हें युवा “मामा” (मातृ पक्षीय चाचा) कहकर पुकारते हैं।
- 7 जून 2001 को रिनिकी भुयान सरमा से शादी की।
- पत्नी रिनिकी मीडिया कंपनी प्राइड ईस्ट एंटरटेनमेंट की चेयरपर्सन हैं।
- बेटे का नाम नंदील बिस्वा सरमा (दून स्कूल पढ़ाई) और बेटी सुकन्या सरमा (मेयो कॉलेज)।
- Tarun Gogoi सरकार में स्वास्थ्य, शिक्षा, वित्त जैसे महत्वपूर्ण विभाग संभाले।
- स्वास्थ्य मंत्री रहते तीन नए मेडिकल कॉलेज (जोरहाट, बरपेटा, तेजपुर) बनवाए।
- COVID-19 के समय उनका मंत्र था – “Prepare, prepare, and overprepare”।
- 23 अगस्त 2015 को भाजपा में शामिल हुए।
- अमित शाह के घर दिल्ली में भाजपा जॉइन की।
- NEDA (North East Democratic Alliance) के कन्वीनर बने और पूर्वोत्तर में भाजपा का विस्तार किया।
- बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष चुने गए (2017)।
- असम क्रिकेट एसोसिएशन के भी अध्यक्ष रहे।
- असम में ओरुनोदोई योजना शुरू की – गरीब महिलाओं को मासिक सहायता।
- उनकी सरकार में असम भारत का सबसे तेज बढ़ने वाला राज्य बना (2020-2025)।
- टाटा सेमीकंडक्टर प्लांट (जगीरोड) उनकी सरकार में आया।
- चराईदेऊ के अहोम मोइदाम्स को यूनेस्को विश्व धरोहर बनवाया।
- वे असमिया जातीयतावाद (जातीयतावाद) और हिंदुत्व को जोड़कर राजनीति करते हैं।
- कॉटन यूनिवर्सिटी से जुड़े सातवें मुख्यमंत्री हैं।
- बचपन में डिबेटिंग में बेस्ट डिबेटर अवॉर्ड जीता।
- परिवार की कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं थी।
- 2015 में कांग्रेस छोड़ने से पहले Tarun Gogoi के करीबी माने जाते थे।
- वे सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं और युवाओं से सीधा संवाद करते हैं।
- असम को “इमर्जिंग स्टेट” बनाने का सपना रखते हैं – सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी और पर्यटन पर फोकस।
- मिशन बसुंधरा के तहत भूमि अधिकार दिए।
- मदरसों को पब्लिक स्कूलों में बदलने की पहल की।
- अवैध घुसपैठ पर सख्त रुख रखते हैं।
- वे असमिया भाषा, संस्कृति और चाय बागान मजदूरों के मुद्दों पर सक्रिय हैं।
- उनके पिता की कविताएं और मां की साहित्यिक गतिविधियां उनके व्यक्तित्व को आकार देती हैं।
- गुवाहाटी के उलुबाड़ी, गांधीबस्ती इलाके में परिवार शिफ्ट हुआ था।
- वे ब्रह्मपुत्र पर नए पुलों और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर जोर देते हैं।
- कई लोग उन्हें “BJP का चाणक्य” या “नॉर्थ ईस्ट का मास्टर स्ट्रेटेजिस्ट” कहते हैं।
- 2026 चुनाव में भी उनकी सरकार बनी।
- वे पढ़ने के शौकीन हैं – राजनीति, अर्थव्यवस्था और साहित्य।
- असमिया ब्राह्मण समुदाय से हैं, जड़ें नलबाड़ी जिले में।
- उन्होंने असम की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में बड़ा योगदान दिया।
- उनकी जीवनी मेहनत, रणनीति और बदलाव की मिसाल है – छात्र नेता से मुख्यमंत्री तक का सफर।
हिमन्त विश्व शर्मा पर 50 अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)––
1. हिमन्त विश्व शर्मा कौन हैं?
हिमन्त विश्व शर्मा असम के 15वें और वर्तमान मुख्यमंत्री हैं। वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रमुख नेता हैं।
2. हिमन्त विश्व शर्माका जन्म कब और कहां हुआ था?
उनका जन्म 1 फरवरी 1969 को जोरहाट, असम के मिशन अस्पताल में हुआ था। (वर्तमान आयु 57 वर्ष)
3. हिमन्त विश्व शर्मा के पिता का नाम क्या है?
उनके पिता का नाम कैलाश नाथ सरमा था, जो प्रसिद्ध असमिया कवि और उपन्यासकार थे।
4. हिमन्त विश्व शर्माकी मां का नाम क्या है?
मां का नाम मृणालिनी देवी है, जो साहित्यिक कार्यकर्ता रही हैं।
5. हिमन्त विश्व शर्मा की शिक्षा कहां से हुई?
कामरूप एकेडमी स्कूल (1985), कॉटन कॉलेज से BA-MA (पॉलिटिकल साइंस), गुवाहाटी लॉ कॉलेज से LLB और गुवाहाटी यूनिवर्सिटी से PhD (2006)।
6. हिमन्त विश्व शर्मा की PhD का विषय क्या था?
“North Eastern Council: A structural and functional analysis”।
7. हिमन्त विश्व शर्मा ने राजनीति की शुरुआत कहां से की?
ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (AASU) से छात्र नेता के रूप में।
8. हिमन्त विश्व शर्मा कब कांग्रेस में शामिल हुए?
2001 में कांग्रेस टिकट पर जालुकबारी से पहली बार विधायक बने।
9. हिमन्त विश्व शर्मा ने कब भाजपा जॉइन की?
23 अगस्त 2015 को अमित शाह के घर दिल्ली में भाजपा में शामिल हुए।
10. हिमन्त विश्व शर्मा असम के मुख्यमंत्री कब बने?
10 मई 2021 को पहली बार शपथ ली। 2026 में तीसरी बार सत्ता में लौटे।
11. हिमन्त विश्व शर्मा की पत्नी का नाम क्या है?
रिनिकी भुयान सरमा (शादी 7 जून 2001 को)।
12. हिमंत सरमा के कितने बच्चे हैं?
दो – बेटा नंदील बिस्वा सरमा और बेटी सुकन्या सरमा।
13. हिमंत सरमा को लोग प्यार से क्या कहते हैं?
“मामा” (मातृ पक्षीय चाचा)।
14. हिमंत सरमा जालुकबारी से कितनी बार विधायक चुने गए?
लगातार 6 बार (2001, 2006, 2011, 2016, 2021 और 2026)।
15. हिमंत सरमा ने कांग्रेस में कौन-कौन से विभाग संभाले?
स्वास्थ्य, शिक्षा, वित्त, योजना, कृषि आदि।
16. हिमंत सरमा NEDA के क्या पद पर हैं?
नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस (NEDA) के कन्वीनर।
17. हिमंत सरमा की ओरुनोदोई योजना क्या है?
गरीब महिलाओं को मासिक वित्तीय सहायता देने वाली लोकप्रिय योजना।
18. हिमंत सरमा के कार्यकाल में असम का क्या विकास हुआ?
असम भारत का सबसे तेज बढ़ने वाला राज्य बना, टाटा सेमीकंडक्टर प्लांट आया।
19. हिमंत सरमा बैडमिंटन से कैसे जुड़े?
बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष रहे।
20. मोइदाम्स को यूनेस्को विश्व धरोहर बनाने में हिमंत सरमा की भूमिका?
अहोम राजवंश के मोइदाम्स को विश्व धरोहर सूची में शामिल करवाया।
21. हिमंत सरमा असमिया जातीयतावाद पर क्या विचार रखते हैं?
वे असमिया जतियोताबाद (जातीयतावाद) और हिंदुत्व को जोड़कर राजनीति करते हैं।
22. हिमंत सरमा ने अवैध घुसपैठ पर क्या रुख अपनाया?
सख्त रुख, बेदखली अभियान और सीमा सुरक्षा पर जोर।
23. हिमंत सरमा की सरकार में मदरसों का क्या हुआ?
कई मदरसों को पब्लिक स्कूलों में बदलने की पहल।
24. हिमंत सरमा का COVID-19 पर मंत्र क्या था?
“Prepare, prepare, and overprepare”।
25. हिमंत सरमा ने कितने मेडिकल कॉलेज बनवाए?
स्वास्थ्य मंत्री रहते जोरहाट, बरपेटा, तेजपुर आदि में नए मेडिकल कॉलेज।
26. हिमंत सरमा की परिवार में कितने भाई-बहन थे?
कुल सात भाई-बहन।
27. हिमंत सरमा बचपन में फिल्म में काम कर चुके हैं?
हां, 1984 की असमिया फिल्म में चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में।
28. हिमंत सरमा कहां रहते हैं?
गुवाहाटी के उलुबाड़ी/गांधीबस्ती इलाके में परिवार के साथ।
29. हिमंत सरमा असम के कितने मुख्यमंत्री हैं?
15वें मुख्यमंत्री।
30. हिमंत सरमा की कॉटन कॉलेज से क्या खासियत है?
कॉटन कॉलेज स्टूडेंट्स यूनियन के तीन बार महासचिव रहे।
31. हिमंत सरमा ने वकालत कब की?
1996 से 2001 तक गुवाहाटी हाईकोर्ट में।
32. हिमंत सरमा की पत्नी का व्यवसाय क्या है?
मीडिया उद्यमी, प्राइड ईस्ट एंटरटेनमेंट की चेयरपर्सन।
33. हिमंत सरमा को “नॉर्थ ईस्ट का चाणक्य” क्यों कहा जाता है?
पूर्वोत्तर में भाजपा विस्तार की रणनीति बनाने के लिए।
34. हिमंत सरमा की सरकार में मिशन बसुंधरा क्या है?
भूमि अधिकार और सर्वेक्षण की बड़ी योजना।
35. हिमंत सरमा असम को क्या बनाना चाहते हैं?
“इमर्जिंग स्टेट” – सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी और पर्यटन हब।
36. हिमंत सरमा की राजनीतिक विरासत क्या है?
कांग्रेस से भाजपा तक सफर और पूर्वोत्तर में भाजपा की मजबूत उपस्थिति।
37. हिमंत सरमा सोशल मीडिया पर कितने सक्रिय हैं?
बहुत सक्रिय, युवाओं से सीधा संवाद करते हैं।
38. हिमंत सरमा की जाति क्या है?
असमिया ब्राह्मण समुदाय, जड़ें नलबाड़ी जिले में।
39. हिमंत सरमा ने 2026 चुनाव में क्या उपलब्धि हासिल की?
BJP-NDA को तीसरी बार बहुमत दिलाया।
40. हिमंत सरमा पढ़ने के शौकीन हैं?
हां, राजनीति, अर्थव्यवस्था और साहित्य पढ़ना पसंद है।
41. हिमंत सरमा का डिबेटिंग में क्या रिकॉर्ड है?
बचपन और छात्र जीवन में बेस्ट डिबेटर अवॉर्ड जीता।
42. हिमंत सरमा ने चाय बागान मजदूरों के लिए क्या किया?
कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू कीं।
43. हिमंत सरमा ब्रह्मपुत्र पर क्या विकास कर रहे हैं?
नए पुल, इंफ्रास्ट्रक्चर और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट।
44. हिमंत सरमा की सबसे बड़ी चुनौती क्या रही?
कांग्रेस छोड़ना, सीमा विवाद और राजनीतिक विरोध।
45. हिमंत सरमा की सरकार में अपराध दर पर क्या असर पड़ा?
कानून व्यवस्था सुधार, ड्रग्स जब्ती में वृद्धि।
46. हिमंत सरमा युवाओं के बीच कितने लोकप्रिय हैं?
बहुत लोकप्रिय, खासकर “मामा” कहकर पुकारने वाले युवा।
47. हिमंत सरमा की सबसे चर्चित योजना कौन सी है?
ओरुनोदोई और मिशन बसुंधरा।
48. हिमंत सरमा की राजनीति का मुख्य फोकस क्या है?
असमिया पहचान, विकास, सुरक्षा और सांस्कृतिक संरक्षण।
49. हिमंत सरमा की जीवनी से क्या सीख मिलती है?
मेहनत, रणनीति और जन-संपर्क से छात्र नेता से मुख्यमंत्री तक पहुंचा जा सकता है।
50. हिमंत बिस्वा सरमा के भविष्य के प्लान क्या हैं?
असम को आत्मनिर्भर, समृद्ध और शांतिपूर्ण राज्य बनाने का विजन, साथ में राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी भूमिका।
असम विधानसभा चुनाव 2026––
2026 असम चुनाव भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले NDA के लिए ऐतिहासिक जीत साबित हुआ। हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में BJP-NDA ने तीसरी बार सत्ता हासिल की (hat-trick)। यह असम की राजनीति में BJP की मजबूत पकड़ और हिमंत सरमा की लोकप्रियता का प्रमाण है।
चुनाव का अवलोकन––
चुनाव तिथि: 9 अप्रैल 2026 (सिंगल फेज)
मतदान प्रतिशत: लगभग 85.96% (उच्च मतदान)
कुल सीटें: 126
बहुमत का आंकड़ा: 64
अंतिम/ट्रेंडिंग परिणाम (4-5 मई 2026 तक):
BJP: 82 सीटें (2021 में लगभग 60 से बढ़ोतरी)
NDA (BJP + AGP + UPPL/BPF आदि): 100+ सीटें (कुछ रिपोर्ट्स में 102)
कांग्रेस: 19-22 सीटें
अन्य: AIUDF, Raijor Dal आदि को बहुत कम सीटें
NDA ने आसानी से बहुमत हासिल किया और हिमंत बिस्वा सरमा लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। यह BJP के लिए असम में अब तक की सबसे मजबूत प्रदर्शन में से एक है।
हिमंत बिस्वा सरमा का जलुकबाड़ी प्रदर्शन
हिमंत बिस्वा सरमा ने अपनी पारंपरिक सीट जलुकबाड़ी (Jalukbari) से शानदार जीत दर्ज की।
प्रतिद्वंद्वी: कांग्रेस की Bidisha Neog––
मार्जिन: लगभग 89,434 वोट (कुछ रिपोर्ट्स में 89,562)
हिमंत के वोट: 1,27,151
यह उनकी छठी लगातार जीत है (2001 से लगातार) — पहले कांग्रेस से तीन बार, फिर BJP से तीन बार।
यह जीत न सिर्फ व्यक्तिगत थी बल्कि पूरे असम में BJP की लहर का प्रतीक बनी। हिमंत सरमा ने 80,000+ वोटों की बढ़त बनाए रखी और आसानी से जीत हासिल की।
जीत के प्रमुख कारण––
विकास कार्य और कल्याण योजनाएं: ओरुनोदोई, मिशन बसुंधरा, स्वास्थ्य-शिक्षा सुधार, चाय बागान मजदूरों की योजनाएं, टाटा सेमीकंडक्टर प्लांट जैसी बड़ी परियोजनाएं।
असमिया पहचान और सुरक्षा: अवैध घुसपैठ पर सख्ती, संस्कृति संरक्षण (मोइदाम्स को यूनेस्को धरोहर), मदरसों का आधुनिकीकरण।
रणनीतिक नेतृत्व: हिमंत सरमा को “नॉर्थ ईस्ट का चाणक्य” कहा जाता है। NEDA कन्वीनर के रूप में पूर्वोत्तर में BJP का विस्तार किया।
डेलिमिटेशन और वोट पोलराइजेशन: सीटों के पुनर्निर्धारण और हिंदू वोटों के समेकन ने फायदा दिया।
विरोधी खेमे की कमजोरी: कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों (Gaurav Gogoi, Akhil Gogoi आदि) में एकजुटता की कमी और anti-incumbency का असर कम रहा।
उच्च मतदान और युवा-महिला समर्थन: महिलाओं, युवाओं और चाय समुदाय का भारी समर्थन।
राजनीतिक महत्व––
BJP का हॅटट्रिक: 2016, 2021 और 2026 — असम में BJP की निरंतर सत्ता।
हिमंत सरमा की भूमिका: 2015 में कांग्रेस छोड़कर BJP जॉइन करने वाले हिमंत ने पार्टी को असम में मजबूत किया। वे अब राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चित चेहरे हैं।
विपक्ष का प्रदर्शन: कांग्रेस की सीटें घटकर 20 के आसपास रह गईं। कई बड़े विपक्षी नेता हारे।
असम का भविष्य: हिमंत सरकार असम को “इमर्जिंग स्टेट” बनाने पर फोकस करेगी — सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी, पर्यटन, इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश।
हिमंत सरमा की प्रतिक्रिया––
जीत के बाद हिमंत बिस्वा सरमा ने असम की जनता को धन्यवाद दिया और कहा कि यह “विकास और असमिया पहचान” की जीत है। उन्होंने तीसरी बार (सरकार की) और दूसरी बार व्यक्तिगत रूप से CM बनने के लिए तैयार होने का संकेत दिया।
निष्कर्ष:––
2026 का चुनाव असम में BJP और हिमंत बिस्वा सरमा की अपार लोकप्रियता का प्रमाण है। विकास, सुरक्षा और सांस्कृतिक मुद्दों पर केंद्रित रणनीति ने उन्हें भारी जनसमर्थन दिलाया। हिमंत सरमा अब असम की आधुनिक राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेता के रूप में उभरे हैं।
यह जीत न केवल असम बल्कि पूरे पूर्वोत्तर की राजनीति को प्रभावित करेगी। हिमंत सरमा के नेतृत्व में असम तेज विकास की राह पर और आगे बढ़ेगा