सजीवन सजाना

सजीवन सजाना जी के बारे मेंं

सजीवन सजाना

सजीवन सजाना

(सजाना)

जन्म तिथि 04 January 1995
उम्र 31 साल (2025)
राशि मकर (Capricorn)
जन्म स्थान मनंथावडी, जिला वायनाड, केरल, भारत
निवास स्थान मनंथावडी, जिला वायनाड, केरल, भारत
कद लगभग 5 फीट 5 इंच (165 सेमी के आसपास)
वजन लगभग 58–60 किलोग्राम
वैवाहिक हि. अविवाहित (2025 तक)
शिक्षा सरकारी स्कूल, वायनाड
कॉलेज केरल का सरकारी कॉलेज
योग्यता स्नातक (Graduation)
पेशा भारतीय क्रिकेटर
राष्ट्रीयता भारतीय
नेट वर्थ ₹60 लाख – ₹1 करोड़

सजीवन सजाना  जीवनी——

भारतीय महिला क्रिकेट की उभरती सितारा

किसी महान खिलाड़ी की कहानी केवल उसके आंकड़ों से नहीं मापी जाती; बल्कि उसकी संघर्ष, दृढ़ता, संस्कृति, पृष्ठभूमि और समाज-सेवा के भाव से भी आँकी जाती है। सजीवन सजाना — एक नाम जो आज भारतीय क्रिकेट में तेजी से चमक रहा है — इसी मायने में सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि एक प्रेरणा, आशा और निडरता का प्रतीक है।


सजीवन सजाना की कहानी उन असंख्य खेल-प्रेमियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों, कठिन पृष्ठभूमि और सामाजिक बाधाओं के बावजूद अपने सपनों को पूरा करना चाहते हैं। उनका जीवन यह साबित करता है कि यदि एक लक्ष्य मजबूत हो और मेहनत लगन से की जाए, तो कोई भी बाधा आगे नहीं टिक सकती।


प्रारंभिक जीवन और पृष्ठभूमि——

सजीवन सजाना का जन्म 4 जनवरी 1995 को केरल के छोटे शहर मनंथावडी, वायनाड में हुआ था। उनका परिवार आर्थिक रूप से बहुत सशक्त नहीं था — उनके पिता एक ऑटो-रिक्शा चालक थे और मां नगरपालिका में काम करती थीं।

वायनाड के छोटे-से पहाड़ी कस्बे में जन्मी सजाना का बचपन वैसे ही बहुमूल्य और कठिनाइयों से भरा रहा, जैसे कि अधिकतर ग्रामीण भारत के बच्चों का होता है। संसाधनों की कमी के बावजूद, उन्होंने जीवन के प्रति असीम आकांक्षा, खेलों में रुचि और दृढ़ आत्म-विश्वास विकसित किया।


बचपन में खेलों की ओर रुझान——

सजाना बचपन से ही खेल-कूद में सक्रिय रहीं। उन्होंने स्कूल में फुटबॉल टीम का नेतृत्व, ट्रैक और फील्ड जैसे कई खेलों में भागीदारी, लंबी कूद, भाला फेंक, 800 मीटर दौड़ आदि में सफलता हासिल की।

अपने शुरुआती समय में वह अपने दोस्तों के साथ खेतों में खेलती थीं, कभी क्रिकेट, कभी फुटबॉल — लेकिन वो हमेशा खेल में उत्कृष्ट रहना चाहती थीं। इसी दौरान उन्होंने खेलों की दुनिया में खुद को साबित करने का जुनून पाला।


शिक्षा और खेल के बीच संतुलन——

सजाना ने सरकारी स्कूल में पढ़ाई की और आगे राजनीतिक विज्ञान में डिग्री प्राप्त की। पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने खेल को प्राथमिकता दी तथा अपने स्कूल के खेल-प्रशिक्षकों की मदद से खेल कौशल को विकसित किया।

उनके स्कूल में शारीरिक शिक्षा शिक्षक (Elsamma teacher) ने सजाना में क्रिकेट के लिए विशेष रूचि और प्रतिभा देखी और उन्हें क्रिकेट trials के लिए प्रेरित किया। यही वह बिंदु था, जहाँ से उनके क्रिकेट करियर की नींव पड़ी।


क्रिकेट की शुरुआत—

सजीवन सजाना ने क्रिकेट की यात्रा शुरुआत में ही गंभीरता से शुरू कर दी थी। शुरूआत में वह केवल मौज-मस्ती के लिए खेला करती थीं, लेकिन धीरे-धीरे क्रिकेट उनके जीवन का लक्ष्य बन गया।


प्लास्टिक गेंद और नारी क्रिकेट का आगाज——

सजाना की क्रिकेट की शुरुआत उतनी शानदार नहीं थी जितनी कि आज जैसी लगती है। गाँव के पaddy के मैदानों में प्लास्टिक बॉल और नारियल की पत्ती से बनी बल्ले से खेलते हुए उन्होंने अपनी तकनीक, संतुलन और गेंद-उछाल को समझा और अपने दबदबे की नींव रखी।


यह संघर्ष और खेल-प्रेम ही आज उन्हें एक शानदार खेल-व्यक्ति के रूप में स्थापित करता है।


डिस्ट्रिक्ट और स्टेट-लेवल क्रिकेट——

सजाना ने प्रथम बार डिस्ट्रिक्ट (जिला) क्रिकेट टीम में चयन पाकर अपने करियर की शुरुआत की। धीरे-धीरे उन्होंने वह कौशल दिखाया कि selectors ने उन्हें मान्यता दी और आगे के टूर्नामेंट में खेलने का मौका मिला।


उप-19 और युवा टीम

उन्होंने वायनाड के Under-19 टीम को इंटर-स्टेट प्रतियोगिताओं में नेतृत्व किया तथा बल्ले और गेंद दोनों से शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम को अच्छी स्थिति में पहुंचाया।


उप-23 टीम की कप्तानी और उपलब्धि

2018-19 में उन्होंने केरल की Under-23 टीम की कप्तानी की और T20 Super League जीतने में मुख्य भूमिका निभाई। इस टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन शानदार रहा और उन्होंने अपनी टीम को ट्रॉफी दिलाई।


इस उपलब्धि ने उन्हें घरेलू सर्किट में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया।


घरेलू क्रिकेट में सफ़लता——

सजाना ने अपने घरेलू करियर की शुरुआत बहुत ही मेहनत भरे सफर से की:

लिस्ट-A और टी20 डेब्यू

लिस्ट-A डेब्यू: 9 नवंबर 2012 को केरल के लिए उन्होंने लिस्ट-A में पदार्पण किया।

T20 डेब्यू: 18 दिसंबर 2011 को वरिष्ठ महिला T20 लीग में उन्होंने टी20 डेब्यू किया।


दिलचस्प घरेलू आंकड़े——

उनकी घरेलू प्रदर्शन आंकड़ों में श्रेयपूर्ण योगदान रहा है:

एकदिवसीय लीग में 1306 रन और 89 विकेट।

वरिष्ठ महिला T20 में 1194 रन और 60 विकेट।

ये आंकड़े सिर्फ संख्याएँ नहीं, बल्कि उनकी निरंतर प्रदर्शन, टीम के प्रति समर्पण और खेल-कौशल का प्रमाण हैं।


महिला प्रीमियर लीग (WPL) और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान——

महिला प्रीमियर लीग का आयोजन जब 2023 में हुआ — यह भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक बड़ा मंच था। सजाना को 2024 में WPL में मुंबई इंडियंस द्वारा ₹15 लाख में खरीदा गया।


WPL 2024 का बड़ा पल——

2024 में अपने WPL डेब्यू मैच में सजाना ने आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर मुंबई इंडियंस को जीत दिलाई — एक ऐतिहासिक और यादगार क्षण, जिसने उन्हें तुरंत स्टार बना दिया।

उनका 158.18 की स्ट्राइक रेट और शानदार फील्डिंग ने भी दर्शकों और विश्लेषकों को प्रभावित किया।


WPL में सामरिक भूमिका——

वह मध्य क्रम में बल्लेबाजी, गेंदबाजी में स्पिन-संतुलन और शानदार फील्डिंग के लिए जानी जाती हैं, जो टीम की जीत में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।


भारत महिला टीम में पदार्पण——

उनकी घरेलू और WPL में शानदार प्रदर्शन के कारण अप्रैल 2024 में उन्हें भारत महिला टीम के लिए T20I सीरीज (बांग्लादेश के खिलाफ) में चयन मिला।

उन्होंने 28 अप्रैल 2024 को अपना T20I डेब्यू किया, और बहुत जल्द राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह मजबूत कर ली।

इसके अलावा उन्हें 2024 ICC महिला T20 विश्व कप के लिए भी टीम में शामिल किया गया — यह उनके लिए एक बड़ा अवसर और सम्मान था।


खेल-शैली और तकनीकी क्षमता——

सजाना एक राइट-हैंडेड बल्लेबाज और राइट-आर्म ऑफ-ब्रेक गेंदबाज हैं।

उनकी बल्लेबाजी में शक्ति, संतुलन और दबाव में शांत प्रदर्शन का मिश्रण है, तथा गेंदबाजी में लाइन-बॉक्सिक नियंत्रण और चपलता है।


बल्लेबाजी विश्लेषण—

वह मध्य क्रम में खेलती हैं और छोटी गेंदों में बड़ी पारी खेलने की क्षमता रखती हैं।

छक्कों और चौकों के लिए वे हमेशा तैयार रहती हैं, खासकर दबाव की परिस्थितियों में।


गेंदबाजी विश्लेषण——

उनकी ऑफ-ब्रेक गेंदबाज़ी विकेट-लेने के साथ-साथ रन-दर को नियंत्रित करने में भी कारगर रहती है।

फ्लाइट और स्पिन के मिश्रण से वे बल्लेबाजों को भ्रमित करती हैं।


सामाजिक प्रभाव और प्रेरणा——

सजीवन सजाना का सबसे बड़ा प्रभाव सिर्फ क्रिकेट के आंकड़ों में नहीं दिखता, बल्कि समाज पर उनके प्रभाव में भी प्रदर्शित होता है:


मूल निवासी समुदाय की प्रेरणा——

सजाना Kurichiya आदिवासी समुदाय से हैं — एक ऐसी सामाजिक पृष्ठभूमि जहाँ खेल-संसाधन सीमित होते हैं।

उनकी सफलता ने इसी समुदाय के कई युवा विशेषकर लड़कियों को खेल को करियर के रूप में अपनाने की प्रेरणा दी है।


घरेलू आपदा के बीच संकल्प——

2018 के केरल बाढ़ के दौरान उनके परिवार को भारी नुकसान सहना पड़ा, लेकिन उन्होंने मैच खेलने के लिए रेस्क्यू-बोट का इस्तेमाल कर खेल में भाग लिया — यह उनके दृढ़ संकल्प की मिसाल है।


व्यक्तिगत जीवन और चरित्र——

सजीवन सजाना एक साधारण पृष्ठभूमि से आई महिला खिलाड़ी हैं, जिनकी मूल्य-प्रणाली पारिवारिक समर्थन, कठिन परिश्रम और लक्ष्य-प्राप्ति की प्रतिबद्धता से भरी हुई है।

उनका परिवार, विशेषकर पिता और मां, हमेशा उनके पीछे खड़े रहे — चाहे वह शुरुआती दिनों में संसाधनों की कमी हो या बड़े मंच पर पहचान बनाना।

सजाना मानती हैं कि खेल केवल प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति को नैतिकता, अनुशासन और टीम-भावना सिखाता है।


उपलब्धियाँ और सम्मान——

केरल Under-23 टीम को T20 Super League में जीत दिलाना।

WPL 2024 में आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर टीम की जीत सुनिश्चित करना।

भारत महिला टीम में T20I डेब्यू।

ICC महिला T20 विश्व कप टीम में चयन।


सम्मान——

घरेलू क्रिकेट से WPL तक का सफर, जो पैदल चलने की कहानी से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने की कहानी तक विस्तृत है — यह सम्मान से कम नहीं।


भविष्य की योजनाएँ—

सजीवन सजाना का लक्ष्य है:

भारतीय टीम में जीवन-भर की स्थायी भूमिका बनाना।

आगामी वर्ल्ड कप और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत को शीर्ष पर पहुँचाना।

केरल और भारत के ग्रामीण-क्षेत्रों के बच्चों को खेल शिक्षा और संसाधन उपलब्ध कराना।


Mumbai Indians Women vs Royal Challengers Bengaluru Women:

महिला प्रीमियर लीग (WPL 2026) के चौथ सीजन का आगाज शुक्रवार (9 जनवरी) को हुआ. टूर्नामेंट के पहले मैच में दो बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस (MI) और एक बार खिताब जीतने वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) की टीमें आमने-सामने हुईं. आरसीबी ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया. मुंबई ने 20 ओवरों में 6 विकेट पर 154 रन बनाए. उसने विपक्षी टीम को 155 रनों का लक्ष्य दिया है.


67 रन पर गिर गए थे मुंबई के 4 विकेट

मुंबई के लिए सीजन की शुरुआत बल्लेबाजी में अच्छी नहीं रही. लॉरेन बेल की घातक गेंदबाजी के दम पर आरसीबी ने शुरुआती सफलता हासिल की. एक समय मुंबई का स्कोर 11 ओवरों में 4 विकेट पर 67 रन था. अमेलिया केर और नताली सीवर ब्रंट 4-4 रन बनाकर आउट हुईं. जी कमलिनी 28 गेंद पर 32 रन बनाए. उन्होंने 5 चौके लगाए. कप्तान हरमनप्रीत कौर 17 गेंद पर 20 रन बनाकर आउट हुए. यहां से सजीवन सजना और निकोला कैरी ने पारी को संभाला.


सजना और कैरी का काउंटर अटैक

सजना को दो बार जीवनदान मिला. जब वह 2 रन बनाकर नाबाद थीं तो राधा यादव की गेंद पर उन्हें जीवनदान मिला. इसके बाद वह 4 रन के निजी स्कोर पर थीं तब अरुंधति रेड्डी की गेंद पर उनका कैच छूटा. इसके बाद सजना ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और कैरी के साथ मिलकर पांचवें विकेट के लिए 49 गेंद पर 82 रन की साझेदारी करके टीम को एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया. सजना ने 25 गेंद पर 45 रन बनाए. इस दौरान 7 चौके और एक छक्का लगाया. निकोला कैरी ने 29 गेंद पर 40 रन की पारी खेली. उन्होंने 4 चौके लगाए. आरसीबी के लिए लॉरेन बेल ने 4 ओवर में 14 रन देकर 1 विकेट लिया. नादिन डी क्लर्क ने 4 ओवर में 26 रन देकर 4 विकेट झटके. श्रेयंका पाटिल को एक सफलता मिली.


कौन हैं सजीवन सजना (Who is Sajeevan Sajana)?

सजीवन सजना का जन्म 4 जनवरी 1995 को मनंथावडी, वायनाड, केरल में हुआ था. वह एक साधारण परिवार से आती हैं. उनके पिता रोजी-रोटी के लिए रिक्शा चलाते थे. एस सजना के नाम से मशहूर यह ऑलराउंडर राइट-आर्म ऑफ-ब्रेक बॉलिंग और राइट-हैंडेड बैटिंग में माहिर हैं. उनका क्रिकेट का सफर मुश्किलों का सामना करने और उन पर जीत हासिल करने वाला रहा है. सजना ने विमेंस प्रीमियर लीग 2024 में मुंबई इंडियंस के साथ डेब्यू करने से पहले केरल, साउथ जोन और इंडिया ए टीमों का प्रतिनिधित्व किया था. इसके बाद मुंबई ने 2024 सीजन के लिए उन्हें 15 लाख में खरीदा था. इस बार उन्हें रिलीज किया और फिर ऑक्शन में 75 लाख रुपये में  ख़रीदा।   


सजीवन सजाना – 50+ रोचक जानकारी——

  1. सजीवन सजाना का जन्म केरल के वायनाड जिले के एक आदिवासी क्षेत्र में हुआ।
  2. वे कुरिचिया आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखती हैं।
  3. उनके पिता ऑटो-रिक्शा चालक रहे हैं।
  4. उनकी माँ नगर पालिका (Municipality) में कार्यरत थीं।
  5. सजाना का बचपन आर्थिक संघर्षों में बीता।
  6. उन्होंने क्रिकेट खेलना खेतों और कच्चे मैदानों में सीखा।
  7. बचपन में वे नारियल की पत्ती से बने बल्ले से खेलती थीं।
  8. उन्होंने शुरुआत में प्लास्टिक बॉल क्रिकेट खेला।
  9. वे पहले फुटबॉल खिलाड़ी बनना चाहती थीं।
  10. स्कूल स्तर पर वे फुटबॉल टीम की कप्तान रह चुकी हैं।
  11. सजाना एथलेटिक्स में भी अच्छी थीं।
  12. उन्होंने लंबी कूद और 800 मीटर दौड़ में भाग लिया।
  13. उनके खेल जीवन में स्कूल की शारीरिक शिक्षा शिक्षिका की अहम भूमिका रही।
  14. उन्होंने पहली बार क्रिकेट ट्रायल शिक्षक के कहने पर दिया।
  15. सजाना ने सरकारी स्कूल से पढ़ाई की।
  16. उन्होंने राजनीति विज्ञान (Political Science) में स्नातक किया।
  17. वे पढ़ाई और खेल दोनों में संतुलन बनाकर चलती रहीं।
  18. उन्होंने जिला क्रिकेट से अपने करियर की शुरुआत की।
  19. सजाना ने केरल की Under-19 टीम का प्रतिनिधित्व किया।
  20. वे केरल की Under-23 टीम की कप्तान भी रह चुकी हैं।
  21. उनकी कप्तानी में केरल ने T20 सुपर लीग जीती।
  22. वे एक ऑल-राउंडर खिलाड़ी हैं।
  23. सजाना दाएं हाथ से बल्लेबाजी करती हैं।
  24. वे दाएं हाथ की ऑफ-ब्रेक स्पिन गेंदबाज हैं।
  25. वे मध्यक्रम की भरोसेमंद बल्लेबाज मानी जाती हैं।
  26. दबाव में खेलना उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
  27. वे शांत स्वभाव की खिलाड़ी हैं।
  28. मैदान पर उनका आत्मविश्वास बहुत मजबूत रहता है।
  29. 2018 की केरल बाढ़ में उनका घर बुरी तरह प्रभावित हुआ।
  30. बाढ़ के दौरान वे रेस्क्यू बोट से मैच खेलने गई थीं।
  31. प्राकृतिक आपदा के बावजूद उन्होंने क्रिकेट नहीं छोड़ा।
  32. 2024 में उन्हें महिला प्रीमियर लीग (WPL) में चुना गया।
  33. WPL 2024 में उन्हें मुंबई इंडियंस ने खरीदा।
  34. उनका WPL डेब्यू बेहद ऐतिहासिक रहा।
  35. उन्होंने अपने WPL डेब्यू मैच में पहली गेंद पर छक्का मारा।
  36. उन्होंने आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर टीम को जीत दिलाई।
  37. उस छक्के के बाद वे रातोंरात सुर्खियों में आ गईं।
  38. सोशल मीडिया पर उन्हें “Last Ball Hero” कहा जाने लगा।
  39. WPL ने उन्हें राष्ट्रीय पहचान दिलाई।
  40. 2024 में उन्होंने भारत के लिए T20I डेब्यू किया।
  41. वे आदिवासी समुदाय से भारत की चुनिंदा महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों में से एक हैं।
  42. वे ग्रामीण और आदिवासी लड़कियों के लिए प्रेरणा हैं।
  43. सजाना दिखावे से दूर रहती हैं।
  44. वे सादा जीवन जीने में विश्वास रखती हैं।
  45. फिटनेस को लेकर बेहद अनुशासित हैं।
  46. वे योग और नियमित अभ्यास को महत्व देती हैं।
  47. खाली समय में वे संगीत सुनना पसंद करती हैं।
  48. वे परिवार के बेहद करीब हैं।
  49. वे युवाओं को खेल को करियर बनाने के लिए प्रेरित करती हैं।
  50. उनका मानना है कि “संघर्ष ही असली कोच होता है।”


अतिरिक्त रोचक तथ्य--

सजाना मानती हैं कि असफलता सबसे बड़ा शिक्षक है।
वे महिला क्रिकेट में बदलाव की नई पहचान बन रही हैं।
उनका सपना है कि वे भारत को विश्व कप जिताने में योगदान दें।
वे भविष्य में ग्रामीण क्षेत्रों में खेल अकादमी खोलना चाहती हैं।
सजीवन सजाना को “संघर्ष से सफलता तक” की जीवित मिसाल माना जाता है।


निष्कर्ष——

सजीवन सजाना की जीवनी न केवल एक क्रिकेटर की कहानी है, बल्कि यह संघर्ष, संस्कृति, प्रेरणा और सामाजिक परिवर्तन की महाकाव्य कथा है।

उनकी कहानी हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों, सामाजिक बाधाओं और खुद की कमजोरियों से लड़ते हुए अपने सपनों को साकार करना चाहता है।

आज सजाना सिर्फ एक क्रिकेटर नहीं — वह भारत की युवा-पीढ़ी की आवाज़, आदिवासी समाज की उम्मीद और महिला-क्रिकेट की नई पहचान बन चुकी हैं।

उनकी यात्रा अब शुरू है — और यह हमें सिखाती है कि जब हौसला बुलंद हो, तब लक्ष्य की कोई सीमा नहीं होती।

Sajeevan Sajana – Biography

The Rising Star of Indian Women’s Cricket

The story of a great sportsperson cannot be measured only by statistics; it is equally defined by struggle, resilience, culture, background, and service to society. Sajeevan Sajana—a name that is rapidly shining in Indian cricket today—is not just a player in that sense, but a symbol of inspiration, hope, and fearlessness.

The journey of Sajeevan Sajana inspires countless sports lovers who dream big despite limited resources, difficult backgrounds, and social barriers. Her life proves that when the goal is strong and hard work is sincere, no obstacle can stand in the way of success.


Early Life and Background

Sajeevan Sajana was born on 4 January 1995 in the small town of Mananthavady, Wayanad district, Kerala. Her family was not financially strong—her father worked as an auto-rickshaw driver, while her mother was employed in the municipality.

Growing up in a small hill town of Wayanad, Sajana’s childhood was precious yet full of hardships, much like that of many children in rural India. Despite the lack of resources, she developed strong ambition, a deep interest in sports, and unwavering self-confidence.


Inclination Towards Sports in Childhood

From a young age, Sajana was actively involved in sports. At school, she led the football team and participated in various track-and-field events such as long jump, javelin throw, and the 800-metre race, achieving notable success.

In her early days, she played with friends in open fields—sometimes cricket, sometimes football—but she always aspired to excel in sports. During this period, she nurtured a strong passion to prove herself in the sporting world.


Balancing Education and Sports

Sajana completed her schooling in a government school and later earned a degree in Political Science. Alongside academics, she gave priority to sports and refined her skills with the help of school coaches.

Her school’s physical education teacher (Elsamma Teacher) recognized Sajana’s special interest and talent in cricket and encouraged her to attend cricket trials. This moment became the foundation stone of her cricketing career.


Beginning of Her Cricket Journey

Sajeevan Sajana took her cricket journey seriously from the very beginning. Initially, she played only for fun, but gradually cricket became her life’s goal.


Plastic Ball Cricket and the Beginning of Women’s Cricket

Sajana’s early cricketing days were far from glamorous. Playing in village paddy fields with a plastic ball and a bat made from coconut leaves, she learned technique, balance, and ball control, laying the groundwork for her dominance.

This struggle and love for the game are what have shaped her into the accomplished sportsperson she is today.


District and State-Level Cricket

Sajana began her career after being selected for the district cricket team. Over time, her skills earned recognition from selectors, giving her opportunities to play in higher-level tournaments.


Under-19 and Youth Teams

She led the Wayanad Under-19 team in inter-state competitions and delivered outstanding performances with both bat and ball, helping her team reach strong positions.


Captaincy of the Under-23 Team and Major Achievement

In the 2018–19 season, Sajana captained Kerala’s Under-23 team and played a crucial role in winning the T20 Super League. Her performance in the tournament was exceptional, and she guided the team to the championship title.

This achievement established her as a prominent player in the domestic cricket circuit.


Success in Domestic Cricket

Sajana’s domestic career began with a journey filled with hard work and perseverance.

List A and T20 Debuts

  • List A Debut: 9 November 2012 for Kerala

  • T20 Debut: 18 December 2011 in the senior women’s T20 league


Impressive Domestic Statistics

Her domestic cricket records reflect her consistent contributions:

  • One-day matches: 1306 runs and 89 wickets

  • Senior women’s T20: 1194 runs and 60 wickets

These figures are not just numbers—they represent her consistency, commitment to the team, and cricketing excellence.


Women’s Premier League (WPL) and National Recognition

The launch of the Women’s Premier League in 2023 marked a major milestone for Indian women’s cricket. In 2024, Sajana was bought by Mumbai Indians for ₹15 lakh.


The Big Moment of WPL 2024

In her WPL debut match, Sajana hit a six on the last ball to secure victory for Mumbai Indians—a historic and unforgettable moment that instantly made her a star.

Her strike rate of 158.18 and excellent fielding further impressed fans and analysts alike.


Strategic Role in WPL

She is known for her middle-order batting, effective spin bowling, and brilliant fielding—making her a vital contributor to team victories.


Debut for the Indian Women’s Team

Thanks to her outstanding performances in domestic cricket and the WPL, Sajana was selected in April 2024 for India’s T20I series against Bangladesh.

She made her T20 International debut on 28 April 2024 and quickly strengthened her place in the national squad.

She was also selected for the 2024 ICC Women’s T20 World Cup, a significant honor and opportunity.


Playing Style and Technical Ability

Sajana is a right-handed batter and a right-arm off-break bowler.

Her batting combines power, balance, and calmness under pressure, while her bowling is marked by control, variation, and agility.

Batting Analysis

  • A reliable middle-order batter

  • Capable of playing big innings against short balls

  • Always ready to hit boundaries, especially under pressure

Bowling Analysis

  • Effective off-spin that controls runs and takes wickets

  • Uses flight and turn to deceive batters


Social Impact and Inspiration

Sajeevan Sajana’s impact goes beyond cricket statistics—it is deeply visible in society.

Inspiration for Indigenous Communities

Sajana belongs to the Kurichiya tribal community, where sports resources are limited. Her success has inspired many young people—especially girls—to pursue sports as a career.

Determination Amid Natural Disaster

During the 2018 Kerala floods, her family suffered heavy losses. Yet she traveled to matches using a rescue boat—a powerful example of her determination and commitment.


Personal Life and Character

Sajana comes from a humble background and lives by values shaped by family support, hard work, and dedication to goals.

Her parents have always stood by her, whether during times of limited resources or moments of major recognition.

She believes that sports is not just about performance but also about ethics, discipline, and team spirit.


Achievements and Honors

Major Achievements

  • Led Kerala Under-23 team to victory in the T20 Super League

  • Won a WPL match with a last-ball six in 2024

  • Made her T20I debut for India

  • Selected for the ICC Women’s T20 World Cup squad

Recognition

Her journey from grassroots cricket to the WPL and international stage—from walking long distances to reaching global platforms—is an honor in itself.


Future Plans

Sajeevan Sajana aims to:

  • Secure a long-term role in the Indian national team

  • Help India reach the top in upcoming World Cups and international tournaments

  • Provide sports education and resources to children in rural India, especially in Kerala


Conclusion

The biography of Sajeevan Sajana is not just the story of a cricketer; it is an epic of struggle, culture, inspiration, and social transformation.

Her journey motivates everyone who battles limited resources, social barriers, and personal doubts to achieve their dreams.

Today, Sajana is not just a cricketer—she is the voice of India’s youth, the hope of indigenous communities, and a new identity of women’s cricket.

Her journey has only just begun—and it teaches us one powerful lesson:

When determination is strong, there is no limit to what can be achieved.