साइना नेहवाल
| जन्म तिथि | 17 March 1990 |
| जन्म स्थान | हिसार, हरियाणा, भारत |
| पिता | डॉ. हरवीर सिंह नेहवाल |
| माता | ऊषा नेहवाल |
| जीवनसंगी | पारुपल्ली कश्यप (बैडमिंटन खिलाड़ी) |
| शिक्षा | सेंट ऐन्स हाई स्कूल, हैदराबाद | सीनियर सेकेंडरी – श्री चैतन्य स्कूल |
| राष्ट्रीयता | भारतीय |
| धर्म | हिन्दू |
| पुरस्कार | राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार – 2009 अर्जुन पुरस्कार – 2009 पद्म श्री – 2010 पद्म भूषण – 2016 |
जीवन परिचय --
साइना नेहवाल भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। वह एक महीने में तीसरी बार प्रथम वरीयता पाने वाली अकेली महिला खिलाड़ी हैं। लंदन ओलंपिक 2012 मे साइना ने इतिहास रचते हुए बैडमिंटन की महिला एकल स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया। बैडमिंटन मे ऐसा करने वाली वे भारत की पहली खिलाड़ी हैं। 2008 में बीजिंग में आयोजित हुए ओलंपिक खेलों मे भी वे क्वार्टर फाइनल तक पहुँची थी। वह बीडबल्युएफ विश्व कनिष्ठ प्रतियोगिता जीतने वाली पहली भारतीय हैं। वर्तमान में वह शीर्ष महिला भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी हैं और भारतीय बैडमिंटन लीग में अवध वॉरियर्स की तरफ़ से खेलती हैं।
साइना भारत सरकार द्वारा पद्म श्री और सर्वोच्च खेल पुरस्कार राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित हो चुकी हैं। उनका विवाह बैडमिंटन खिलाड़ी पी॰ कश्यप से हुआ है।
प्रारंभिक जीवन --
साइना का जन्म 17 मार्च 1990 को हिसार, हरियाणा के एक जाट परिवार मेंं हुआ था। इनके पिता का नाम डॉ॰ हरवीर सिंह नेहवाल और माता का नाम उषा नेहवाल है। साइना साईं के नाम से बना है। सायना ने शुरुआती प्रशिक्षण हैदराबाद के लाल बहादुर स्टेडियम, हैदराबाद में कोच नानी प्रसाद से प्राप्त किया। माता-पिता दोनोंं के बैडमिंटन खिलाड़ी होने के कारण सायना का बैडमिंटन की ओर रुझान शुरु से ही था। पिता हरवीर सिंह ने बेटी की रुचि को देखते हुए उसे पूरा सहयोग और प्रोत्साहन दिया।
सायना अब तक कई बड़ी उपलब्धियाँ अपने नाम कर चुकी हैं। वे विश्व कनिष्ठ बैडमिंटन विजेता रह चुकी हैं। ओलिम्पिक खेलों में महिला एकल बैडमिंटन का काँस्य पदक जीतने वाली वे देश की पहली महिला खिलाड़ी हैं। उन्होंने 2006 में एशियाई सैटलाइट प्रतियोगिता भी जीती है।
उन्होंने 2009 में इंडोनेशिया ओपन जीतते हुए सुपर सीरीज़ बैडमिंटन प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम किया, यह उपलब्धि उनसे पहले किसी अन्य भारतीय महिला को हासिल नहीं हुई थी। दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल में उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया।
वर्ष 2015 में नई दिल्ली को योनेक्स सनराइज इंडिया ओपन सुपर सीरीज बैडमिंटन प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में विश्व चैम्पियन जापान की युई हाशिमोतो को 44 मिनट में 21-15,21-11 से हराने के साथ ही दुनिया की शीर्ष वरीय खिलाड़ी बनी और फाइनल मैच में थाईलैंड की रत्चानोक इंतानोन को हराकर 29 मार्च 2015 को योनेक्स सनराइज इंडिया ओपन सुपर सीरीज बैडमिंटन टूर्नामेंट की महिला एकल ख़िताब की विजेता बनीं।
अप्रैल 2015 में आधिकारिक रूप से उनकी विश्व रैंकिंग 1 घोषित की गई। इस मुकाम तक पहुँचने वाली वे प्रथम भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी हैं।
खेल उपलब्धियाँ --
- साइना नेहवाल ने वर्ष 2005 में 'एशियन सेटेलाइट बैडमिंटन जूनियर चेक ओपन' का ख़िताब जीता।
- साइना नेहवाल दो बार सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में रनर-अप रहीं।
- 2005 में राष्ट्रमंडल युवा खेलों की स्पर्धा में उन्होंने सात पदक जीतने में सफलता प्राप्त की।
- साइना नेहवाल ने 2006 में 'एशियन सैटलाइट चैंपियनशिप' जीती।
- 2006 में मनीला में 'फिलीपिंस ओपन बैडमिंटन चैंपियनशिप' जीत कर इतिहास रच डाला।
- साइना का नाम विश्व इतिहास में 21 जून, 2009 को लिखा गया, जब उन्होंने 'इंडोनेशियाई ओपन' जीतते हुए 'सुपर सीरिज बैडमिंटन टूर्नामेंट' का खिताब अपने नाम किया। यह उपलब्धि उनसे पहले किसी अन्य भारतीय महिला को हासिल नहीं हुई।
- 2010 में ऑल इंग्लैड बैंडमिटन के सेमीफाइनल में पहुँचने वाली पहली भारतीय महिला होने का गौरव प्राप्त किया। उसके बाद चीन के 'लिन वांग' को जकार्ता में हराकर 'सुपर सीरीज़ टूर्नामेंट' जीता।
- साइना अब तक तीन बार (2009, 2010 और 2012) इंडोनेशिया ओपन टूर्नामेंट जीत चुकी हैं।
- साइना नेहवाल ओलम्पिक 2012 में कांस्य पदक जीतने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी बनीं।
- 2012 में साइना नेहवाल ने डेनमार्क ओपन खिताब जीता।
सम्मान और पुरस्कार--
- लंदन ओलंपिक 2012
- अर्जुन पुरस्कार (2009)
- राजीव गाँधी खेल रत्न (2009–2010)
- पद्म श्री (2010)
- पद्म भूषण (2016)
- पदक रिकार्ड
- कांस्य पदक, बैडमिंटन विश्व चैम्पियनशिप 2017
- विजेता, ऑस्ट्रेलियन ओपन सुपर सीरीज 2016
- विजेता, इंडिया ओपन सुपर सीरिज 2015
- विजेता, चाइना ओपन सुपर सीरिज 2014
- विजेता, ऑस्ट्रेलियन ओपन सुपर सीरीज 2014
- कांस्य पदक, उबेर कप 2014, दिल्ली
- कांस्य पदक, लंदन ओलंपिक 2012
- कांस्य पदक, एशियन चैंपियनशिप 2010, दिल्ली
- स्वर्ण पदक, राष्ट्रमंडल खेल 2010, दिल्ली (एकल)
- रजत पदक, राष्ट्रमंडल खेल 2010, दिल्ली (मिश्रित)
- स्वर्ण पदक, वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप 2008, पुणे
- कांस्य पदक, राष्ट्रमंडल खेल 2006, मेलबर्न
- बैडमिंटन विश्व चैम्पियनशिप में कांस्य पदक
भारत की साइना नेहवाल जापान की नोजोमी ओकूहारा के खिलाफ पहला गेम जीतने के बाद अपनी लय खो बैठीं और उन्हें विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में शनिवार को 21-12, 17-21, 10-21 से हारकर कांस्य पदक से से संतोष करना पड़ा।
12वीं सीड साइना को सातवीं वरीय ओकूहारा ने एक घंटे 14 मिनट तक चले मुकाबले में हराकर महिला एकल के फाइनल में प्रवेश कर लिया। साइना ने पहला गेम बड़ी आसानी से जीत लिया था, लेकिन फिर वे अपनी लय को कायम नहीं रख पाईं और उनके हाथ से दूसरी बार विश्व प्रतियोगिता के फाइनल में पहुंचने का मौका निकल गया।
साइना 2015 में विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंची थीं और तब उन्हें स्पेन की कैरोलिना मारिन से हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा था। साइना का विश्व प्रतियोगिता में यह दूसरा पदक है।
साइना नेहवाल का वैवाहिक जीवन और तलाक --
Saina Nehwal Divorce--
साइना नेहवाल और पारुपल्ली कश्यप की प्रेम कहानी का अंत: 7 साल बाद दोनों ने लिया तलाक, साइना बोलीं– बहुत सोचने के बाद...
भारतीय बैडमिंटन की सबसे चर्चित जोड़ियों में से एक साइना नेहवाल (Saina Nehwal) और पारुपल्ली कश्यप (Parupalli Kashyap) ने अपनी शादीशुदा जिंदगी को अलविदा कह दिया है। रविवार देर रात साइना नेहवाल (Saina Nehwal) ने इंस्टाग्रमा स्टोरी के माध्यम से खुद इस बात की जानकारी दी कि वह और पी कश्यप अब अलग हो गए हैं।
साइना नेहवाल (Saina Nehwal) ने इंस्टाग्रमा स्टोरी पर लिखा बबुत सोच विचार के बाद, कश्यप और मैने अलग होने का फैसला किया है। जिंदगी कभी-कभी हमें अलग अलग दिशाओं में ले जाती है। हम एक दूसरे के लिए शांती, तरक्की और उबरना चुन रहे हैं। मैं उनके साथ बिताए गए हर पर की आभारी हूं और उनके उज्जवल भविष्य की कामना करती हूं।
2018 में हुई थी दोनों की शादी --
बता दें कि साइना नेहवाल (Saina Nehwal) और पारुपल्ली कश्यप (Parupalli Kashyap) की शादी 14 दिसंबर 2018 को हैदराबाद में हुई थी, जिसमें परिवार और करीबी दोस्तों को ही आमंत्रित किया गया था। 16 दिसंबर को नोवोटेल होटल में रिसेप्शन दिया गया था, जिसमें खेल और फिल्म जगत की कई हस्तियां शामिल हुई थी। साइना नेहवाल (Saina Nehwal) ने उस मौके पर मशहूर डिजाइनर सब्यसाची का नीला वेलवेट लहंगा पहना था, जबकि (Parupalli Kashyap) ने नीली कढ़ाईदार शेरवानी पहनी थी।
पारुपल्ली कश्यप: शांत स्वभाव वाला फाइटर--
बात करें पारुपल्ली कश्यप (Parupalli Kashyap) की तो पारुपल्ली कश्यप (Parupalli Kashyap) तेलंगाना के हैदराबाद से ताल्लुक रखते हैं, जो कि बैडमिंटन में भारत का बड़ा नाम है। पारुपल्ली कश्यप (Parupalli Kashyap) 2012 में आयोजित लंदन ओलिंपिक के क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे और यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले भारतीय पुरुष खिलाड़ी बने। पारुपल्ली कश्यप (Parupalli Kashyap) ने 2014 में आयोजित ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड, 2013 में आयोजित वर्ल्ड रैंकिंग में नंबर 6 तक पहुंचे। एक युग का अंत |
निष्कर्ष --
साइना नेहवाल सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि भारत में महिला खेलों की पहचान हैं। उन्होंने न सिर्फ अपने खेल से बल्कि अपने आत्मविश्वास, मेहनत और समर्पण से नई पीढ़ी की लड़कियों को प्रेरित किया है। चाहे वह उनकी ओलंपिक जीत हो या व्यक्तिगत जीवन में लिया गया कठिन फैसला, उन्होंने हर मोड़ पर गरिमा और साहस दिखाया है।
Saina Nehwal Biography--
Saina Nehwal is one of India's most celebrated badminton players, known for her historic achievements and for putting Indian women's badminton on the global map. She is the only Indian woman to have been ranked World No. 1 multiple times. Her bronze medal win at the 2012 London Olympics in the women's singles event marked a watershed moment for Indian badminton, making her the first Indian woman to win an Olympic medal in the sport.
She is also the first Indian to win the BWF World Junior Championships and has been a prominent face in the Indian Badminton League, representing Awadhe Warriors. She has received several prestigious honors from the Government of India, including the Rajiv Gandhi Khel Ratna, Arjuna Award, Padma Shri, and Padma Bhushan.
Early Life--
Saina was born on 17 March 1990 in Hisar, Haryana, into a Jat family. Her father Dr. Harvir Singh Nehwal and mother Usha Nehwal were both badminton enthusiasts, which influenced Saina from a young age. She began formal training at Lal Bahadur Shastri Stadium in Hyderabad under the guidance of coach Nani Prasad.
Encouraged by her father and supported throughout her journey, Saina showed early promise and went on to become a world-class player.
Major Career Achievements--
Saina has numerous accolades to her name, both at the national and international levels. Some of her major achievements include:
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2005: Won the Asian Satellite Badminton Junior Czech Open
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2006: Won the Asian Satellite Championship and Philippines Open
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2008: Gold medal at the World Junior Championships, Pune
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2009: Became the first Indian woman to win a Super Series title (Indonesia Open)
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2010: Reached the All England Open semifinals (first Indian woman to do so)
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2010: Won gold in Commonwealth Games, Delhi (singles), and silver in mixed team
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2012: Won bronze at the London Olympics
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2014: Won China Open and Australian Open Super Series
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2015: Won India Open Super Series and became World No. 1
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2016: Won Australian Open Super Series
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2017: Bronze at the BWF World Championships
Awards and Honors--
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Arjuna Award – 2009
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Rajiv Gandhi Khel Ratna – 2009–2010
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Padma Shri – 2010
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Padma Bhushan – 2016
Marriage and Divorce--
Saina Nehwal married fellow badminton player Parupalli Kashyap on 14 December 2018 in a private ceremony held in Hyderabad. The wedding was attended by close family and friends, followed by a grand reception at Novotel Hotel on 16 December, attended by celebrities from the sports and film world.
However, in July 2025, Saina announced her separation from Kashyap through an Instagram story:
"After much thought and consideration, Kashyap and I have decided to part ways. Life sometimes takes us in different directions. We choose peace, progress, and healing for each other. I am grateful for all the time we've spent together and wish him a bright future."
About Parupalli Kashyap--
Parupalli Kashyap is a well-known Indian badminton player from Hyderabad, Telangana. He made history by reaching the quarterfinals of the 2012 London Olympics, becoming the first Indian male player to do so. He won the gold medal at the 2014 Commonwealth Games in Glasgow and achieved a career-best world ranking of No. 6 in 2013.
Conclusion--
Saina Nehwal is not just a sports icon but a role model for millions of young girls in India and beyond. Her resilience, discipline, and dedication to badminton have earned her global recognition. Whether it’s the high of Olympic glory or the lows of personal challenges, she has faced every phase with dignity and strength.