विनेश फोगाट
(विनू, हरियाणा की शेरनी)
| जन्म तिथि | 25 August 1994 |
| राशि | कन्या राशि |
| जन्म स्थान | बलाली गाँव, जिला भिवानी, हरियाणा, भारत |
| निवास स्थान | बलाली (हरियाणा) और गुरुग्राम (हरियाणा) |
| पिता | राजपाल फोगाट |
| माता | प्रीमलता फोगाट |
| भाई | एक बड़ा भाई |
| बहिन | चचेरी बहनें (Cousins) गीता फोगाट, बबीता फोगाट, ऋतु फोगाट |
| कद | 5 फीट 3 इंच (लगभग 160 सेंटीमीटर) |
| वजन | 50–53 किलोग्राम (वजन वर्ग के अनुसार) |
| वैवाहिक हि. | विवाहित |
| वैवाहिक दि. | 2018-12-13 |
| जीवनसंगी | सोमवीर राठी (Somvir Rathee, भारतीय पहलवान) |
| शिक्षा | बलाली गाँव का सरकारी विद्यालय और भिवानी स्पोर्ट्स स्कूल |
| कॉलेज | एम.डी. यूनिवर्सिटी, रोहतक (हरियाणा) |
| विश्वविद्यालय | महार्षि दयानंद विश्वविद्यालय (MDU, Rohtak) |
| योग्यता | स्नातक (Bachelor in Arts – B.A.) |
| पेशा | महिला पहलवान (Wrestler), भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी (DSP, हरियाणा पुलिस) |
| रुचियाँ | योग, संगीत सुनना, यात्रा करना, किताबें पढ़ना, फिटनेस ट्रेनिंग |
| राष्ट्रीयता | भारतीय |
| धर्म | हिन्दू |
| पुरस्कार | 2016 अर्जुन पुरस्कार |
| नेट वर्थ | ₹18 से ₹22 करोड़ (लगभग 2.2 मिलियन USD) |
| कोच | महावीर सिंह फोगाट, विनोद कुमार |
विनेश फोगाट – जीवनी--
“भारत की शेरनी, जिसने पहलवानी की दुनिया में महिला शक्ति की नई परिभाषा लिखी”
विनेश फोगाट — यह नाम भारतीय खेल इतिहास में उस नई क्रांति का प्रतीक है जिसने साबित कर दिया कि महिलाएँ किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं हैं।
हरियाणा की मिट्टी से निकली यह “शेरनी” आज भारत की सबसे सफल महिला पहलवानों में से एक हैं।
उन्होंने न केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया, बल्कि भारतीय महिला कुश्ती को एक नई पहचान भी दिलाई।
विनेश का जीवन संघर्ष, साहस, अनुशासन और अटूट विश्वास की कहानी है।
उनकी कहानी हर उस बेटी के लिए प्रेरणा है जो किसी परंपरा या रूढ़िवादी सोच से हार मान लेती है।
प्रारंभिक जीवन और परिवारिक पृष्ठभूमि--
विनेश फोगाट का जन्म 25 अगस्त 1994 को भिवानी ज़िले के बलाली गाँव (हरियाणा) में हुआ था।
उनके पिता का नाम राजपाल फोगाट और माता का नाम प्रीमलता फोगाट है।
उनके परिवार की पहचान ही पहलवानी से है।
विनेश के चाचा महावीर सिंह फोगाट भारतीय कुश्ती जगत का जाना-माना नाम हैं, जिन्होंने न केवल अपने बेटियों — गीता फोगाट और बबीता फोगाट, बल्कि अपनी भतीजी विनेश को भी एक विश्वस्तरीय पहलवान बनाया।
बलाली गाँव में जन्मी विनेश ने बचपन से ही यह देखा कि लड़कियाँ गाँव में घर के कामों तक सीमित रखी जाती थीं, लेकिन उनके घर में ऐसा नहीं था।
महावीर सिंह फोगाट की सोच बिल्कुल अलग थी — वे मानते थे कि अगर अवसर मिले तो बेटियाँ भी वही कर सकती हैं जो बेटे करते हैं।
शिक्षा और पहलवानी की शुरुआत--
विनेश ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बलाली गाँव में ही पूरी की।
बचपन से ही वे खेलकूद में सक्रिय थीं।
जब उनके पिता का देहांत हुआ, तब वे बहुत छोटी थीं।
उनकी माँ ने उन्हें और उनके भाई-बहनों को बहुत कठिन परिस्थितियों में पाला।
महावीर सिंह फोगाट ने ही विनेश को पहलवानी की राह पर आगे बढ़ाया।
उन्होंने अपने बेटियों और भतीजियों को एक समान प्रशिक्षण दिया —
सुबह 4 बजे उठकर अखाड़े में अभ्यास, दौड़, कुश्ती की तकनीकें, और फिर पढ़ाई — यही उनका दिनचर्या था।
विनेश कहती हैं,
“हमारे लिए खेल केवल करियर नहीं, सम्मान का सवाल था। अगर हार जाते, तो लोग कहते – ‘लड़कियाँ पहलवानी नहीं कर सकतीं’। इसलिए हर बार जीत जरूरी थी।”
फोगाट परिवार और प्रेरणा की विरासत--
फोगाट परिवार भारतीय कुश्ती जगत का “आधार स्तंभ” माना जाता है।
महावीर सिंह फोगाट की बेटियाँ —
गीता फोगाट (कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 की स्वर्ण पदक विजेता)
और बबीता फोगाट (कॉमनवेल्थ 2014 की स्वर्ण पदक विजेता)
पहले ही देश के लिए नाम कमा चुकी थीं।
इन्हीं की राह पर चलकर विनेश ने भी अखाड़े में कदम रखा।
उन्होंने अपने चाचाओं और बहनों से सीखा कि मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प ही असली सफलता का राज है।
फिल्म “दंगल” में दिखाई गई कहानी इसी परिवार की वास्तविकता का हिस्सा थी।
फिल्म की सफलता के बाद फोगाट परिवार एक प्रेरणास्रोत बन गया, और विनेश ने इस विरासत को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया।
राष्ट्रीय करियर की शुरुआत--
विनेश ने वर्ष 2013 में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनानी शुरू की।
उन्होंने कई जूनियर और सीनियर नेशनल प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीते।
उनकी ताकत, तकनीक और मानसिक दृढ़ता ने उन्हें जल्द ही भारतीय महिला कुश्ती टीम का अभिन्न हिस्सा बना दिया।
2013 एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में उन्होंने 55 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीता।
यह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की पहली बड़ी उपलब्धि थी।
अंतरराष्ट्रीय करियर और प्रमुख प्रतियोगिताएँ--
कॉमनवेल्थ गेम्स 2014 – ग्लासगो--
विनेश ने 48 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता।
यह वह क्षण था जब भारत की बेटी ने पूरी दुनिया को दिखाया कि “फोगाट परिवार” केवल एक कहानी नहीं, बल्कि एक आंदोलन है।
एशियन गेम्स 2014 – इंचियोन--
यहाँ उन्होंने कांस्य पदक जीता।
इस उपलब्धि ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थिर कर दिया।
विश्व रेसलिंग चैंपियनशिप 2015 – लास वेगास--
विनेश ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन पदक से थोड़ा चूक गईं।
बावजूद इसके, उनके प्रदर्शन ने भारतीय कुश्ती में नई उम्मीद जगाई।
ओलंपिक सफर और चोट की कहानी--
रियो ओलंपिक 2016
रियो ओलंपिक 2016 में विनेश भारत की बड़ी उम्मीद थीं।
उन्होंने शुरुआती राउंड में शानदार शुरुआत की।
लेकिन क्वार्टरफाइनल मुकाबले में उन्हें गंभीर घुटने की चोट लगी।
वह दर्द में जमीन पर गिर गईं और स्ट्रेचर से मैदान से बाहर ले जानी पड़ीं।
यह पल पूरे देश के लिए भावनात्मक था।
हर भारतीय की आँखों में आँसू थे क्योंकि यह वही लड़की थी जिसने सोने का सपना देखा था।
लेकिन विनेश ने हार नहीं मानी।
उन्होंने कहा —
“मैं ओलंपिक में अधूरी छोड़ी कहानी को पूरा करने वापस आऊँगी।”
वापसी और एशियाई स्वर्ण--
एशियन गेम्स 2018 – जकार्ता
विनेश ने 50 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा।
वह एशियन गेम्स में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनीं।
यह विजय केवल एक पदक नहीं थी — यह संघर्ष पर विजय, आत्मविश्वास की पुनर्जन्म, और भारत की बेटी की पुकार थी।
विश्व कुश्ती चैंपियनशिप 2019--
विनेश ने 53 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीता।
इस उपलब्धि ने उन्हें टोक्यो ओलंपिक 2020 के लिए क्वालीफाई करने में मदद की।
टोक्यो ओलंपिक 2020 (2021 में आयोजित)--
टोक्यो में पूरे देश की नज़र विनेश पर थी।
वह शानदार फॉर्म में थीं, लेकिन दुर्भाग्यवश क्वार्टर फाइनल में हार गईं।
यह उनके लिए एक भावनात्मक क्षण था।
लेकिन इस बार उन्होंने खुद को टूटने नहीं दिया।
उन्होंने कहा —
“ओलंपिक हारने के बाद लोग आलोचना करते हैं, लेकिन मैं जानती हूँ कि मैं फिर से उठ खड़ी होऊँगी।”
कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 – बर्मिंघम--
विनेश ने 53 किग्रा वर्ग में तीसरा लगातार कॉमनवेल्थ गोल्ड मेडल जीतकर नया इतिहास रचा।
वे यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनीं।
विवाद और चुनौतियाँ--
विनेश फोगाट हमेशा अपनी स्पष्टवादी सोच के लिए जानी जाती हैं।
2023 में उन्होंने भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के खिलाफ आवाज़ उठाई।
उन्होंने अन्य महिला पहलवानों के साथ मिलकर यौन उत्पीड़न के मामलों में न्याय की माँग की।
यह भारत में खेलों में महिला सुरक्षा को लेकर एक बड़ा आंदोलन था।
उन्होंने कहा —
“अगर हम नहीं बोलेंगे, तो अगली पीढ़ी की बेटियाँ कैसे सुरक्षित महसूस करेंगी?”
उनके इस साहसिक कदम की पूरे देश में सराहना हुई।
निजी जीवन--
विनेश फोगाट ने सॉमरन राठौड़ (Somvir Rathee) से विवाह किया है, जो स्वयं भी पहलवान हैं।
उनकी प्रेम कहानी बहुत प्रेरक है — दोनों ने अखाड़े में एक साथ प्रशिक्षण लेते हुए एक-दूसरे का साथ निभाया।
विनेश अक्सर कहती हैं कि उनके पति उनके “सबसे बड़े सपोर्ट सिस्टम” हैं।
प्रेरणा और व्यक्तित्व--
विनेश अपने आत्मविश्वास, साहस और दृढ़ निश्चय के लिए जानी जाती हैं।
वे हमेशा कहती हैं कि,
“हमारे लिए कुश्ती सिर्फ खेल नहीं, समाज को बदलने का जरिया है।”
उन्होंने कई बार कहा कि उनका सपना भारत की बेटियों को विश्व चैंपियन बनते देखना है।
विनेश फोगाट के प्रेरक विचार--
“अगर डर लगता है तो वही करो — क्योंकि वही तुम्हें सबसे ज़्यादा बढ़ाएगा।”
“मैं जीतने नहीं, अपना सबकुछ देने के लिए अखाड़े में उतरती हूँ।”
“हर गिरावट मेरे लिए नई ताकत लेकर आती है।”
“भारत की बेटियाँ अब किसी से कम नहीं।”
“हारना भी सीख का हिस्सा है, लेकिन हार मान लेना नहीं।”
लाइफस्टाइल (Lifestyle & Routine)
दैनिक दिनचर्या--
सुबह 4 बजे उठना
2 घंटे सुबह की दौड़ और स्ट्रेचिंग
3 घंटे कुश्ती अभ्यास
दिन में हल्का भोजन – दूध, फल, सूखे मेवे
दोपहर में आराम और योग
शाम को जिम व रेसलिंग की स्पेशल ट्रेनिंग
रात 9 बजे तक सोना
डाइट प्लान--
उच्च प्रोटीन डाइट (अंडे, दूध, दही, दाल, चिकन, पनीर)
कार्बोहाइड्रेट नियंत्रित मात्रा में
फलों में केला और सेब प्रमुख
शक्करयुक्त पदार्थों से दूरी
हाइड्रेशन पर विशेष ध्यान
फिटनेस रूटीन--
6 घंटे अभ्यास प्रतिदिन
योगासन और ध्यान अनिवार्य
कार्डियो + वेट ट्रेनिंग का मिश्रण
रेस्ट और रिहैबिलिटेशन पर ध्यान
फैशन और पर्सनैलिटी--
सामान्य जीवन में बहुत सादगी
पारंपरिक हरियाणवी पहनावा पसंद
मैच के समय केवल स्पोर्ट्स गियर (Nike & Asics ब्रांड)
कभी-कभी भारतीय एथलीट कैंपेन की ब्रांड मॉडलिंग
विनेश फोगाट की जीवनशैली से जुड़ी खास बातें--
- वे सोशल मीडिया पर बहुत एक्टिव हैं — Instagram पर लाखों फॉलोअर्स हैं।
- “No Pain, No Gain” उनका जीवन-मंत्र है।
- वे फिटनेस और मानसिक स्वास्थ्य पर नियमित रूप से प्रेरणादायक बातें साझा करती हैं।
- हर ट्रिप पर वे भारतीय तिरंगे के साथ फोटो खिंचवाना पसंद करती हैं।
- वे विदेशी खेल तकनीकें सीखने के लिए यूरोप और जापान में प्रशिक्षण ले चुकी हैं।
- उन्हें लंबे बालों के बजाय स्पोर्टी लुक पसंद है।
- वे कभी भी सफलता को सिर पर नहीं चढ़ने देतीं — “Grounded and Focused” रहती हैं।
- 2023 में उन्होंने महिला पहलवानों के अधिकारों के लिए खुलकर आवाज़ उठाई।
वे कहती हैं —
“मेरे लिए लाइफस्टाइल का मतलब है अनुशासन और आत्मसम्मान।”
संक्षिप्त प्रेरणा-संदेश--
“मैंने जीवन में बहुत दर्द झेले, लेकिन कभी हार नहीं मानी —
क्योंकि अगर मैं हार जाती, तो वे सब सही साबित हो जाते जो कहते थे कि बेटियाँ पहलवानी नहीं कर सकतीं।”
— विनेश फोगाट
विनेश फोगाट – मुख्य रिकॉर्ड और उपलब्धियाँ--
- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियाँ (International Achievements)--
- कॉमनवेल्थ गेम्स 2014 (ग्लासगो) – 48 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक
- एशियन गेम्स 2014 (इंचियोन) – 48 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक
- कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 (गोल्ड कोस्ट, ऑस्ट्रेलिया) – 50 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक
- एशियन गेम्स 2018 (जकार्ता, इंडोनेशिया) – 50 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक
- विश्व कुश्ती चैंपियनशिप 2019 (नूर-सुल्तान, कजाकिस्तान) – 53 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक
- एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप 2021 (अलमाटी, कजाकिस्तान) – 53 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक
- कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 (बर्मिंघम, इंग्लैंड) – 53 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक
- एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप 2023 (अस्ताना, कजाकिस्तान) – 53 किग्रा वर्ग में रजत पदक
- एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप 2022 (मंगोलिया) – कांस्य पदक
- कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप 2013 (जोहांसबर्ग, दक्षिण अफ्रीका) – 51 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक
- Asian Games Gold Medalist (2018) – पहली भारतीय महिला जिसने एशियन गेम्स में कुश्ती का स्वर्ण जीता।
- तीन बार की कॉमनवेल्थ गोल्ड विजेता – (2014, 2018, 2022)
राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियाँ (National Achievements)--
- नेशनल रेसलिंग चैम्पियनशिप – 2012, 2013, 2015, 2018, 2021 में स्वर्ण पदक
- जूनियर नेशनल चैंपियनशिप (2009) – प्रथम स्थान
- सीनियर नेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप 2011 – रजत पदक
- 2016 हरियाणा राज्य खेलों में स्वर्ण पदक
- रेलवे रेसलिंग चैंपियनशिप (इंडियन रेलवे टीम) में लगातार 4 वर्ष स्वर्ण पदक विजेता
ओलंपिक करियर (Olympic Participation)--
- रियो ओलंपिक 2016 (Brazil) – क्वार्टरफाइनल तक पहुँचीं, चोट के कारण बाहर हुईं
- टोक्यो ओलंपिक 2020 (2021) – 53 किग्रा वर्ग में प्रतिनिधित्व किया
- पेरिस ओलंपिक 2024 – क्वालीफिकेशन के लिए चयनित (एशियन ट्रायल्स के ज़रिए)
पुरस्कार और सम्मान (Awards & Honors)--
- अर्जुन पुरस्कार – 2016 (भारत सरकार द्वारा सम्मानित)
- राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार (अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न) – 2018
- भारत गौरव सम्मान – 2019 (हरियाणा सरकार)
- टाइम्स ऑफ इंडिया – स्पोर्ट्स पर्सन ऑफ द ईयर 2018
- BBC 100 Women List – 2018 (दुनिया की 100 सबसे प्रेरणादायक महिलाओं में शामिल)
- JSW Sports Excellence Award – 2019
- Wrestling Federation of India द्वारा ‘Best Female Wrestler of India’ – 2022
- Fit India Icon Award – 2023
विशेष रिकॉर्ड्स (Special Records)--
- एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान।
- कॉमनवेल्थ गेम्स में तीन बार गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान।
- भारत की पहली महिला पहलवान जिन्होंने World Wrestling Championship, Asian Games, और Commonwealth Games – तीनों में पदक जीते।
- 2022 Birmingham CWG में भारत के लिए पहला कुश्ती स्वर्ण लाने वाली महिला पहलवान।
- लगातार तीन गोल्ड मेडल (CWG 2014, 2018, 2022) जीतकर नया इतिहास रचा।
- Asian Games 2018 में Injury के बाद Comeback Gold – भारतीय खेल इतिहास की सबसे प्रेरणादायक वापसी।
- भारत की पहली महिला पहलवान जिन्होंने चारों महाद्वीपीय खेलों (CWG, Asian Games, World Championship, Asian Championship) में पदक जीता।
- हरियाणा पुलिस में DSP के रूप में नियुक्ति – उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए।
- 2019 में ओलंपिक क्वालीफायर जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान।
- “Most Medaled Indian Woman Wrestler” (2022 तक)
गौरवपूर्ण क्षण (Proud Moments)--
जब 2018 एशियन गेम्स में राष्ट्रगान के दौरान तिरंगा लहराया गया — विनेश की आँखों में आँसू और देश के गर्व का पल।
जब BBC ने उन्हें “Women Who Changed The World of Wrestling” कहा।
जब हरियाणा सरकार ने उन्हें “राज्य की शान” के रूप में सम्मानित किया।
जब उनके कोच महावीर सिंह फोगाट ने कहा —
“गीता-बबीता ने रास्ता खोला था, पर विनेश ने उस रास्ते को और चौड़ा कर दिया।”
30+ रोचक जानकारियाँ--
- विनेश हरियाणा के सबसे प्रसिद्ध खेल परिवार से हैं।
- वह गीता और बबीता फोगाट की चचेरी बहन हैं।
- उनके कोच महावीर सिंह फोगाट “दंगल” फिल्म से प्रेरणा के मुख्य पात्र थे।
- उन्होंने 6 साल की उम्र में कुश्ती शुरू की।
- उन्हें बचपन में “लड़कों से पहलवानी करने वाली लड़की” कहा जाता था।
- रियो ओलंपिक में चोट के बाद उन्होंने 8 महीने तक रिहैब किया।
- वे हरियाणा पुलिस में DSP के पद पर कार्यरत हैं।
- उनके पति भी भारतीय रेल के पहलवान हैं।
- वे योग और ध्यान को अपनी दिनचर्या का हिस्सा मानती हैं।
- उन्हें संगीत सुनना और मोटिवेशनल बुक्स पढ़ना पसंद है।
- उनका पसंदीदा भोजन है – “सरसों का साग और मक्के की रोटी”।
- विनेश फोगाट Nike की ब्रांड एम्बेसडर रह चुकी हैं।
- वे भारत की पहली महिला रेसलर हैं जिन्होंने एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ दोनों में गोल्ड जीता।
- 2018 में BBC ने उन्हें “100 सबसे प्रेरणादायक महिलाओं” में शामिल किया।
- वे समाज में “महिला सशक्तिकरण” की सक्रिय आवाज़ हैं।
- उन्होंने कहा था – “मैं तब तक चैन से नहीं बैठूँगी जब तक भारत में लड़कियाँ डर से आज़ाद नहीं होतीं।”
- वे गरीब बच्चों को खेल उपकरण दान करती हैं।
- वे फिटनेस पर किताब लिखने की योजना बना रही हैं।
- उनका सपना भारत को ओलंपिक स्वर्ण दिलाना है।
- उन्हें “Iron Lady of Indian Wrestling” कहा जाता है।
- विनेश कभी मेकअप नहीं करतीं जब तक मैच न हो।
- उनका फेवरेट पहलवान सुशील कुमार हैं।
- विनेश का पसंदीदा रंग नीला है।
- वे मोबाइल गेम्स नहीं खेलतीं — “समय की बर्बादी” कहती हैं।
- उनका पसंदीदा शहर दिल्ली है।
- उनके ट्रेनर हमेशा कहते हैं – “वो कभी थकती नहीं।”
- उन्हें मोटिवेशनल स्पीच देना पसंद है।
- वे महिला सुरक्षा के लिए कई NGOs से जुड़ी हैं।
- उन्होंने 2024 पेरिस ओलंपिक के लिए विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किया।
- वे कहती हैं – “हर बेटी के अंदर एक पहलवान छुपा है, बस उसे पहचानने की जरूरत है।”
विनेश फोगाट का सामाजिक योगदान--
विनेश केवल एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण की प्रतीक हैं।
वे ग्रामीण भारत में खेलों को बढ़ावा देने, बेटियों को खेलों में आगे आने के लिए प्रेरित करने, और लैंगिक समानता पर काम कर रही हैं।
उन्होंने कई बार कहा है कि –
“अगर मैं गाँव की लड़की होकर विश्व चैंपियन बन सकती हूँ, तो कोई भी बेटी बन सकती है।”
निष्कर्ष--
विनेश फोगाट की कहानी सिर्फ पहलवानी की नहीं, बल्कि संघर्ष, साहस और आत्मविश्वास की कहानी है।
उनकी यात्रा दिखाती है कि परिस्थितियाँ चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, अगर जज़्बा सच्चा हो तो कोई भी मंज़िल असंभव नहीं।
वह हर भारतीय बेटी के लिए संदेश हैं —
“डरो मत, लड़ो — क्योंकि जीत उसी की होती है जो मैदान में डटा रहता है।”
Vinesh Phogat – Biography--
"The Lioness of India who redefined the power of women in wrestling"
Vinesh Phogat — this name symbolizes a revolution in Indian sports that proved women are in no way behind men.
Born from the soil of Haryana, this “Lioness” is one of India’s most successful female wrestlers.
She has not only made the nation proud on international platforms but also given Indian women’s wrestling a new identity.
Her life is a story of struggle, courage, discipline, and unbreakable faith — an inspiration to every girl who gives up because of social norms or limitations.
Early Life and Family Background
Vinesh Phogat was born on 25 August 1994 in Balali village, Bhiwani district, Haryana.
Her father’s name is Rajpal Phogat, and her mother’s name is Prem Lata Phogat.
Her family is synonymous with wrestling. Her uncle Mahavir Singh Phogat is a renowned Indian wrestling coach who trained not only his daughters — Geeta Phogat and Babita Phogat — but also his niece Vinesh, turning them into world-class wrestlers.
Growing up in Balali, Vinesh saw that girls were often restricted to household chores, but her home was different.
Mahavir Singh believed, “Given equal opportunity, daughters can achieve whatever sons can.”
Education and Beginning of Wrestling Career
Vinesh completed her primary education in her village, Balali.
She was always active in sports from childhood.
After her father’s untimely death, her mother faced great hardship raising her children.
Mahavir Singh Phogat stepped in and trained Vinesh with the same rigor as his daughters.
Her daily routine included early morning runs, wrestling practice, strength training, and studies.
Vinesh recalls,
“For us, wrestling wasn’t just a sport — it was about respect. Losing meant people would say, ‘Girls can’t wrestle.’ So winning was necessary.”
The Phogat Family – A Legacy of Inspiration
The Phogat family is the foundation of Indian women’s wrestling.
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Geeta Phogat – Gold medalist at Commonwealth Games 2010
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Babita Phogat – Gold medalist at Commonwealth Games 2014
Following their footsteps, Vinesh entered the akhara and learned that hard work, discipline, and determination are the real keys to success.
The Bollywood film “Dangal” is based on this family’s true story.
After its success, the Phogat family became a household inspiration, and Vinesh carried the legacy forward to new heights.
National Career Beginnings
Vinesh’s rise began in 2013, when she started dominating national tournaments.
Her strength and technique quickly earned her a place in the Indian national wrestling team.
In 2013 Asian Wrestling Championship, she won Bronze in the 55 kg category — her first major international achievement.
International Career and Major Tournaments
Commonwealth Games 2014 – Glasgow
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Won Gold Medal in the 48 kg category.
This was the moment when the world realized that the “Phogat legacy” was a revolution, not just a story.
Asian Games 2014 – Incheon
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Won Bronze Medal.
This performance established her as a consistent international performer.
World Wrestling Championship 2015 – Las Vegas
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Narrowly missed a medal but showed remarkable potential and spirit.
Rio Olympics 2016 – The Painful Setback
At the Rio Olympics 2016, Vinesh was India’s top medal hope.
She started strong but suffered a serious knee injury during the quarterfinals and was stretchered off the mat.
It was a heartbreaking moment for the entire nation.
Yet Vinesh declared,
“I’ll come back to finish my unfinished story at the Olympics.”
The Comeback – Asian Glory
Asian Games 2018 – Jakarta
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Won Gold Medal in the 50 kg category.
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Became the first Indian woman wrestler to win Gold at the Asian Games.
It was not just victory — it was the triumph of resilience and spirit.
World Wrestling Championship 2019 – Nur-Sultan
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Won Bronze Medal in the 53 kg category.
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Qualified for Tokyo Olympics 2020.
Commonwealth Games 2022 – Birmingham
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Won her third consecutive Commonwealth Gold Medal in the 53 kg category.
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Became the first Indian female wrestler to achieve this feat.
Controversy and Courage
In 2023, Vinesh led a historic protest against the Wrestling Federation of India (WFI), raising her voice against sexual harassment and demanding justice for women athletes.
She said,
“If we don’t speak up today, how will the next generation of girls feel safe?”
Her courage made her a national symbol of integrity and empowerment.
Personal Life
Vinesh is married to Somvir Rathee, who is also a wrestler.
Their love story blossomed in the wrestling arena, training together and supporting each other through every phase of life.
She often says, “My husband is my biggest support system.”
Personality and Philosophy
Known for her fearless attitude and determination, Vinesh often says:
“For us, wrestling isn’t just a sport — it’s a medium to change society.”
Her dream is to see Indian girls becoming world champions.
Inspirational Quotes by Vinesh Phogat
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“If something scares you, do it — that’s how you grow.”
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“I don’t step into the mat to win; I step in to give my 100%.”
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“Every fall gives me new strength.”
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“India’s daughters are second to none.”
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“Losing is part of learning, but giving up is not.”
Lifestyle and Routine
Daily Schedule:
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Wakes up at 4:00 AM
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2 hours of running and stretching
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3 hours of wrestling practice
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Balanced diet: milk, fruits, nuts
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Afternoon rest and yoga
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Evening gym and technical wrestling drills
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Sleeps by 9:00 PM
Diet Plan:
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High-protein foods (eggs, milk, paneer, chicken, lentils)
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Limited carbs
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Fruits: banana and apple
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Avoids sugar and junk food
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Stays hydrated throughout the day
Fitness Routine:
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6 hours of daily training
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Yoga and meditation
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Mix of cardio + weight training
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Focus on recovery and mental balance
Fashion & Personality:
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Prefers simple traditional Haryanvi outfits
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Uses Nike & Asics wrestling gear
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Represents a natural, grounded personality
Social Media and Lifestyle Highlights
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Very active on Instagram with millions of followers
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Life mantra: “No Pain, No Gain”
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Promotes fitness and mental health awareness
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Trains abroad (Japan & Europe) for advanced techniques
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Prefers a sporty short-hair look
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Known for humility and focus
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Vocal about women’s rights and empowerment
“For me, lifestyle means discipline and self-respect.” — Vinesh Phogat
Major Records and Achievements
International Achievements
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CWG 2014 (Glasgow) – Gold, 48 kg
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Asian Games 2014 (Incheon) – Bronze, 48 kg
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CWG 2018 (Gold Coast) – Gold, 50 kg
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Asian Games 2018 (Jakarta) – Gold, 50 kg
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World Wrestling Championship 2019 (Nur-Sultan) – Bronze, 53 kg
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Asian Championship 2021 (Almaty) – Gold, 53 kg
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CWG 2022 (Birmingham) – Gold, 53 kg
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Asian Championship 2023 (Astana) – Silver, 53 kg
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Commonwealth Championship 2013 (Johannesburg) – Gold, 51 kg
National Achievements
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National Wrestling Championships – Gold (2012, 2013, 2015, 2018, 2021)
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Junior National Champion (2009)
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Haryana State Games – Gold (2016)
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Indian Railways Champion (4 years consecutive)
Olympic Participation
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Rio Olympics 2016 – Qualified to quarterfinals, injured
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Tokyo Olympics 2020 (held in 2021) – Represented India, 53 kg
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Paris Olympics 2024 – Qualified via Asian Trials
Awards and Honors
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Arjuna Award (2016)
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Rajiv Gandhi Khel Ratna (now Major Dhyan Chand Khel Ratna, 2018)
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Bharat Gaurav Award (2019)
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BBC 100 Women List (2018)
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TOI Sports Person of the Year (2018)
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Best Female Wrestler of India (2022)
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Fit India Icon Award (2023)
Special Records
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First Indian woman wrestler to win Gold at the Asian Games.
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First Indian female wrestler to win three CWG gold medals (2014, 2018, 2022).
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Only Indian female wrestler to win medals at World, Asian, and Commonwealth Games.
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Appointed DSP in Haryana Police for sports excellence.
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“Most Medaled Indian Woman Wrestler” (as of 2022).
Proud Moments
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The Indian national anthem playing at the 2018 Asian Games with tears in her eyes.
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Named among “Women Who Changed the World of Wrestling” by BBC.
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Honored as the “Pride of Haryana” by the state government.
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Her coach Mahavir Singh said:
“Geeta and Babita opened the path, but Vinesh widened it.”
30+ Interesting Facts
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Comes from India’s most famous wrestling family.
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Cousin of Geeta & Babita Phogat.
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Mahavir Singh Phogat, her coach, inspired the film Dangal.
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Started wrestling at age 6.
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Was once called “the girl who wrestles boys.”
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Rehabilitated for 8 months after her Rio injury.
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Serves as DSP in Haryana Police.
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Her husband is also a wrestler.
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Practices yoga and meditation daily.
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Loves motivational books and music.
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Favorite food – Sarson ka saag & makke di roti.
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Former Nike Brand Ambassador.
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First Indian woman to win Gold in both CWG & Asian Games.
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Named among BBC’s “Top 100 Inspiring Women” (2018).
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Active advocate for women empowerment.
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Donates sports gear to poor children.
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Plans to write a book on fitness.
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Dream: to win India’s first Olympic wrestling Gold.
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Known as the “Iron Lady of Indian Wrestling.”
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Avoids makeup and luxury lifestyle.
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Idol: Wrestler Sushil Kumar.
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Favorite color: Blue.
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Doesn’t play mobile games.
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Favorite city: New Delhi.
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Known for unmatched stamina and grit.
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Loves giving motivational talks.
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Works with NGOs for women’s safety.
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Training specially for Paris Olympics 2024.
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Believes every girl has a fighter within her.
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Motto: “Hard work beats everything.”
Social Contribution
Beyond being a champion, Vinesh is a symbol of women empowerment.
She promotes sports in rural India and encourages girls to dream big.
“If a village girl like me can become a world champion, then every girl can.”
Conclusion
Vinesh Phogat’s story is not just about wrestling — it’s about struggle, strength, and self-belief.
Her journey shows that no matter how tough the road, passion and persistence can conquer all.
She stands as a message to every Indian daughter:
“Don’t fear — fight, because victory belongs to those who stay in the arena.”