देवी निधि सारस्वत
(निधि दीदी, सारस्वत जी, निधि जी)
| जन्म तिथि | 26 June 1997 |
| उम्र | 28 साल (2025) |
| जन्म स्थान | उदयपुर, अलीगढ़, उत्तर प्रदेश, भारत |
| निवास स्थान | उदयपुर, अलीगढ़, उत्तर प्रदेश, भारत |
| पिता | विनोद कुमार शर्मा |
| माता | पूनम शर्मा |
| बहिन | नेहा सारस्वत |
| कद | लगभग 5 फीट 3 इंच – 5 फीट 4 इंच |
| वजन | लगभग 52–56 Kg |
| वैवाहिक हि. | विवाहित |
| वैवाहिक दि. | 2025-12-09 |
| जीवनसंगी | चिरागवीर उपाध्याय |
| शिक्षा | प्रारंभिक शिक्षा अलीगढ़ के चिरंजीलाल गर्ल्स इंटर कॉलेज | विज्ञान में स्नातक |
| पेशा | कथावाचक |
| राष्ट्रीयता | भारतीय |
| धर्म | हिन्दू |
| पुरस्कार | अंतर्राष्ट्रीय भगवद गीता विद्वान पुरस्कार |
देवी निधि सारस्वत की जीवनी--
भक्ति, ज्ञान और सेवा की अद्भुत प्रेरणा – देवी निधि सारस्वत
देवी निधि सारस्वत एक प्रसिद्ध युवा कथावाचिका, भजन गायिका और समाजसेविका हैं। उनका जन्म 26 जून 1997 को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के उदयपुर गांव में हुआ था। वे श्रीमद्भगवद् गीता, रामायण और भागवत कथा की प्रसिद्ध उपदेशक हैं। उनकी छोटी बहन देवी नेहा सारस्वत भी उनके साथ कथा प्रचार में सक्रिय हैं, और दोनों बहनों को 'युगल जोड़ी' के रूप में जाना जाता है।
व्यक्तिगत जानकारी--
पूरा नाम: देवी निधि सारस्वत (Nidhi Saraswat)
जन्म तिथि: 26 जून 1997
जन्म स्थान: उदयपुर, अलीगढ़, उत्तर प्रदेश, भारत
शिक्षा: विज्ञान में स्नातक
पेशा: कथावाचिका, भजन गायिका, समाजसेविका
धर्म: हिंदू धर्म
राशि: कर्क (Cancer)
परिवार:--
पिता: विनोद कुमार शर्मा (उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग में कार्यरत)
माता: पूनम शर्मा
बहन: देवी नेहा सारस्वत (कथावाचिका)
भाई: गोविंद सारस्वत
शिक्षा और प्रारंभिक जीवन--
देवी निधि ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अलीगढ़ के चिरंजीलाल गर्ल्स इंटर कॉलेज से प्राप्त की। बचपन से ही उनका झुकाव आध्यात्मिकता की ओर था। उन्होंने आठ वर्ष की आयु में पहली बार श्रीमद्भागवत गीता का पाठ किया था। उनकी छोटी बहन देवी नेहा भी उनके साथ कथा प्रचार में सक्रिय हैं, और दोनों बहनों को 'युगल जोड़ी' के रूप में जाना जाता है।
आध्यात्मिक यात्रा और प्रसिद्धि--
देवी निधि ने 8 वर्ष की आयु में पहली बार श्रीमद्भागवत गीता का पाठ किया था। इसके बाद, उन्होंने रामायण और अन्य धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन किया और उनका प्रचार शुरू किया। उनकी छोटी बहन देवी नेहा भी उनके साथ कथा प्रचार में शामिल हुईं, और दोनों बहनों ने मिलकर 'युगल जोड़ी' के रूप में ख्याति प्राप्त की।
उनकी कथाएँ और भजन विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर प्रस्तुत किए गए हैं। उनकी कथाएँ और भजन भारतीय भक्ति चैनलों पर प्रसारित होते हैं, और वे लाखों लोगों के दिलों में अपनी विशेष जगह बना चुकी हैं।
पुरस्कार और सम्मान--
देवी निधि को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है, जिनमें शामिल हैं:
- अंतर्राष्ट्रीय भगवद गीता विद्वान पुरस्कार: 2 अक्टूबर 2017 को यूके संसद द्वारा प्रदान किया गया।
- शांति और सद्भाव पुरस्कार: लंदन के मेयर भगवानजी चौहान से प्राप्त।
- राइजिंग डॉटर्स ऑफ इंडिया अवार्ड: भारतीय राजनीति के प्रसिद्ध नेता विजय गोयल, सांसद बॉब ब्लैकमैन और अन्य गणमान्य व्यक्तियों से प्राप्त।
सामाजिक कार्य और एनजीओ--
देवी निधि और उनकी बहन देवी नेहा ने मिलकर 'युगल सरकार फाउंडेशन' (YSF) की स्थापना की, जो मानसिक और शारीरिक रूप से विकलांग लोगों के कल्याण के लिए कार्यरत है। इसके अतिरिक्त, वे 'नारायण सेवा संस्थान' से भी जुड़ी हैं, जो जरूरतमंदों की सहायता करता है।
व्यक्तिगत रुचियाँ और कौशल--
रुचियाँ: पाक कला, गायन
कौशल: हर्मोनिनियम, अन्य संगीत वाद्ययंत्र बजाने में निपुणता
भाषाएँ: आदि वृंदावन भाषा में प्रवीणता
सोशल मीडिया और संपर्क
देवी निधि सारस्वत सोशल मीडिया पर भी सक्रिय हैं, जहाँ वे अपनी कथाएँ, भजन और सामाजिक कार्यों की जानकारी साझा करती हैं।
इंस्टाग्राम: @devi_nidhi_सारस्वत
यूट्यूब चैनल: Devi Nidhi Neha Saraswat
फेसबुक पेज: Devi Nidhi Neha Saraswat Ji
व्यक्तिगत जीवन और दिनचर्या--
सुबह जल्दी उठना और ध्यान/साधना करना उनकी नियमित दिनचर्या में शामिल है।
दिन की शुरुआत प्रार्थना, भजन और धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन से होती है।
वे समय का सदुपयोग करती हैं और आध्यात्मिक शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारती हैं।
भोजन और स्वास्थ्य--
देवी निधि शाकाहारी हैं।
उनका भोजन संतुलित, हल्का और स्वास्थ्यवर्धक होता है।
योग और प्राणायाम उनका नियमित हिस्सा है, जो शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखता है।
परिवार और संबंध--
वे अपने परिवार के साथ समय बिताना पसंद करती हैं।
बहन देवी नेहा सारस्वत के साथ उनका संबंध बहुत करीबी है।
परिवार के सहयोग से वे अपने आध्यात्मिक और सामाजिक कार्यक्रम संचालित करती हैं।
देवी निधि सारस्वत के परोपकार कार्य (Philanthropic / Social Work)--
युगल सरकार फाउंडेशन (Yugal Sarkar Foundation – YSF)--
देवी निधि और उनकी बहन ने इस फाउंडेशन की स्थापना की।
उद्देश्य: मानसिक और शारीरिक रूप से विकलांग लोगों की सहायता करना।
गतिविधियाँ:
स्वास्थ्य और शिक्षा से संबंधित मदद।
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहायता।
विशेष जरूरत वाले बच्चों और युवाओं के लिए प्रशिक्षण और मार्गदर्शन।
कथावाचक निधि सारस्वत कौन हैं?
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले की प्रसिद्ध कथा वाचक निधि सारस्वत जल्द ही शादी के बंधन में बंधने जा रही हैं। उनका विवाह राजनीतिक परिवार से जुड़े पूर्व ऊर्जा मंत्री स्वर्गीय रामवीर उपाध्याय के बेटे चिरागवीर उपाध्याय के साथ तय हुआ है। दोनों 9 दिसंबर को 7 फेरे लेंगे।
निधि सारस्वत और चिरागवीर उपाध्याय की शादी--
जानकारी के अनुसार, निधि सारस्वत और चिरागवीर उपाध्याय एक-दूसरे को वर्ष 2020 से जानते हैं। दोनों की पहली मुलाकात अलीगढ़ में आयोजित ब्राह्मण समाज के एक कार्यक्रम में हुई थी। माना जाता है कि दोनों का आध्यात्म की ओर गहरा झुकाव ही उन्हें करीब लाने का मुख्य कारण बना।
9 दिसंबर को गाजियाबाद में होगी शादी--
बताया जा रहा है कि कथावाचक निधि सारस्वत की तरह चिराग उपाध्याय का भी आध्यात्म की ओर झुकाव है। चिराग की मां और जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा उपाध्याय के निजी सचिव रानू पंडित की माने तो गाजियाबाद स्थित आवास पर हल्दी की रस्म आयोजित की जाएगी। जबकि 9 दिसंबर को गाजियाबाद के नायाब वेदांता फार्म्स में विवाह संपन्न होगा। शादी के बाद 11 दिसंबर को चिराग अपनी जीवनसंगिनी के साथ अपने पैतृक गांव बामौली पहुंचेंगे।
कौन हैं निधि सारस्वत--
निधि सारस्वत अलीगढ़ के सासनी गेट इलाके की निवासी हैं। वह जानी-मानी कथावाचक और भजन गायिका हैं। ‘मैं राधावल्लभ की’, ‘राधा रानी मेरी है’, ‘भजो रे मन गोविंदा’ जैसे कई लोकप्रिय भजन गाकर वह अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। कथावाचक निधि सारस्वत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कई सम्मान मिल चुके हैं। उन्हें यूके संसद द्वारा अंतरराष्ट्रीय भगवतगीता विद्वान पुरस्कार, लंदन के मेयर की ओर से सद्भाव पुरस्कार और भारत में राइजिंग डॉटर्स ऑफ इंडिया अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है।
चिराग और निधि का विवाह--
चिराग, स्वर्गीय रामवीर उपाध्याय और सीमा उपाध्याय के बेटे हैं. जानकारी के अनुसार, निधि और चिराग पहली बार 2020 में ब्राह्मण समाज के एक कार्यक्रम में मिले थे. दोनों की आध्यात्म के प्रति रुचि थी. आध्यात्म के प्रति इसी लगाव ने दोनों के रिश्ते की शुरुआत कराई, और अब 2025 में ये दोनों विवाह बंधन में बंध गए.
चिरागवीर उपाध्याय का परिवार--
पिता: स्व. रामवीर उपाध्याय — पश्चिमी UP के बड़े राजनीतिक नेता
माता: श्रीमती सीता उपाध्याय
परिवार की राजनीतिक विरासत यूपी की राजनीति में बहुत प्रभावशाली मानी जाती है
शादी एक ब्राह्मण–राजनीतिक परिवार की प्रतिष्ठित परंपराओं के अनुसार हुई
शादी की मुख्य झलकियाँ--
25+ रोचक जानकारियाँ (Interesting Facts)--
- देवी निधि सारस्वत का जन्म 26 जून 1997 को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के उदयपुर गांव में हुआ था।
- वे बचपन से ही धार्मिक ग्रंथों में गहरी रुचि रखती थीं।
- उन्होंने केवल 8 वर्ष की आयु में पहली बार श्रीमद्भागवत गीता का पाठ किया
- उनकी छोटी बहन देवी नेहा सारस्वत भी उनकी तरह कथावाचिका हैं
- दोनों बहनों को मिलकर 'युगल जोड़ी' कहा जाता है।
- देवी निधि ने अपने जीवन में आध्यात्मिक शिक्षा को प्राथमिकता दी।
- वे रामायण, भगवद गीता और भागवत कथा की प्रसिद्ध कथावाचिका हैं।
- उनकी कथाएँ टीवी चैनलों और यूट्यूब पर लाखों दर्शकों द्वारा देखी जाती हैं।
- उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय भगवद गीता विद्वान पुरस्कार प्राप्त किया है।
- उन्हें शांति और सद्भाव पुरस्कार भी मिला है।
- देवी निधि और उनकी बहन ने 'युगल सरकार फाउंडेशन' की स्थापना की।
- उनका फाउंडेशन मानसिक और शारीरिक रूप से विकलांग लोगों की मदद करता है।
- देवी निधि समाज सेवा में भी सक्रिय हैं।
- वे भारतीय संस्कृति और धर्म का प्रचार देश-विदेश में करती हैं।
- उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर कथा वाचन किया है।
- देवी निधि का गायन और भजन प्रस्तुत करना भी उनका विशेष कौशल है।
- वे हर्मोनियम और अन्य वाद्ययंत्र बजाने में पारंगत हैं।
- देवी निधि युवाओं के लिए प्रेरणास्पद वक्ता भी हैं।
- उनका मानना है कि आध्यात्मिक शिक्षा से जीवन में शांति और संतुलन आता है।
- वे सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय हैं और अपने अनुभव साझा करती हैं।
- उनके यूट्यूब चैनल पर लाखों सब्सक्राइबर हैं।
- देवी निधि को ‘राइजिंग डॉटर्स ऑफ इंडिया’ अवार्ड से सम्मानित किया गया।
- उनका जीवन संघर्ष और साधना से भरा हुआ है, जो युवाओं के लिए प्रेरणा है।
- उनकी कथाएँ बच्चों और युवाओं के लिए भी शिक्षाप्रद होती हैं।
- वे धार्मिक कार्यों के अलावा महिलाओं को सशक्त बनाने में भी योगदान देती हैं।
- देवी निधि भारतीय संस्कृति की वाहक के रूप में जानी जाती हैं।
- वे अपने परिवार के साथ हमेशा धार्मिक और सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहती हैं।
- उनकी वाणी में सहजता और स्पष्टता है, जो श्रोता को बांध कर रखती है।
- देवी निधि ने कई वेब और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर धर्म और भक्ति विषयों पर काम किया।
- उनकी शिक्षाएँ और भजन लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाते हैं।
25+ प्रश्नोत्तर (Q&A)--
प्रश्न: देवी निधि सारस्वत का जन्म कब और कहाँ हुआ था?
उत्तर: उनका जन्म 26 जून 1997 को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के उदयपुर गांव में हुआ था।
प्रश्न: देवी निधि ने अपने जीवन में सबसे पहले कौन सा धार्मिक ग्रंथ पढ़ा?
उत्तर: उन्होंने 8 वर्ष की आयु में पहली बार श्रीमद्भागवत गीता का पाठ किया।
प्रश्न: देवी निधि सारस्वत की बहन का नाम क्या है?
उत्तर: उनकी बहन का नाम देवी नेहा सारस्वत है।
प्रश्न: बहनों को मिलकर क्या कहा जाता है?
उत्तर: दोनों बहनों को मिलकर 'युगल जोड़ी' कहा जाता है।
प्रश्न: देवी निधि सारस्वत का पेशा क्या है?
उत्तर: वे कथावाचिका, भजन गायिका और समाजसेविका हैं।
प्रश्न: देवी निधि को कौन-कौन से पुरस्कार मिले हैं?
उत्तर: उन्हें अंतर्राष्ट्रीय भगवद गीता विद्वान पुरस्कार, शांति और सद्भाव पुरस्कार, और राइजिंग डॉटर्स ऑफ इंडिया अवार्ड मिल चुके हैं।
प्रश्न: देवी निधि ने कौन-सा फाउंडेशन स्थापित किया है?
उत्तर: उन्होंने 'युगल सरकार फाउंडेशन' (YSF) की स्थापना की।
प्रश्न: युगल सरकार फाउंडेशन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: मानसिक और शारीरिक रूप से विकलांग लोगों के कल्याण के लिए काम करना।
प्रश्न: देवी निधि सारस्वत का जन्मदिन कौन-से दिन आता है?
उत्तर: 26 जून।
प्रश्न: देवी निधि ने किस आयु में कथावाचन शुरू किया?
उत्तर: बचपन से ही वे धार्मिक कथाएँ सुनाने लगी थीं, लगभग 8–9 वर्ष की उम्र में।
प्रश्न: देवी निधि सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं या नहीं?
उत्तर: हाँ, वे इंस्टाग्राम, यूट्यूब और फेसबुक पर सक्रिय हैं।
प्रश्न: देवी निधि का यूट्यूब चैनल क्या नाम है?
उत्तर: Devi Nidhi Neha Saraswat
प्रश्न: देवी निधि का शिक्षा स्तर क्या है?
उत्तर: उन्होंने विज्ञान में स्नातक की पढ़ाई की है।
प्रश्न: देवी निधि को किस धर्म के प्रति झुकाव है?
उत्तर: उन्हें हिंदू धर्म में गहरी रुचि है।
प्रश्न: देवी निधि ने किन ग्रंथों का प्रचार किया है?
उत्तर: रामायण, भागवत कथा, श्रीमद्भागवत गीता।
प्रश्न: उनकी बहन नेहा भी क्या कार्य करती हैं?
उत्तर: नेहा भी कथावाचिका और भजन गायिका हैं।
प्रश्न: देवी निधि किस उम्र में अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुंची?
उत्तर: उन्होंने 20 वर्ष की आयु तक ही अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने कार्यों के लिए ख्याति प्राप्त कर ली थी।
प्रश्न: देवी निधि को कौन-सा पुरस्कार यूके संसद से मिला?
उत्तर: अंतर्राष्ट्रीय भगवद गीता विद्वान पुरस्कार।
प्रश्न: देवी निधि का परिवार उनके कार्यों में कितना सहयोग करता है?
उत्तर: पूरा परिवार उनके आध्यात्मिक और सामाजिक कार्यों में सहयोग करता है।
प्रश्न: देवी निधि भजन गायन में निपुण हैं या नहीं?
उत्तर: हाँ, वे भजन गायन और हर्मोनियम वादन में निपुण हैं।
प्रश्न: उनका जीवन किसके लिए प्रेरणा है?
उत्तर: उनका जीवन युवाओं और महिलाओं के लिए प्रेरणा है।
प्रश्न: देवी निधि का धर्म प्रचार विदेशों में भी होता है या केवल भारत में?
उत्तर: विदेशों में भी उनका धर्म प्रचार होता है।
प्रश्न: देवी निधि की कथाएँ बच्चों के लिए भी शिक्षाप्रद हैं?
उत्तर: हाँ, उनकी कथाएँ बच्चों के लिए भी सीखने योग्य और प्रेरक हैं।
प्रश्न: देवी निधि किस प्रकार के सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं?
उत्तर: वे मानसिक और शारीरिक रूप से विकलांगों के कल्याण, महिलाओं की शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े कार्यों में सक्रिय हैं।
प्रश्न: देवी निधि और नेहा को सोशल मीडिया पर कितने लोग फॉलो करते हैं?
उत्तर: लाखों लोग उनके इंस्टाग्राम और यूट्यूब चैनल को फॉलो करते हैं।
प्रश्न: देवी निधि ने किस प्लेटफॉर्म पर कथावाचन के लिए ख्याति प्राप्त की?
उत्तर: टीवी चैनल्स, यूट्यूब और डिजिटल प्लेटफॉर्म।
प्रश्न: देवी निधि का जन्म स्थान उनके कार्यों में कैसे जुड़ा है?
उत्तर: अलीगढ़ जिले के उदयपुर गांव से उन्होंने धार्मिक और सामाजिक कार्यों की प्रेरणा प्राप्त की।
प्रश्न: उनके जीवन में आध्यात्मिक शिक्षा का महत्व क्या है?
उत्तर: आध्यात्मिक शिक्षा उनके जीवन का आधार है और यह उन्हें शांति, संतुलन और समाज सेवा में मार्गदर्शन देती है।
देवी निधि सारस्वत – जीवन निष्कर्ष (Conclusion of Life)--
देवी निधि सारस्वत जी का जीवन हमें यह सिखाता है कि भक्ति, सेवा और परोपकार ही जीवन के वास्तविक आभूषण हैं। उन्होंने अपनी कथाओं, भजनों और आध्यात्मिक संदेशों के माध्यम से हजारों लोगों के हृदयों को भगवान की भक्ति से जोड़ा।
उनका जीवन न केवल एक कथावाचिका और भजन गायिका का है, बल्कि एक आदर्श बेटी, बहन, समाज सेविका और आध्यात्मिक मार्गदर्शिका का भी है।
परिवार के साथ मिलकर उन्होंने युगल सरकार फाउंडेशन (YSF) की स्थापना कर समाज सेवा को अपना कर्तव्य बनाया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वे केवल धर्म का उपदेश ही नहीं देतीं, बल्कि उसे जीती भी हैं।
उनका लाइफस्टाइल सरल, अनुशासित और धर्ममय है, जो हर किसी को प्रेरित करता है कि सच्ची खुशी भक्ति और परोपकार में है, न कि भौतिक भोगों में।
जीवन से सीख (Life Lessons from Devi Nidhi Saraswat)--
भक्ति और भजन से मन की शांति पाई जा सकती है।
परोपकार और सेवा जीवन का सच्चा उद्देश्य है।
परिवार और समाज के साथ संतुलन बनाकर चलना ही वास्तविक सफलता है।
आध्यात्मिकता केवल कथनों में नहीं, बल्कि जीवनचर्या में उतारनी चाहिए।
सादगी और अनुशासन से व्यक्ति महान बनता है।
निष्कर्ष वाक्य--
“देवी निधि सारस्वत का जीवन एक प्रेरणा है, जो हमें यह सिखाता है कि भक्ति, सेवा और संस्कारों से ही जीवन का वास्तविक उत्थान संभव है।”
Devi Nidhi Saraswat – Biography
Devotion, Knowledge, and Service: An Incredible Inspiration
Devi Nidhi Saraswat is a well-known young storyteller, devotional singer, and social worker. She was born on June 26, 1997, in Udaipur village, Aligarh district, Uttar Pradesh, India. She is a popular preacher of the Shrimad Bhagavad Gita, Ramayana, and Bhagavata Purana. Her younger sister, Devi Neha Saraswat, is also actively involved with her in spreading spiritual messages, and together they are known as the “Yugal Jodi” (Divine Duo).
Personal Information
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Full Name: Devi Nidhi Saraswat
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Date of Birth: 26 June 1997
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Place of Birth: Udaipur, Aligarh, Uttar Pradesh, India
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Education: Graduate in Science
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Profession: Storyteller (Kathavachika), Devotional Singer, Social Worker
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Religion: Hinduism
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Zodiac Sign: Cancer
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Family:
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Father – Vinod Kumar Sharma (Worked in Irrigation Department, UP)
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Mother – Poonam Sharma
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Sister – Devi Neha Saraswat (Storyteller)
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Brother – Govind Saraswat
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Early Life and Education
Devi Nidhi completed her early education at Chiranji Lal Girls Inter College, Aligarh. Since childhood, she was inclined towards spirituality. At the tender age of eight, she recited the Shrimad Bhagavad Gita for the first time. Her younger sister Devi Neha later joined her in spiritual discourses, and together they gained recognition as the Yugal Jodi.
Spiritual Journey and Fame
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At just 8 years old, Devi Nidhi started her journey by reciting the Bhagavad Gita.
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She later studied and preached the Ramayana and other scriptures.
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With her sister, she began delivering spiritual discourses in India and abroad.
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Their discourses and devotional songs are broadcast on Indian devotional channels and on digital platforms like YouTube, reaching millions worldwide.
Awards and Recognition
Devi Nidhi has been honored with several prestigious awards:
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International Bhagavad Gita Scholar Award – Presented at the UK Parliament on October 2, 2017.
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Peace and Harmony Award – From Mayor of London, Bhagwanji Chouhan.
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Rising Daughters of India Award – Conferred by eminent personalities including politician Vijay Goel and MP Bob Blackman.
Social Work and NGO
Devi Nidhi and her sister founded the Yugal Sarkar Foundation (YSF), dedicated to the welfare of the mentally and physically challenged.
They are also associated with Narayana Seva Sansthan, which helps the underprivileged.
Foundation’s Activities:
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Healthcare and education assistance.
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Support for economically weaker families.
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Training and guidance for children with special needs.
Personal Interests and Skills
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Hobbies: Cooking, Singing
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Skills: Playing harmonium and other instruments
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Languages: Proficient in the traditional Vrindavan dialect
Lifestyle and Routine
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Begins her day with meditation, prayer, and scripture reading.
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Follows a disciplined, vegetarian lifestyle.
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Practices yoga and pranayama for physical and mental well-being.
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Values family bonding and spends time with her parents and sister.
Social Media Presence
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Instagram: @devi_nidhi_saraswat
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YouTube Channel: Devi Nidhi Neha Saraswat
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Facebook Page: Devi Nidhi Neha Saraswat Ji
Her digital presence has millions of followers, making her an online spiritual inspiration.
Philanthropy
Through Yugal Sarkar Foundation (YSF):
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Works for the welfare of differently-abled people.
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Promotes education and healthcare for underprivileged families.
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Empowers women and youth through spiritual and cultural awareness.
25+ Interesting Facts
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Born on 26 June 1997 in Aligarh, UP.
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Showed spiritual inclination since childhood.
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Recited Bhagavad Gita at age 8.
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Younger sister Neha is also a storyteller.
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Together called “Yugal Jodi”.
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Specializes in Bhagavad Gita, Ramayana, Bhagavata Purana.
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Featured on TV channels and YouTube.
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Recipient of International Gita Scholar Award.
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Honored with Peace and Harmony Award.
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Received Rising Daughters of India Award.
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Co-founded Yugal Sarkar Foundation.
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Foundation helps mentally & physically challenged people.
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Active in social service.
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Promotes Indian culture and spirituality worldwide.
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Performed on national & international stages.
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A skilled bhajan singer.
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Plays harmonium & other instruments.
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Inspires youth through spiritual talks.
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Believes in spiritual education as key to peace.
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Very active on social media.
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YouTube channel has millions of subscribers.
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Her life story inspires youth and women.
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Works for women’s empowerment.
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Known for simplicity and clarity in speech.
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Her teachings and bhajans bring positive change in lives.
25+ Questions and Answers
Q: When and where was Devi Nidhi born?
A: 26 June 1997, Udaipur village, Aligarh, Uttar Pradesh.
Q: Which scripture did she first read?
A: Shrimad Bhagavad Gita at the age of 8.
Q: Who is her sister?
A: Devi Neha Saraswat.
Q: What are the sisters together called?
A: “Yugal Jodi.”
Q: What is her profession?
A: Storyteller, devotional singer, and social worker.
Q: Which awards has she received?
A: International Gita Scholar Award, Peace & Harmony Award, Rising Daughters of India Award.
Q: What foundation did she establish?
A: Yugal Sarkar Foundation (YSF).
Q: Purpose of YSF?
A: Welfare of the physically and mentally challenged.
Q: What is her educational qualification?
A: Graduate in Science.
Q: Which instruments can she play?
A: Harmonium and others.
Q: Is she active on social media?
A: Yes, on Instagram, YouTube, and Facebook.
Q: What is her lifestyle like?
A: Disciplined, vegetarian, spiritual, with daily yoga and meditation.
(…and so on – as shared above in detail).
Life Lessons from Devi Nidhi Saraswat
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Peace can be attained through devotion and bhajans.
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Service and charity are the true purposes of life.
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Balance between family, spirituality, and society is real success.
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Spirituality must be lived, not just preached.
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Simplicity and discipline make one great.
Conclusion
Devi Nidhi Saraswat’s life teaches us that devotion, service, and compassion are the real jewels of human existence. She is not only a storyteller and devotional singer but also an ideal daughter, sister, social worker, and spiritual guide.
By establishing the Yugal Sarkar Foundation, she proved that her spiritual journey is deeply rooted in action and service, not just words. Her lifestyle is simple, disciplined, and spiritual, inspiring everyone to seek true happiness in devotion and philanthropy rather than in material possessions.
Final Note:
“Devi Nidhi Saraswat’s life is an inspiration that teaches us how true upliftment is possible only through devotion, service, and values.”