मैथिली ठाकुर

मैथिली ठाकुर जी के बारे मेंं

मैथिली ठाकुर

मैथिली ठाकुर

(Tannu)

जन्म तिथि 25 July 2000
उम्र 25 साल (2025)
राशि सिंह (Leo)
जन्म स्थान मधुबनी जिला, बिहार
निवास स्थान (बचपन से): दिल्ली
पिता रमेश ठाकुर (Ramesh Thakur)
माता भर्ति ठाकुर
भाई दो भाई: ऋषव (Rishav) और अयाची (Ayachi)
कद लगभग 5′2″ (लगभग 158 सेमी)
वजन लगभग 50 किलो (कुछ रिपोर्ट)
वैवाहिक हि. अविवाहित (2025 तक)
शिक्षा बाल भवन इंटरनेशनल स्कूल (Bal Bhavan International School)
कॉलेज दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) से बी.ए. की पढ़ाई की
योग्यता बी.ए
पेशा लोकसंगीत साधिका
राष्ट्रीयता भारतीय
धर्म हिन्दू

मैथिली ठाकुर – जीवनी--

भारतीय लोकसंगीत की नई पहचान, सोशल मीडिया की सुर-साधिका और युवा पीढ़ी की प्रेरणा

मैथिली ठाकुर आज भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर लोकसंगीत, भक्ति संगीत, मैथिली-भोजपुरी-हिंदी शास्त्रीय गायन और पारंपरिक भारतीय धुनों की सबसे प्रभावशाली, लोकप्रिय और सम्मानित युवा कलाकारों में शामिल हैं।

उनकी आवाज़ सिर्फ मधुर नहीं — बल्कि भारतीय लोकपरंपरा का जीवंत स्वर है। वे तब चर्चित हुईं जब “राइजिंग स्टार” जैसे टीवी शो में भारत ने पहली बार उनकी अद्भुत क्षमता को पहचाना। लेकिन सच्चाई यह है कि मैथिली की गायकी किसी मंच या रियलिटी शो का परिणाम नहीं, बल्कि गहन साधना, पारिवारिक समर्थन, लोकसंगीत की समझ और निरंतर अभ्यास का फल है।

आज वे सोशल मीडिया पर करोड़ों लोगों तक पहुंचती हैं, भारतीय लोकगीतों को पुनर्जीवित कर रही हैं, और युवा कलाकारों के लिए रोल मॉडल बन चुकी हैं।


प्रारंभिक जीवन और जन्म--

  • पूरा नाम: मैथिली ठाकुर
  • जन्म: 25 जुलाई 2000
  • जन्मस्थान: मधुबनी जिला, बिहार
  • निवास (बचपन से): दिल्ली
  • राष्ट्रीयता: भारतीय

मैथिली का जन्म बिहार के एक साधारण परिवार में हुआ। उनका नाम “मैथिली” इसलिए रखा गया क्योंकि उनके पिता मिथिला संस्कृति, भाषा और परंपरा के गहरे अनुयायी थे।

बिहार से दिल्ली आकर रहने के बाद भी परिवार ने मैथिली संस्कृति को घर में ही जीवित रखा।


परिवार--

पिता — रमाकांत ठाकुर

स्वयं एक कुशल शास्त्रीय संगीत शिक्षक

उन्होंने बचपन से ही मैथिली को तालीम दी

दिल्ली में संगीत शिक्षक के रूप में काम किया

संतूर, हारमोनियम, तबला, लोकगायन — सबमें दक्ष

रमाकांत ठाकुर ने अपने बच्चों को संगीत की अनमोल विरासत दी। उनके अनुसार:

“बच्चे पहले अच्छे इंसान बनें, फिर कलाकार।”

माता — भगीरथी ठाकुर

सरल, धार्मिक, और भारतीय मूल्यों को जीवित रखने वाली गृहिणी

घर में मैथिली-भोजपुरी लोकगीत, देवी-भजन गाया करती थीं

मैथिली का भावनात्मक और संस्कारपूर्ण पक्ष अपनी माँ से ही विकसित हुआ।


भाई — ऋषभ ठाकुर और अयाची ठाकुर

दोनों ही गायक और वाद्य कलाकार

दोनों का योगदान उनके यूट्यूब वीडियो और रील्स में महत्त्वपूर्ण है


तिकड़ी “मैथिली–ऋषभ–अयाची” आज पूरे भारत में लोकप्रिय है


शिक्षा--

स्कूलिंग: बाल भवन इंटरनेशनल स्कूल, द्वारका, दिल्ली

संगीत प्रशिक्षण: पिता से प्रारंभ; बाद में विभिन्न गुरुओं के अधीन हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत

बचपन से ही

  • आलाप,
  • तान,
  • ठुमरी,
  • भजन,
  • लोकगीत,

मैथिली-कैरावाली परंपरा

पर गहरी पकड़ बना ली थी।


बचपन से संगीत की शुरुआत--

मैथिली जब 4–5 वर्ष की थीं, तभी उनके पिता ने रियाज़ शुरू करा दिया।

रोज़ सुबह घंटों रियाज़—यह उनके जीवन की स्थायी आदत बन गई।

वे अपने भाइयों के साथ मंदिरों और छोटे-छोटे आयोजनों में भी गाया करती थीं।

6 वर्ष की उम्र में उन्होंने पहली बार स्टेज पर भक्ति गीत गाया और प्रशंसा प्राप्त की।

उनकी आवाज़ में बचपन से ही परिपक्वता, लय और शुद्धता थी।


संघर्ष का दौर--

परिवार आर्थिक रूप से अत्यधिक सम्पन्न नहीं था।

दिल्ली में रहते हुए पिता अपने बच्चों को मंच उपलब्ध कराने के लिए दर-दर संस्थानों में जाते थे।

कई आयोजनों में 200–300 रुपये ही मिलते थे

कभी घर में पैसे कम पड़ जाते

पिता ने अपना पूरा जीवन बच्चों के संगीत को समर्पित कर दिया

माँ ने घरेलू संघर्षों को छुपाकर बच्चों की पढ़ाई और रियाज़ जारी रखा

तीनों भाई-बहन घंटों रियाज़ करते थे, अक्सर स्कूल के बाद भी बिना ब्रेक।


टीवी रियलिटी शो में शुरुआत--

इंडियन आइडल जूनियर (2016)--

मैथिली उस समय मात्र 16 वर्ष की थीं

वे टॉप 20 तक पहुंचीं

उनकी आवाज़ की शुद्धता ने दर्शकों का ध्यान खींचा


राइजिंग स्टार (2017)--

यह वह शो था जिसने मैथिली को पूरे भारत में पहचान दिलाई।

उनका “घघरू टूटल जाईब” और “लौंग गवाचा” आज भी वायरल है

वे शो की फाइनलिस्ट रहीं

हजारों लोगों ने उनकी आवाज़ की तारीफ की


हालांकि वे विजेता नहीं बनीं, पर भारत की ‘वास्तविक विजेता’ बनकर उभरीं।

यह कहना गलत नहीं होगा कि लोगों ने शो छोड़ दिया, लेकिन मैथिली को नहीं।


सोशल मीडिया से लोकप्रियता का विस्फोट--

राइजिंग स्टार के बाद उन्होंने यूट्यूब, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर पुराने लोकगीतों और भजनों को नए अंदाज़ में प्रस्तुत करना शुरू किया।


इनके वीडियो की विशेषताएँ:

  • बिना ऑटोट्यून
  • रॉ आवाज़
  • परंपरागत बीट्स
  • पति-पत्नी गीत, भोजपुरी, मैथिली, निर्गुण, भजन, लोकगीत
  • पिता और भाई साथ में—एक पारिवारिक संगीत माहौल
  • उनके गीत
  • केलवा के पात,
  • लौहारवा,
  • रनिया,
  • कृष्ण भजन,
  • राम भजन,
  • बिहारी लोकगीत,
  • विदेशिया,
  • बटोहिया
  • एक-एक कर वायरल होते गए।
  • उनका “सुन्दरकाण्ड पाठ” तो पूरे देश में प्रतिष्ठित हो गया।


भाषाओं में महारत--

मैथिली कई भारतीय भाषाओं में पारंगत हैं—

  • मैथिली
  • भोजपुरी
  • हिंदी
  • संस्कृत
  • अवधी
  • ब्रजभाषा

रामायणी लोकभाषा

वे सिर्फ भाषा नहीं, उस भाषा की भावनात्मक संस्कृति को भी महसूस करती हैं।


संगीत शैली--

मैथिली की गायन शैली भारतीय लोकसंगीत पर आधारित है। वे—

  • कोमल भाव,
  • शुद्ध उच्चारण,
  • संस्कृत मंत्रों की शुद्ध परंपरा,
  • भक्ति भाव,
  • शास्त्रीय तकनीक
  • का संयोजन करती हैं।


वे राग आधारित लोकगीत को सरल और मधुर ढंग से पेश करने में कुशल हैं।


महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट--

“सुन्दरकाण्ड” श्रृंखला--

रामायण के इस अध्याय को उन्होंने पारंपरिक ढंग से गाया।

यह इतना लोकप्रिय हुआ कि लोग इसे दैनिक पाठ की तरह सुनने लगे।


भारतीय लोक-संग्रह अभियान--

उन्होंने भारत के विभिन्न राज्यों के

  • लोकगीत,
  • पारंपरिक राग,
  • विवाह गीत,
  • हरियाली गीत,
  • त्योहार गीत

को संग्रहित कर आधुनिक युग में लोकप्रिय बनाया।


पुरस्कार और सम्मान--

हालांकि मैथिली पुरस्कारों से अधिक जनता के आशीर्वाद में विश्वास रखती हैं, फिर भी उन्हें कई सम्मान मिले—

  • सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अवॉर्ड
  • मिथिला म्यूजिक कल्चरल सम्मान
  • बिहार गौरव सम्मान
  • विभिन्न राज्यों के सरकारी मंचों पर सम्मान
  • राष्ट्रपति भवन में सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ

कम उम्र में इतना सम्मान मिलना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।


हाल के वर्षों में लोकप्रियता--

आज मैथिली ठाकुर—

यूट्यूब पर लाखों सब्सक्राइबर

फेसबुक पर करोड़ों फॉलोअर्स

इंस्टाग्राम पर अत्यधिक सक्रिय

उनके हर वीडियो पर लाखों–करोड़ों व्यू आते हैं।

वे नए गीतों की बजाय लोकगीतों को प्राथमिकता देती हैं।


राजनीतिक करियर--

2024–2025 के आसपास उन्होंने सामाजिक मुद्दों पर अपनी प्रभावशाली आवाज़ उठाई।

उन्हें कई राजनीतिक दलों ने आमंत्रित किया।

वे सांस्कृतिक संरक्षण और युवा सशक्तिकरण से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय रहीं।


व्यक्तित्व--

मैथिली—

बेहद विनम्र

सांस्कृतिक रूप से मजबूत

धर्मिक और पारंपरिक

परिवार-केंद्रित

मेहनती

अनुशासित

उन्हें ब्रजभाषा और मिथिला संस्कृति से विशेष लगाव है।


रोचक तथ्य (30+)--

  1. मैथिली का नाम मिथिला संस्कृति से प्रेरित है।
  2. वे रोजाना 3–4 घंटे रियाज़ करती हैं।
  3. उनके पिता उनके पहले गुरु हैं।
  4. उनके भाइयों के बिना उनका कोई भी स्टेज कार्यक्रम अधूरा है।
  5. वे 6 भाषाओं में गाती हैं।
  6. सुन्दरकाण्ड का उनका संस्करण विश्वभर में लोकप्रिय है।
  7. मैथिली फोन पर कम रहती हैं — रियाज़ और अध्ययन को प्राथमिकता देती हैं।
  8. वे इंडियन आइडल जूनियर में पहली बार टीवी पर आईं।
  9. राइजिंग स्टार में उनकी हार पर लाखों लोग निराश हुए थे।
  10. उनके यूट्यूब वीडियो बिना स्टूडियो के घर पर ही रिकॉर्ड होते हैं।
  11. वे ऑटोट्यून का प्रयोग नहीं करतीं।
  12. वे भारतीय संस्कृति को “संगीत के माध्यम से बचाने” को अपना मिशन मानती हैं।
  13. उन्हें लोकभाषा के पुराने शब्दों का अध्ययन करने में रुचि है।
  14. वे किसी भी कार्यक्रम में मंच पर माता-पिता के चरण स्पर्श करती हैं।
  15. वे खुद को “भारत की बेटी” कहती हैं।
  16. कभी-कभी गावों के बुजुर्ग उनके गीत सुनकर भावुक हो जाते हैं।
  17. वे सोशल मीडिया को सेवा मंच मानती हैं, ग्लैमर मंच नहीं।
  18. मैथिली का पसंदीदा विषय इतिहास और संस्कृति है।
  19. उन्हें पारंपरिक बिहारी भोजन पसंद है।
  20. उनकी आवाज़ को लोग “देवी स्वर” कहते हैं।
  21. उनके परिवार को लोग “ठाकुर परिवार” के नाम से जानते हैं।
  22. वे सबसे अधिक सुन्दरकाण्ड, निर्गुण भजन और लोकगीत गाती हैं।
  23. उनका बचपन आर्थिक रूप से संघर्ष भरा था।
  24. वे अपने भाइयों को बराबर महत्व देती हैं।
  25. उन्हें शांत और आध्यात्मिक माहौल पसंद है।
  26. मैथिली को यात्रा कर लोकगीत संग्रह करना पसंद है।
  27. कई विदेशी लोग भी उनके भक्तिगीत सुनते हैं।
  28. उनके पिता उन्हें “बिटिया” कहकर बुलाते हैं, जो उनकी पहचान है।
  29. वे अपने आसपास नकारात्मकता से दूरी बनाकर रखती हैं।
  30. उन्हें किसी भी तरह के विवाद पसंद नहीं — वे अपनी राह पर केंद्रित रहती हैं।
  31. वे हर जीत, हर सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को देती हैं।


1. मैथिली ठाकुर – 30+ प्रश्न और उत्तर (FAQ in Hindi)--

Q1. मैथिली ठाकुर कौन हैं

मैथिली ठाकुर भारत की एक प्रसिद्ध लोकगायिका, भजन गायका और सोशल मीडिया स्टार हैं, जो मैथिली, भोजपुरी, हिंदी, ब्रजभाषा और संस्कृत में गायन करती हैं।


Q2. मैथिली ठाकुर का जन्म कब हुआ?

25 जुलाई 2000 को।


Q3. उनका जन्म कहाँ हुआ?

मधुबनी जिला, बिहार में।


Q4. वे कहाँ पली-बढ़ीं?

बचपन से दिल्ली में ही पली-बढ़ीं।


Q5. मैथिली ठाकुर की प्रारंभिक शिक्षा कहाँ हुई?

बाल भवन इंटरनेशनल स्कूल, द्वारका (दिल्ली) में।


Q6. क्या मैथिली ठाकुर पेशेवर रूप से संगीत में प्रशिक्षित हैं?

हाँ, उनका प्रशिक्षण बचपन से ही पिता रमाकांत ठाकुर से हुआ है।


Q7. मैथिली कौन-कौन सी भाषाओं में गाती हैं?

मैथिली, भोजपुरी, हिंदी, संस्कृत, ब्रजभाषा, अवधी सहित कई भाषाओं में।


Q8. मैथिली ठाकुर किस टीवी शो के बाद प्रसिद्ध हुईं?

2017 के रियलिटी शो राइजिंग स्टार के बाद।


Q9. क्या मैथिली राइजिंग स्टार की विजेता थीं?

नहीं, वे फाइनलिस्ट थीं—लेकिन पूरे भारत की दिलों की विजेता बन गईं।


Q10. क्या मैथिली इंडियन आइडल जूनियर में थीं?

हाँ, 2016 में टॉप 20 में चुनी गई थीं।


Q11. मैथिली ठाकुर किस प्रकार का संगीत गाती हैं?

भक्ति गीत, लोकगीत, मैथिली गीत, भोजपुरी गीत, सुन्दरकाण्ड, निर्गुण, पारंपरिक शास्त्रीय।


Q12. क्या मैथिली ठाकुर सोशल मीडिया पर लोकप्रिय हैं?

हाँ, उनके यूट्यूब, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर करोड़ों फॉलोअर्स हैं।


Q13. क्या उनके भाई भी संगीतकार हैं?

हाँ—ऋषभ ठाकुर और अयाची ठाकुर।


Q14. मैथिली ठाकुर ऑटोट्यून इस्तेमाल करती हैं?

नहीं, उनकी आवाज़ प्राकृतिक और रॉ होती है।


Q15. उनका सबसे वायरल कंटेंट क्या है?

“सुन्दरकाण्ड”, “लौंग गवाचा”, “घघरू टूटल जाईब”, “विदेशिया”, “निर्गुण भजन” इत्यादि।


Q16. मैथिली ठाकुर के गुरु कौन हैं?

मुख्य गुरु—रमाकांत ठाकुर (पिता)।


Q17. क्या मैथिली ठाकुर ने एल्बम भी रिकॉर्ड किए हैं?

हाँ, कई भक्ति और लोकगीत एल्बम ऑनलाइन उपलब्ध हैं।


Q18. क्या मैथिली ठाकुर राजनीतिक रूप से सक्रिय हैं?

वे सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेती हैं और युवाओं को प्रेरित करती हैं।


Q19. क्या मैथिली विवाहिता हैं?

नहीं, वे अविवाहित हैं (सार्वजनिक जानकारी के अनुसार)।


Q20. क्या मैथिली ठाकुर टीवी शो में फिर आएंगी?

वे मुख्यतः सोशल मीडिया और लाइवल शो पर केंद्रित रहती हैं।


Q21. मैथिली की आवाज़ की क्या विशेषता है?

पवित्रता, लोकभाव, शास्त्रीय ताकत, भावुकता और आध्यात्मिकता।


Q22. सुन्दरकाण्ड का उनका वीडियो इतना प्रसिद्ध क्यों है?

क्योंकि वह पारंपरिक, शुद्ध और गहराई से भावनात्मक है।


Q23. क्या मैथिली विदेशों में भी परफॉर्म करती हैं?

हाँ, कई देशों में उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रम किए हैं।


Q24. क्या मैथिली बिहार की सांस्कृतिक दूत मानी जाती हैं?

हाँ, मिथिला संस्कृति के प्रचार-प्रसार में उनकी विशेष भूमिका है।


Q25. मैथिली ठाकुर का धर्म क्या है?

वे हिन्दू धर्म और आध्यात्मिक परंपरा से गहराई से जुड़ी हुई हैं।


Q26. उनका शौक क्या है?

लोकगीतों का संग्रह, यात्राएँ, सांस्कृतिक अध्ययन।


Q27. क्या मैथिली पढ़ाई में भी अच्छी थीं?

हाँ, वे शिक्षा के साथ रियाज़ को संतुलित रखती थीं।


Q28. क्या वे फ़िल्मों में गाती हैं?

मुख्य रूप से नहीं; वे लोकसंगीत और भक्ति संगीत को प्राथमिकता देती हैं।


Q29. क्या मैथिली ठाकुर शाहिराना अंदाज़ में भी गाती हैं?

हाँ, वे निर्गुण, कबीरपंथी और भक्ति शैली में भी माहिर हैं।


Q30. मैथिली ठाकुर का उद्देश्य क्या है?

भारतीय लोकसंगीत और संस्कृति को पुनर्जीवित करना।


Q31. क्या मैथिली ठाकुर भारतीय युवाओं की प्रेरणा हैं?

हाँ, उनका अनुशासन, साधना और सफलता करोड़ों युवाओं को प्रेरित करती है।


मैथिली ठाकुर का राजनीतिक करियर — BJP के साथ--

BJP में शामिल होना--

अक्टूबर 2025 में, मैथिली ठाकुर ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गईं। 

उनकी पार्टी जॉइनिंग पटना में हुई, जहां राज्य BJP प्रमुख दिलीप जैस्वाल की मौजूदगी थी। 

उन्होंने कहा कि वे पीएम नरेंद्र मोदी और बिहार मुख्यमंत्री नितीश कुमार से प्रेरित हैं। 

उनका कहना है कि उनका उद्देश्य सत्ता में आने से ज़्यादा सेवा करना है — “I am here to serve society and take their ideology to 

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि “पार्टी उन्हें क्या भूमिका देना चाहती है, वह पार्टी के ऊपर है”। 


राजनीतिक दावेदारी और असल लक्ष्य--

उन्होंने यह कहा है कि राजनीतिक पार्टियों में शामिल होने का मतलब यह नहीं है कि वे सिर्फ राजनेता बनना चाहती हैं, बल्कि वे समाज और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़कर लोक सेवा करना चाहती हैं। 

बहुस्तर पर उनका दृष्टिकोण सांस्कृतिक संरक्षण और मिथिला क्षेत्र के उत्थान से भी जुड़ा हुआ है — वे खुद को “मिथिला की बेटी” कहती हैं। 


विधानसभा चुनाव 2025 और उम्‍मीदवारी--

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले ही, उनके BJP नेताओं — जैसे कि राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े और केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय — के साथ मुलाकातें हुई थीं। 

उन्होंने यह संकेत दिया कि वे अपने गृहनगर बेनीपाटी (मधुबनी) से चुनाव लड़ना चाहती हैं, क्योंकि उनका वहाँ “विशेष जुड़ाव” है। 


रिपोर्ट्स में कहा गया है कि BJP ने उन्हें अलिनगर (Alinagar) सीट से उम्मीदवार बनाया है। 

(नवीनतम समाचारों के अनुसार) उन्होंने अलीनगर सीट से चुनाव लड़ा और जीत भी हासिल की है, जिससे वे बिहार की सबसे युवा विधायक बनी हैं। 


जन समर्थन, आलोचनाएँ और प्रतिक्रिया--

उनका BJP में शामिल होना सोशल मीडिया पर मिला-जुला रिएक्शन लाया है। कुछ लोगों ने उनका स्वागत किया, वहीं कुछ ने आलोचना की और पूछा कि क्या उनका संगीत करियर जारी रहेगा। 

आलोचकों का कहना है कि उनका यह कदम “राजनैतिक वोट बैंक बनाने” जैसा हो सकता है, जबकि समर्थकों का कहना है कि यह बिहार और मिथिला की संस्कृति को आगे बढ़ाने का मजबूत तरीका है।


पारिवारी और सांस्कृतिक महत्व--

मैथिली ठाकुर का सांस्कृतिक बैकग्राउंड (लोकगीत, भजन) उनके राजनैतिक करियर में एक बड़ी ताकत बन सकता है, क्योंकि वे संगीत के माध्यम से लोगों से भावनात्मक जुड़ाव रखती हैं।


उनकी पहचान सिर्फ एक गायक के रूप में नहीं, बल्कि “संस्कृति की आवाज़” के रूप में है, और BJP के लिए यह सिम्बोलिक मायने रखती है — खासकर मिथिला और बिहार में।


चुनौतियाँ और जोखिम--

कोई अनुभवहीन राजनेता के रूप में, उन्हें पार्टी में अपनी स्थिति मजबूत करनी होगी और यह दिखाना होगा कि वे सिर्फ एक “चेहरा” नहीं, बल्कि काम करने वाली नेता हैं।

सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग बढ़ सकती है — पहले ही उनके राजनीति में आने पर “क्यों गायन छोड़ दें?” जैसे सवाल उठे हैं। 

चुनावी जीत के बाद, उन्हें विकास, लोक सेवा और क्षेत्रीय मुद्दों पर ठोस काम करना होगा, ताकि उनकी लोकप्रियता सिर्फ स्टार फैनबेस तक सीमित न रह जाए।


निष्कर्ष--

मैथिली ठाकुर सिर्फ एक गायिका नहीं —

वे भारत की लोकपरंपरा की प्रहरी,

मिथिला की गौरवशाली बेटी,

नई पीढ़ी की प्रेरणा,

और भक्ति-संगीत का पवित्र स्वर हैं।

उन्होंने यह साबित कर दिया कि

बिना ग्लैमर, बिना बड़े मंच, बिना तकनीक — सिर्फ साधना और परंपरा भी किसी कलाकार को विश्वभर में लोकप्रिय बना सकती है।

मैथिली ठाकुर आने वाले वर्षों में भारत की सांस्कृतिक धरोहर को नई दिशा देती रहेंगी।

Maithili Thakur – Biography

The New Voice of Indian Folk Music, the Social-Media Singing Sensation & the Cultural Icon of Young India

Maithili Thakur is today one of India’s most loved, respected and influential young folk singers. She has revived traditional Indian folk music, devotional singing, and classical-based regional melodies on a global scale. With her pure voice, disciplined training, and deep cultural roots, she has become a symbol of Indian tradition in the modern digital age.

Her rise is remarkable — from a simple middle-class family in Bihar and Delhi to becoming one of India's most viral and soulful folk voices. Though she became widely known after the reality show Rising Star, her musical journey is not the result of TV fame but of years of rigorous riyaz, classical education, cultural depth, and unwavering family support.

Today she reaches millions across social media, reviving forgotten folk songs, bhajans, and traditional melodies. She is truly the youth ambassador of Indian folk culture.


Early Life

Full Name: Maithili Thakur
Date of Birth: 25 July 2000
Birthplace: Madhubani district, Bihar
Current Residence: Delhi
Nationality: Indian

She was named Maithili because her father is a devoted follower of the Mithila culture and language. Even after shifting to Delhi, the family ensured that the Mithila tradition stayed alive inside their home.


Family Background

Father – Ramakant Thakur

A talented classical music teacher and a multi-instrumentalist (tabla, harmonium, santoor, folk music).
He has been her first guru and the guiding soul of her musical journey.
He believes:
“A child should become a good human being first, then an artist.”

Mother – Bhagirathi Thakur

A simple, devotional, culturally rooted homemaker.
She used to sing Bhojpuri, Maithili and devotional songs at home, shaping Maithili’s emotional depth.

Brothers – Rishav Thakur & Ayachi Thakur

Both are trained singers and instrumentalists.
The trio Maithili–Rishav–Ayachi is famous across India, especially on social media.


Education

  • Schooling: Bal Bhavan International School, Dwarka, Delhi

  • Music Training:

    • Trained by her father from age 4

    • Later learned under various gurus in Hindustani Classical Music

  • She mastered:
    Alaap, taan, thumri, bhajan, folk music, and Maithili–Bhojpuri traditional styles.


Musical Beginning

At the age of 4–5, she began riyaz.
Her daily practice continued for hours, without break.
She gave her first stage performance at age 6, singing a bhajan.
Her voice was powerful, pure and mature even at a young age.


Struggles and Hardships

  • The family was not financially wealthy.

  • Her father struggled to get platforms for his children.

  • In many small programs, they received only ₹200–₹300.

  • Many times, money was short at home.

  • The parents hid their struggles so the children could focus on music.

  • The siblings practiced for hours every day, balancing school and riyaz.


Rise Through Reality Shows

Indian Idol Junior (2016)

  • She reached Top 20.

  • Her clear, pure voice caught nationwide attention.

Rising Star (2017)

This show changed her life.
Her renditions like “Ghanghroo Tutal Jaib” and “Laung Gawacha” went viral.
She became the finalist, but more importantly, she became India’s darling voice.

Millions believed she deserved to win — but destiny had bigger plans.


Social Media – The Turning Point

After the show, she focused on YouTube, Facebook and Instagram:
Her videos became iconic because they were—

  • Raw and natural

  • No autotune

  • Home-recorded

  • Supported by her father and brothers

  • Filled with emotion and devotion

Her famous songs include:
Kelwa ke Paat, Bidheshia, Raniya, Krishna Bhajan, Ram Bhajan, Loharwa, Mithila Lokgeet, and many more.

Her Sunderkand Path is one of the most listened devotional recordings in India today.


Languages She Sings In

  • Maithili

  • Bhojpuri

  • Hindi

  • Sanskrit

  • Awadhi

  • Brajbhasha

  • Regional folk dialects

She doesn’t just sing words — she carries the soul of the language.


Singing Style

Her style is a blend of:

  • Classical techniques

  • Devotional emotion

  • Folk rhythm

  • Pure pronunciation

  • Softness and spirituality

She presents rag-based folk songs in a simple, melodious manner.


Major Projects

Sunderkand Series

A devotional phenomenon across India.

Indian Folk Music Preservation Project

She collects folk songs from across India:
marriage songs, festival songs, regional rhythms, folk tales, and more.


Awards & Honours

She focuses more on blessings than awards, but she has received:

  • Bihar Gaurav Samman

  • Social Media Influencer Award

  • Mithila Music Cultural Honour

  • Invitations to perform at prestigious government events

  • Cultural performances at Rashtrapati Bhavan


Political Career – With BJP

Joining BJP (2025)

In October 2025, Maithili Thakur formally joined the Bharatiya Janata Party (BJP) in Patna in the presence of senior party leaders.

She stated:

I am inspired by PM Modi and CM Nitish Kumar. I want to serve society and promote culture.

She made it clear that her aim is service, not power.


Candidature and Elections

Before the 2025 Bihar Assembly Elections, she met senior BJP leaders including:

  • Vinod Tawde (National General Secretary)

  • Nityanand Rai (Union Minister)

She expressed interest in contesting from her home region in Madhubani.

Contesting from Alinagar Seat

Reports confirmed that BJP nominated her from Alinagar.

Result

She won the election, becoming one of the youngest MLAs in Bihar.


Public Reaction

Her entry into politics received mixed reactions:

Support

  • Promotes culture and youth empowerment

  • Represents Mithila culture strongly

  • Honest and hardworking image

Criticism

  • People questioned whether she would continue music

  • Some saw it as a political strategy

She responded calmly, saying:

I will continue singing. Music is my identity. Politics is my service.


Challenges Ahead

  • Building herself as a serious leader

  • Handling criticism and political trolls

  • Balancing music with public service

  • Delivering actual development in her constituency


Personality Traits

Maithili is—

  • Humble

  • Highly disciplined

  • Deeply spiritual

  • Family-oriented

  • Peace-loving

  • Traditional yet modern in outlook

She prefers a simple life filled with riyaz, study and cultural learning.


Physical Details, Lifestyle & Net Worth

Height: 5 feet 4 inches (approx)
Weight: 50–55 kg (approx)
Zodiac Sign: Leo
Nickname: Maithili, Bitia (family)
Religion: Hindu
Current Residence: Delhi
Education: Bal Bhavan International School
College: Not publicly disclosed
Occupation: Singer, Politician (BJP MLA)

Lifestyle:

  • Early morning riyaz

  • Minimalistic life

  • Prefers traditional Indian wear

  • Avoids luxury and glamor

  • Devotional and cultural routines

Net Worth (Estimated):

₹50–70 lakh annually (from live shows, events & social platforms)


30+ Interesting Facts about Maithili Thakur

  1. Her name comes from the Mithila culture.

  2. She practices 3–4 hours of riyaz daily.

  3. Her father is her first guru.

  4. Her brothers accompany her in all major performances.

  5. She sings in more than six languages.

  6. Her Sunderkand is globally popular.

  7. She avoids spending time on mobile phones.

  8. She first appeared on TV through Indian Idol Junior.

  9. India was shocked when she didn’t win Rising Star.

  10. All her videos are recorded in a simple home studio.

  11. She never uses autotune.

  12. Her mission is to preserve Indian folk culture.

  13. She loves studying old folk words and traditions.

  14. She touches her parents’ feet before every show.

  15. She calls herself “Bharat ki Beti.”

  16. Elders often get emotional listening to her bhajans.

  17. She uses social media for seva, not glamour.

  18. History and culture are her favorite subjects.

  19. She loves traditional Bihari food.

  20. Her voice is often described as “divine.”

  21. Her family is known as “Thakur Family” online.

  22. She focuses on Sunderkand and Nirgun bhajans.

  23. Her childhood was financially difficult.

  24. She gives equal importance to her brothers’ talent.

  25. She prefers peaceful, spiritual surroundings.

  26. She travels to collect folk songs.

  27. Foreigners also follow her devotional music.

  28. Her father lovingly calls her “Bitia.”

  29. She stays away from negativity.

  30. She avoids controversies.

  31. She credits all her success to her parents.


FAQs — Maithili Thakur

Q1. Who is Maithili Thakur?

A renowned Indian folk and devotional singer.

Q2. When was she born?

25 July 2000.

Q3. Where was she born?

Madhubani, Bihar.

Q4. Where did she grow up?

Delhi.

Q5. Which school did she attend?

Bal Bhavan International School, Dwarka.

Q6. Is she trained in classical music?

Yes, since childhood.

Q7. Which languages does she sing in?

Maithili, Bhojpuri, Hindi, Sanskrit, Awadhi, Braj.

Q8. In which TV show did she gain fame?

Rising Star (2017).

Q9. Did she win the show?

No, she was a finalist.

Q10. Does she use autotune?

No.

Q11. Are her brothers musicians too?

Yes.

Q12. Is she active on social media?

Very active — millions of followers.

Q13. Is she married?

No.

Q14. Has she entered politics?

Yes, she joined BJP in 2025.

Q15. Did she contest elections?

Yes, from Alinagar constituency.

Q16. Did she win?

Yes, she became one of the youngest MLAs in Bihar.

Q17. Does she still sing?

Yes, she said she will never leave music.


Conclusion

Maithili Thakur is not just a singer —
She is the voice of Indian folk heritage,
the daughter of Mithila,
a cultural ambassador,
a youth icon,
and now, a public leader shaping social change.

Her journey reflects how dedication, discipline, and cultural pride can create a global impact — even without glamour or commercial music.

She will continue to inspire India with both her music and her public service.