राजकुमार राव
(राजकुमार)
| जन्म तिथि | 31 August 1984 |
| जन्म स्थान | गुरुग्राम, हरियाणा, भारत |
| पिता | सतीश यादव |
| माता | कमलेश यादव |
| जीवनसंगी | अभिनेत्री पत्रलेखा |
| शिक्षा | कॉलेज शिक्षा: अत्माराम सनातन धर्म कॉलेज (दिल्ली विश्वविद्यालय) |
| राष्ट्रीयता | भारतीय |
| धर्म | हिन्दू |
| पुरस्कार | सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (शाहिद, 2013) |
राजकुमार राव – जीवनी--
(संघर्ष से सफलता तक का सफर, आम लड़के से बॉलीवुड के सुपरस्टार बनने तक की कहानी)
भारतीय सिनेमा के इतिहास में कई ऐसे कलाकार हुए हैं जिन्होंने अपने अभिनय और प्रतिभा से फिल्म उद्योग में अमिट छाप छोड़ी है। राजकुमार राव उन्हीं कलाकारों में से एक हैं, जिन्होंने बिना किसी फिल्मी पृष्ठभूमि, बड़े प्रोडक्शन हाउस या उद्योग के समर्थन के केवल अपने अभिनय कौशल, संघर्ष और दृढ़ संकल्प के दम पर बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाई।
आज राजकुमार राव को उनकी नैचुरल एक्टिंग, गहराई से किरदार में ढल जाने की कला और सादगीपूर्ण व्यक्तित्व के लिए जाना जाता है। उन्होंने “शाहिद”, “न्यूटन”, “त्रप्ति”, “स्त्री”, “लूडो”, “बरेली की बर्फी”, “ओमेर्टा” जैसी फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवाया।
यह जीवनी उनके जन्म, बचपन, शिक्षा, संघर्ष, करियर, उपलब्धियाँ, व्यक्तिगत जीवन और भारतीय सिनेमा में उनके योगदान पर आधारित है।
प्रारंभिक जीवन और जन्म--
- पूरा नाम: राजकुमार राव यादव
- जन्म: 31 अगस्त 1984
- जन्मस्थान: गुरुग्राम (पूर्व में गुड़गांव), हरियाणा, भारत
- पिता – सतीश यादव (सरकारी कर्मचारी)
- माता – कमलेश यादव (गृहिणी, जिनका निधन 2017 में हुआ)
- दो भाई और एक बहन
- राजकुमार राव एक मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं। उनके घर का माहौल सादगीपूर्ण और संस्कारयुक्त था। बचपन से ही वे फिल्मों और नाटकों की ओर आकर्षित थे।
शिक्षा और अभिनय की ओर पहला कदम--
राजकुमार राव ने अपनी शुरुआती शिक्षा ब्लू बेल्स मॉडल स्कूल, गुरुग्राम से प्राप्त की। स्कूल के दिनों से ही वे नाटकों और स्टेज परफॉर्मेंस में हिस्सा लिया करते थे।
कॉलेज शिक्षा: अत्माराम सनातन धर्म कॉलेज (दिल्ली विश्वविद्यालय)
यहाँ से उन्होंने स्नातक की डिग्री (Bachelor of Arts in Arts) ली।
कॉलेज में पढ़ाई के दौरान ही उनका झुकाव थिएटर और अभिनय की ओर और बढ़ा। वे दिल्ली के श्रीराम सेंटर और कैम्ब्रिज किंगडम थिएटर सोसायटी से जुड़े।
इसके बाद उन्होंने भारतीय फिल्म और टेलीविजन संस्थान (FTII), पुणे से अभिनय में डिप्लोमा किया। यही से उन्होंने अभिनय की बारीकियाँ सीखी।
संघर्ष के शुरुआती दिन--
FTII से पढ़ाई पूरी करने के बाद राजकुमार राव 2008 में मुंबई आ गए।
लेकिन यह सफर बिल्कुल आसान नहीं था।
वे घंटों ऑडिशन देते थे।
कई बार उन्हें छोटे-मोटे विज्ञापनों और रोल्स के लिए रिजेक्ट किया गया।
कई बार वे दिन में साइकिल चलाकर अलग-अलग स्टूडियो तक जाते और ऑडिशन देते।
उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि उनके पास मुंबई में कई बार किराए तक देने के पैसे नहीं होते थे और उन्हें दोस्तों से मदद लेनी पड़ती थी।
बॉलीवुड में एंट्री--
2010 - पहली झलक
राजकुमार राव ने फिल्म लव सेक्स और धोखा (एलएसडी) से बॉलीवुड में एंट्री की।
निर्देशक: दिबाकर बनर्जी
इस फिल्म में उनका रोल छोटा था लेकिन दमदार था।
2011–2012 --
इसके बाद उन्होंने “रागिनी एमएमएस” (2011) और “शैतान” (2011) जैसी फिल्मों में काम किया।
2012 में अनुराग कश्यप की फिल्म “गैंग्स ऑफ वासेपुर – 2” में उन्होंने एक अहम रोल निभाया।
2013 – बड़ा ब्रेक--
फिल्म शाहिद (निर्देशक: हंसल मेहता) ने उनके करियर की दिशा बदल दी।
यह फिल्म मानवाधिकार वकील शाहिद आज़मी के जीवन पर आधारित थी।
राजकुमार राव ने शाहिद का किरदार निभाया और अपनी गहरी, सजीव और भावपूर्ण एक्टिंग से सबका दिल जीत लिया।
इस फिल्म के लिए उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (सर्वश्रेष्ठ अभिनेता) और फिल्मफेयर क्रिटिक्स अवार्ड मिला।
करियर की ऊँचाइयाँ--
शाहिद के बाद राजकुमार राव ने लगातार ऐसी फिल्में कीं जिनमें उनकी एक्टिंग की नई झलक देखने को मिली।
प्रमुख फिल्में और किरदार--
क्वीन (2013) – कंगना रनौत के साथ
नकारात्मक किरदार में बेहतरीन प्रदर्शन।
सिटी लाइट्स (2014) –
ग्रामीण इंसान का संघर्ष भरा जीवन।
इमोशनल अभिनय ने दर्शकों को भावुक कर दिया।
अलीगढ़ (2015) –
प्रोफेसर श्रीनिवास रामचंद्र सीरस की सच्ची कहानी पर आधारित।
इस फिल्म में राजकुमार ने पत्रकार दीपु सेबेस्टियन का किरदार निभाया।
त्रप्ति / ट्रैप्ड (2017) –
एक अकेले अपार्टमेंट में फंसे व्यक्ति का रोल।
यह किरदार इतना कठिन था कि उन्होंने कई दिनों तक बिना खाना खाए शूटिंग की।
बरेली की बर्फी (2017) –
कॉमिक और मासूम किरदार निभाकर दर्शकों का दिल जीता।
न्यूटन (2017) –
छत्तीसगढ़ में चुनाव कराने वाले सरकारी अधिकारी का रोल।
फिल्म ने राष्ट्रीय पुरस्कार जीता और ऑस्कर में भारत की आधिकारिक एंट्री बनी।
स्त्री (2018) –
हॉरर-कॉमेडी में उनका अलग अंदाज दर्शकों को खूब पसंद आया।
जजमेंटल है क्या (2019)
- लूडो (2020)
- हम दो हमारे दो (2021)
- बधाई दो (2022) –
इसमें उन्होंने समलैंगिक पुलिसकर्मी का किरदार निभाया।
अभिनय शैली और विशेषताएँ--
राजकुमार राव को उनकी नैचुरल एक्टिंग और यथार्थवादी अभिनय शैली के लिए जाना जाता है।
वे किरदार में पूरी तरह डूब जाते हैं।
उन्होंने वजन बढ़ाना-घटाना, लुक बदलना, और मनोवैज्ञानिक तैयारी करने में कभी संकोच नहीं किया।
वे अक्सर छोटे शहरों और आम इंसानों की कहानियों में दमदार भूमिका निभाते हैं।
पुरस्कार और सम्मान--
राजकुमार राव ने अपने करियर में कई बड़े पुरस्कार जीते:
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार – सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (शाहिद, 2013)
फिल्मफेयर पुरस्कार –
सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (आलोचक) – शाहिद
सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता – बरेली की बर्फी
सर्वश्रेष्ठ अभिनेता – ट्रैप्ड, न्यूटन
एशियन फिल्म अवॉर्ड
स्टार स्क्रीन अवॉर्ड्स, ज़ी सिने अवॉर्ड्स, आईफा अवॉर्ड्स आदि
व्यक्तिगत जीवन--
राजकुमार राव का निजी जीवन काफी सादगीपूर्ण रहा है।
वे लंबे समय से अभिनेत्री पत्रलेखा (Patralekha Paul) के साथ रिश्ते में रहे।
दोनों ने नवंबर 2021 में शादी की।
उनकी जोड़ी फिल्म “सिटी लाइट्स” में भी नजर आई थी।
राजकुमार राव फिटनेस, योग और ध्यान पर भी ध्यान देते हैं। वे कहते हैं कि उनके लिए अनुशासन और मेहनत ही सफलता की कुंजी है।
सामाजिक योगदान और विचार--
राजकुमार राव सामाजिक मुद्दों पर खुलकर बोलते हैं।
वे महिलाओं की सुरक्षा, समानता और समाज में शिक्षा पर बल देते हैं।
कई बार उन्होंने गरीब और जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई के लिए मदद की।
राजकुमार राव का फिल्मी करियर (Filmi Career in Details)
2010 – डेब्यू की शुरुआत
1. लव सेक्स और धोखा (LSD) – निर्देशक: दिबाकर बनर्जी
यह उनकी पहली फिल्म थी।
रोल छोटा था लेकिन कैमरे के सामने उनकी नैचुरल एक्टिंग देखकर सभी चौंक गए।
फिल्म एक्सपेरिमेंटल थी और राजकुमार को उद्योग में पहचान दिलाई।
2011 – शुरुआती संघर्ष
2. रागिनी MMS
हॉरर फिल्म, जिसमें उन्होंने मुख्य किरदार निभाया।
फिल्म सफल रही और राजकुमार को पहली बार लीड रोल मिला।
3. शैतान
यह बीजॉय नाम्बियार की फिल्म थी।
राजकुमार का किरदार छोटा था लेकिन उनके चेहरे की मासूमियत और गंभीरता दर्शकों को याद रही।
2012 – पहचान बनाने का दौर
4. गैंग्स ऑफ वासेपुर – 2
अनुराग कश्यप की यह फिल्म क्लासिक बन चुकी है।
राजकुमार का रोल छोटा था लेकिन गहन अभिनय के कारण वे नोटिस किए गए।
5. तलाश (Aamir Khan के साथ)
यहाँ उन्होंने एक पुलिस ऑफिसर का किरदार निभाया।
यह बड़े स्टार्स के साथ उनका पहला अनुभव था।
2013 – करियर का टर्निंग पॉइंट
6. काई पो चे!
चेतन भगत के उपन्यास पर आधारित।
इसमें उन्होंने गोविंद पटेल का किरदार निभाया – एक बिज़नेस माइंडेड दोस्त।
फिल्म सुपरहिट रही और आलोचकों ने राजकुमार की जमकर तारीफ की।
7. शाहिद
निर्देशक: हंसल मेहता
यह फिल्म मानवाधिकार वकील शाहिद आज़मी की बायोपिक थी।
राजकुमार ने शाहिद का रोल इतनी गहराई से निभाया कि दर्शक भावुक हो गए।
उन्हें इसके लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (सर्वश्रेष्ठ अभिनेता) और फिल्मफेयर क्रिटिक्स अवार्ड मिला।
2014 --
8. क्वीन (कंगना रनौत के साथ)
उन्होंने विजय का किरदार निभाया – जो शादी से पहले ही दुल्हन (कंगना) को छोड़ देता है।
नकारात्मक किरदार को उन्होंने बेहद स्वाभाविक ढंग से निभाया।
9. सिटी लाइट्स
निर्देशक: हंसल मेहता
एक गरीब इंसान की कहानी जो मुंबई आता है।
इस फिल्म में उनकी पत्नी का रोल पत्रलेखा (Patralekha) ने निभाया।
फिल्म में उनकी इमोशनल एक्टिंग देखकर लोग रो पड़े।
2015
10. हमारी अधूरी कहानी
इमरान हाशमी और विद्या बालन के साथ।
राजकुमार ने सह-कलाकार का किरदार निभाया।
11. अलीगढ़
निर्देशक: हंसल मेहता
इसमें वे पत्रकार बने, जो प्रोफेसर श्रीनिवास रामचंद्र सीरस की कहानी उजागर करते हैं।
राजकुमार की शालीन और गहराईपूर्ण एक्टिंग को सराहा गया।
2016
12. त्राप्ति (Trapped)
एक अकेले अपार्टमेंट में फंसे व्यक्ति का संघर्ष।
उन्होंने इसके लिए कई दिनों तक बिना खाना खाए शूटिंग की।
यह उनके करियर की सबसे कठिन फिल्मों में से एक मानी जाती है।
2017 – सुपरस्टार बनने का साल
13. बरेली की बर्फी
निर्देशक: अश्विनी अय्यर तिवारी
इसमें उन्होंने एक सीधा-सादा, शर्मीला लड़का निभाया।
इस रोल के लिए उन्हें फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता पुरस्कार मिला।
14. न्यूटन
एक सरकारी अधिकारी का किरदार जो नक्सल क्षेत्र में चुनाव कराने जाता है।
फिल्म राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता बनी और ऑस्कर में भारत की आधिकारिक एंट्री भी।
इस रोल ने राजकुमार को विश्वस्तरीय पहचान दिलाई।
2018 --
15. स्त्री
श्रद्धा कपूर के साथ हॉरर-कॉमेडी।
राजकुमार का मासूम और कॉमिक अंदाज सबको बेहद पसंद आया।
फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई।
16. ओमेर्टा
आतंकवादी अहमद उमर सईद शेख की बायोपिक।
इस किरदार के लिए उन्होंने गहन तैयारी की और इसे बेहद डरावने अंदाज में निभाया।
2019
17. जजमेंटल है क्या
कंगना रनौत के साथ।
मनोवैज्ञानिक थ्रिलर, जिसमें उनका अभिनय सराहा गया।
18. मेड इन चाइना
एक सेल्समैन का रोल।
फिल्म उतनी सफल नहीं रही लेकिन उनका अभिनय चर्चा में रहा।
2020
19. लूडो (Netflix)
अनुराग बसु की मल्टीस्टारर फिल्म।
इसमें उन्होंने अजीबोगरीब लेकिन मासूम प्रेमी का किरदार निभाया।
2021
20. रूही
हॉरर-कॉमेडी, जान्हवी कपूर के साथ।
फिल्म औसत रही लेकिन राजकुमार की एक्टिंग पसंद की गई।
21. हम दो हमारे दो
पारिवारिक ड्रामा, कृति सेनन के साथ।
मजाकिया और भावुक दोनों अंदाज दिखाए।
2022
22. बधाई दो
इसमें उन्होंने समलैंगिक पुलिसकर्मी का किरदार निभाया।
यह रोल हिंदी सिनेमा के लिए साहसिक माना गया।
राजकुमार की परफॉरमेंस को खूब सराहा गया और फिल्म को नेशनल अवॉर्ड मिला।
2023–2024
हिट: द फर्स्ट केस (क्राइम-थ्रिलर रीमेक)
मोनिका ओ माय डार्लिंग (नेटफ्लिक्स) – डार्क कॉमेडी
श्री – दृष्टिबाधित उद्योगपति श्रीकांत बोला की बायोपिक
स्त्री 2 (अपकमिंग) – 2025 में रिलीज होगी
राजकुमार राव की एक्टिंग की विशेषताएँ--
किरदार में पूरी तरह ढल जाना।
किसी भी किरदार को निभाने के लिए वजन बढ़ाना-घटाना, लुक बदलना।
यथार्थवादी अभिनय – दर्शकों को लगता है कि वे सिनेमा नहीं बल्कि हकीकत देख रहे हैं।
विविधता – कॉमेडी, रोमांस, सीरियस, बायोपिक, थ्रिलर – हर जॉनर में दमदार परफॉरमेंस।
शादी में ज़रूर आना (Shaadi Mein Zaroor Aana)--
रिलीज़ डेट: 10 नवम्बर 2017
निर्देशक: रत्ना सिन्हा
निर्माता: विनोद बच्चन
मुख्य कलाकार:
राजकुमार राव – सत्येंद्र मिश्रा (IAS ऑफिसर)
कृति खरबंदा – आरोही (लॉ ग्रेजुएट)
कहानी (Storyline)--
फिल्म की कहानी एक अरेंज मैरिज से शुरू होती है।
सत्येंद्र (राजकुमार राव) और आरोही (कृति खरबंदा) की शादी तय होती है।
दोनों धीरे-धीरे एक-दूसरे को पसंद करने लगते हैं।
लेकिन शादी की रात, दुल्हन भाग जाती है क्योंकि वह अपनी पढ़ाई और करियर जारी रखना चाहती है और उसे लगता है कि शादी उसके सपनों में बाधा बनेगी।
इससे सत्येंद्र और उसके परिवार को गहरा सदमा पहुँचता है।
कई साल बाद किस्मत दोनों को दोबारा आमने-सामने ले आती है।
इस बार सत्येंद्र IAS ऑफिसर बन चुका होता है।
आरोही वकील बनकर उसके सामने एक केस में खड़ी होती है।
अब कहानी में बदला, प्यार और इमोशन का टकराव दिखाया गया है।
राजकुमार राव – 25+ रोचक जानकारियाँ--
- राजकुमार राव का असली नाम राजकुमार यादव है।
- इंडस्ट्री में पहले से “राजकुमार” नाम के कई अभिनेता होने के कारण उन्होंने अपना नाम बदलकर राजकुमार राव कर लिया।
- उनका जन्म 31 अगस्त 1984 को हरियाणा के गुरुग्राम (गुड़गांव) में हुआ।
- वे एक मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं और उनके पिता सरकारी कर्मचारी थे।
- राजकुमार बचपन से ही शाहरुख खान के बहुत बड़े फैन रहे हैं।
- पढ़ाई के साथ-साथ वे स्कूल और कॉलेज में नाटकों (Theatre Plays) में सक्रिय रूप से हिस्सा लेते थे।
- उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के अत्माराम सनातन धर्म कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की।
- बाद में उन्होंने पुणे के FTII (Film and Television Institute of India) से अभिनय की शिक्षा ली।
- मुंबई आने के बाद उन्होंने कई दिनों तक संघर्ष किया और कई बार ऑडिशन में रिजेक्ट भी हुए।
- शुरुआती दिनों में उनके पास इतने पैसे नहीं थे कि वे ठीक से किराया और खाना भी जुटा सकें।
- उनकी पहली फिल्म थी लव सेक्स और धोखा (2010)।
- राजकुमार को सबसे बड़ा ब्रेक मिला फिल्म शाहिद (2013) से, जिसके लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार मिला।
- उन्होंने “त्रैप्ड” फिल्म में किरदार निभाने के लिए कई दिनों तक सिर्फ पानी और बिस्किट पर गुज़ारा किया।
- “न्यूटन” (2017) उनकी सबसे चर्चित फिल्मों में से है, जिसे भारत की ओर से ऑस्कर में नॉमिनेट किया गया।
- राजकुमार राव अपनी नैचुरल और यथार्थवादी एक्टिंग के लिए मशहूर हैं।
- उन्होंने फिल्मी किरदारों के लिए कई बार वजन बढ़ाया और घटाया है।
- “बरेली की बर्फी” में उनके कॉमिक रोल को दर्शकों ने खूब पसंद किया।
- हॉरर-कॉमेडी फिल्म “स्त्री” उनकी करियर की ब्लॉकबस्टर फिल्मों में गिनी जाती है।
- वे अक्सर हंसल मेहता और अनुराग कश्यप जैसे निर्देशकों के साथ काम करते हैं।
- राजकुमार राव और अभिनेत्री पत्रलेखा लंबे समय तक रिलेशनशिप में रहे और 2021 में शादी की।
- पत्रलेखा और राजकुमार ने साथ में फिल्म सिटी लाइट्स (2014) में काम किया था।
- वे अपनी मां के बहुत करीब थे, लेकिन 2017 में उनकी मां का निधन हो गया।
- वे मानते हैं कि उनकी मां उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा रही हैं।
- राजकुमार राव बहुत अनुशासित और फिटनेस प्रेमी हैं।
- वे किताबें पढ़ने, कविता लिखने और यात्रा करने के शौकीन हैं।
- उन्होंने कहा है कि अगर वे अभिनेता न होते तो शायद डांसर या थिएटर आर्टिस्ट बनते।
- वे अपने अभिनय करियर में अब तक कई बार राष्ट्रीय और फिल्मफेयर पुरस्कार जीत चुके हैं।
- राजकुमार राव इंडस्ट्री में उन चुनिंदा कलाकारों में से हैं जिन्होंने बड़े बजट और छोटे बजट दोनों तरह की फिल्मों में समान सफलता पाई।
निष्कर्ष--
राजकुमार राव आज भारतीय सिनेमा के उन कलाकारों में गिने जाते हैं जो बिना किसी गॉडफादर और बड़े नाम के इंडस्ट्री में केवल टैलेंट, मेहनत और संघर्ष के दम पर आगे बढ़े हैं।
वे लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा हैं कि अगर लगन और समर्पण हो तो सपने सच किए जा सकते हैं।
Rajkummar Rao – Biography--
(Journey from Struggles to Stardom, Story of an Ordinary Boy Becoming a Bollywood Superstar)
In the history of Indian cinema, many actors have left an indelible mark through their craft and natural talent. Rajkummar Rao is one of those rare artists who, without any film background, influential family, or industry support, rose to stardom purely on the strength of his acting, perseverance, and determination.
Today, Rajkummar Rao is celebrated for his natural acting, the ability to completely immerse himself in characters, and his simple yet powerful personality. He has proven his mettle in films like Shahid, Newton, Trapped, Stree, Ludo, Bareilly Ki Barfi, and Omerta.
This biography highlights his birth, early life, education, struggles, career milestones, achievements, personal life, and contributions to Indian cinema.
Early Life and Birth
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Full Name: Rajkummar Rao Yadav
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Date of Birth: 31 August 1984
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Birthplace: Gurgaon (now Gurugram), Haryana, India
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Father: Satish Yadav (Government employee)
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Mother: Kamlesh Yadav (Homemaker, passed away in 2017)
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Siblings: Two brothers and one sister
Rajkummar Rao grew up in a middle-class family with a humble and disciplined environment. Since childhood, he was fascinated by movies and stage performances.
Education and First Steps Toward Acting
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Schooling: Blue Bells Model School, Gurugram
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During school, he actively participated in plays and stage performances.
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College Education: Atma Ram Sanatan Dharma College, University of Delhi
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Graduated with a Bachelor of Arts in Arts.
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During his college days, his inclination towards theatre grew stronger.
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He became associated with Shri Ram Centre for Performing Arts and K.K. Cambridge Kingdom Theatre Society in Delhi.
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Later, he joined the Film and Television Institute of India (FTII), Pune, where he formally studied acting and mastered the nuances of performance.
Struggles in Mumbai
After completing his training at FTII, Rajkummar Rao moved to Mumbai in 2008 to pursue a career in films.
But the journey was not easy:
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He spent long hours waiting and giving auditions.
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He was often rejected for commercials and small roles.
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Many times, he rode his bicycle across Mumbai to attend auditions.
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He once revealed in an interview that he often struggled to pay rent and relied on friends for financial help.
Bollywood Debut
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2010: Love Sex Aur Dhokha (LSD) – directed by Dibakar Banerjee
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Rajkummar made his film debut here.
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Though his role was small, his natural acting impressed many.
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Early Roles (2011–2012)
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Ragini MMS (2011) – Horror film, his first lead role.
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Shaitan (2011) – Directed by Bejoy Nambiar, a small but memorable role.
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Gangs of Wasseypur – Part 2 (2012) – Anurag Kashyap’s classic, a short but impactful performance.
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Talaash (2012) – Played a police officer alongside Aamir Khan.
Breakthrough – 2013
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Shahid (Directed by Hansal Mehta)
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A biopic on human rights lawyer Shahid Azmi.
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Rajkummar delivered a deeply emotional and realistic performance.
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Won National Film Award for Best Actor and Filmfare Critics Award for Best Actor.
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This film changed the course of his career.
Career Highlights and Notable Films
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Queen (2013) – As Vijay, opposite Kangana Ranaut, he played a negative role with great authenticity.
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CityLights (2014) – A moving story of a poor villager in Mumbai. His emotional performance brought audiences to tears.
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Aligarh (2015) – Played journalist Deepu Sebastian, bringing subtlety and depth to his role.
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Trapped (2016) – As a man locked inside an apartment, he survived on minimal food during shooting for realism. One of his toughest performances.
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Bareilly Ki Barfi (2017) – Played a shy, simple young man. Won the Filmfare Award for Best Supporting Actor.
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Newton (2017) – Played a government officer conducting elections in a Naxal area.
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Won National Award.
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Selected as India’s official entry to the Oscars.
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Stree (2018) – Horror-comedy with Shraddha Kapoor. His comic timing made the film a blockbuster.
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Omerta (2018) – Played terrorist Ahmed Omar Saeed Sheikh. His chilling performance was highly praised.
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Judgementall Hai Kya (2019) – Psychological thriller with Kangana Ranaut.
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Ludo (2020, Netflix) – Anurag Basu’s dark comedy, his quirky lover-boy role became fan-favorite.
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Roohi (2021) – Horror comedy with Janhvi Kapoor.
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Hum Do Hamare Do (2021) – Family drama with Kriti Sanon.
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Badhaai Do (2022) – Played a closeted gay police officer, a groundbreaking role in Bollywood. Won acclaim and awards.
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Recent Works (2023–2024):
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Hit: The First Case (crime thriller remake)
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Monica, O My Darling (Netflix, dark comedy)
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Srikanth (biopic of visually impaired industrialist Srikanth Bolla)
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Stree 2 (Upcoming, 2025 release)
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Acting Style and Special Traits
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Known for natural, realistic acting.
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Fully immerses into roles – physically and psychologically.
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Often changes weight, appearance, and mannerisms to suit the character.
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Excels in versatile genres – comedy, romance, thriller, biopic, and drama.
Awards and Achievements
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National Film Award – Best Actor (Shahid, 2013)
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Filmfare Awards –
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Best Actor (Critics) – Shahid
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Best Supporting Actor – Bareilly Ki Barfi
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Best Actor (Nominations for Trapped, Newton)
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Asian Film Awards
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Numerous honors from Star Screen, Zee Cine, IIFA Awards, etc.
Personal Life
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Rajkummar Rao has always maintained a simple and grounded lifestyle.
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He had a long relationship with actress Patralekha Paul, and the couple got married in November 2021.
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The duo first worked together in CityLights (2014).
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Rajkummar is dedicated to fitness, yoga, and meditation.
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He believes that discipline and hard work are the keys to success.
Social Contributions and Views
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Speaks openly on social issues like women’s safety, gender equality, and education.
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Has supported education for underprivileged children.
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Advocates honesty, simplicity, and inclusivity in society.
Special Focus – Shaadi Mein Zaroor Aana (2017)
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Release Date: 10 November 2017
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Director: Ratnaa Sinha
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Co-star: Kriti Kharbanda
Plot:
The story begins with an arranged marriage between Satyendra (Rajkummar Rao) and Aarti (Kriti Kharbanda). On the wedding night, Aarti runs away to pursue her career dreams. Years later, fate brings them together again—this time, Satyendra is an IAS officer, while Aarti is a lawyer. The film beautifully explores betrayal, love, revenge, and reconciliation.
25+ Interesting Facts about Rajkummar Rao
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His real name is Rajkummar Yadav.
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Changed surname to “Rao” because there were already actors named “Rajkumar” in the industry.
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Born on 31 August 1984 in Gurgaon, Haryana.
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Comes from a middle-class family.
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Huge fan of Shah Rukh Khan since childhood.
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Actively participated in theatre during school and college.
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Graduated from Delhi University (ARSD College).
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Trained in acting at FTII, Pune.
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Faced many rejections in Mumbai before success.
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Often struggled to pay rent and buy food in his early days.
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Debut film was Love Sex Aur Dhokha (2010).
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Major breakthrough came with Shahid (2013), winning a National Award.
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For Trapped, he survived on water and biscuits during the shoot.
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Newton (2017) was India’s official Oscar entry.
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Known for method acting and dedication.
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Has drastically gained and lost weight for roles.
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Loved for his comic timing in Bareilly Ki Barfi.
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Stree became one of his biggest blockbusters.
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Frequently collaborates with director Hansal Mehta.
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Married to actress Patralekha Paul (2021).
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He was very close to his mother, who passed away in 2017.
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He considers his mother his biggest inspiration.
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Very disciplined about fitness and lifestyle.
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Loves reading books, writing poetry, and traveling.
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Once said if not an actor, he would have been a dancer or theatre artist.
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One of the few actors to succeed in both small-budget and big-budget films.
Conclusion
Rajkummar Rao today is one of the finest actors in Indian cinema. He has shown that talent, determination, and hard work can create stardom without any industry connections or godfathers.
His journey from a middle-class boy in Gurgaon to a National Award-winning Bollywood superstar is truly inspirational. For millions of youngsters, Rajkummar Rao is proof that dreams can come true if pursued with passion and persistence.