भवानीशंकरौ वन्दे श्लोक अर्थ
श्लोक:
“भवानीशंकरौ वन्दे श्रद्धाविश्वासरूपिणौ।
याभ्यां विना न पश्यन्ति सिद्धाः स्वान्तःस्थमीश्वरम्॥ २ ॥”
साधारण (Simple) हिन्दी अर्थ
मैं माता भवानी (पार्वती) और भगवान शंकर (शिव) को प्रणाम करता हूँ,
जो श्रद्धा और विश्वास के स्वरूप हैं।
इन दोनों के बिना, बड़े से बड़े सिद्ध पुरुष भी
अपने हृदय में स्थित ईश्वर का साक्षात्कार नहीं कर पाते।
शब्दार्थ (Word-by-Word Meaning)
-
भवानी-शंकरौ — माता भवानी (पार्वती) और भगवान शंकर (शिव)
-
वन्दे — मैं प्रणाम करता हूँ / नमन करता हूँ
-
श्रद्धा-विश्वास-रूपिणौ — श्रद्धा और विश्वास के रूप में प्रकट दोनों
-
याभ्यां विना — जिनके बिना
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न पश्यन्ति — नहीं देख पाते / साक्षात्कार नहीं कर पाते
-
सिद्धाः — सिद्ध पुरुष, ज्ञानी, योगी
-
स्वान्तःस्थम् ईश्वरम् — अपने भीतर स्थित ईश्वर को (आत्मा में स्थित परमात्मा)
सरल भाषा में समझें
यह श्लोक कहता है कि ईश्वर को पाने के लिए सबसे ज़रूरी है श्रद्धा और विश्वास।
पार्वती को श्रद्धा, और शिव को विश्वास का प्रतीक माना गया है।
अगर मन में ये दो गुण नहीं हैं,
तो चाहे व्यक्ति कितना भी ज्ञानी या सिद्ध क्यों न हो,
वह अपने अंदर बसे भगवान को नहीं देख सकता।
भवानीशंकरौ वन्दे श्लोक अर्थ
श्लोक:
“भवानीशंकरौ वन्दे श्रद्धाविश्वासरूपिणौ।
याभ्यां विना न पश्यन्ति सिद्धाः स्वान्तःस्थमीश्वरम्॥ २ ॥”
साधारण (Simple) हिन्दी अर्थ
मैं माता भवानी (पार्वती) और भगवान शंकर (शिव) को प्रणाम करता हूँ,
जो श्रद्धा और विश्वास के स्वरूप हैं।
इन दोनों के बिना, बड़े से बड़े सिद्ध पुरुष भी
अपने हृदय में स्थित ईश्वर का साक्षात्कार नहीं कर पाते।
शब्दार्थ (Word-by-Word Meaning)
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भवानी-शंकरौ — माता भवानी (पार्वती) और भगवान शंकर (शिव)
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वन्दे — मैं प्रणाम करता हूँ / नमन करता हूँ
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श्रद्धा-विश्वास-रूपिणौ — श्रद्धा और विश्वास के रूप में प्रकट दोनों
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याभ्यां विना — जिनके बिना
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न पश्यन्ति — नहीं देख पाते / साक्षात्कार नहीं कर पाते
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सिद्धाः — सिद्ध पुरुष, ज्ञानी, योगी
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स्वान्तःस्थम् ईश्वरम् — अपने भीतर स्थित ईश्वर को (आत्मा में स्थित परमात्मा)
सरल भाषा में समझें
यह श्लोक कहता है कि ईश्वर को पाने के लिए सबसे ज़रूरी है श्रद्धा और विश्वास।
पार्वती को श्रद्धा, और शिव को विश्वास का प्रतीक माना गया है।
अगर मन में ये दो गुण नहीं हैं,
तो चाहे व्यक्ति कितना भी ज्ञानी या सिद्ध क्यों न हो,
वह अपने अंदर बसे भगवान को नहीं देख सकता।