इमरान खान
(चॉकलेट बॉय, इम्मू (Immu))
| जन्म तिथि | 13 January 1983 |
| उम्र | 43 वर्ष (2026 में) |
| राशि | मकर (Capricorn) |
| जन्म स्थान | मैडिसन, विस्कॉन्सिन, अमेरिका |
| निवास स्थान | पाली हिल, मुंबई, महाराष्ट्र, भारत |
| पिता | अनिल पाल (सॉफ्टवेयर इंजीनियर) |
| माता | नुज़हत खान (मनोवैज्ञानिक) |
| कद | लगभग 5 फीट 8 इंच (178 सेमी) |
| वजन | लगभग 70 किलोग्राम |
| वैवाहिक हि. | तलाकशुदा |
| जीवनसंगी | अवंतिका मलिक (2011-2019) |
| बच्चे | एक बेटी, इमारा मलिक खान (जन्म 2014) |
| शिक्षा | बॉम्बे स्कॉटिश स्कूल, मुंबई; ब्लू माउंटेन स्कूल, कूनूर; फ्रीमोंट हाई स्कूल |
| योग्यता | अमेरिकी-भारतीय अभिनेता |
| पेशा | अभिनेता, निर्देशक, पटकथा लेखक, सामाजिक कार्यकर्ता |
| रुचियाँ | यात्रा, फोटोग्राफी, कुकिंग, स्कूबा डाइविंग, कार रेसिंग |
| राष्ट्रीयता | अमेरिकी |
| धर्म | इस्लाम |
| नेट वर्थ | लगभग ₹100 करोड़ |
इमरान खान जीवनी ——
इमरान खान का नाम भारतीय सिनेमा के उन कलाकारों में शुमार है जिन्होंने अपने अभिनय कौशल, आकर्षक व्यक्तित्व और विविध फिल्मों के जरिए दर्शकों के दिलों में एक विशेष स्थान बनाया। हालांकि वे मूल रूप से अमेरिकी नागरिक हैं और उनका जन्म अमेरिका के विस्कॉन्सिन राज्य के मैडिसन शहर में हुआ था, लेकिन उन्होंने अपनी कला और अभिनय से भारतीय सिनेमा में एक अमिट छाप छोड़ी। इमरान खान की जीवन यात्रा किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है—एक अमेरिकी जन्मे बच्चे से लेकर बॉलीवुड के चॉकलेट बॉय तक, और फिर एक सामाजिक कार्यकर्ता तथा निर्देशक तक का सफर।
इमरान खान का जन्म 13 जनवरी 1983 को अमेरिका के विस्कॉन्सिन राज्य के मैडिसन शहर में हुआ था। उनका जन्म का नाम इमरान पाल था। उनके पिता अनिल पाल एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं जो बंगाली हिंदू मूल के हैं, और उनकी माता नुजहत खान एक मनोवैज्ञानिक हैं जो मुस्लिम पश्तून और अरब मूल की हैं। इमरान के नाना नसीर हुसैन एक प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक-निर्माता थे, और उनकी मां आमिर खान की चचेरी बहन हैं। इस प्रकार इमरान खान का संबंध भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित परिवारों में से एक से है।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और जन्म——
इमरान खान का जन्म एक ऐसे परिवार में हुआ जो भारतीय सिनेमा के इतिहास से गहराई से जुड़ा हुआ है। उनके नाना नसीर हुसैन एक प्रख्यात फिल्म निर्देशक और निर्माता थे, जिन्होंने "दिल देके देखो", "यादों की बारात" और "कारवां" जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों का निर्माण किया था। उनकी मां नुजहत खान, नसीर हुसैन की बेटी हैं और आमिर खान की चचेरी बहन हैं। इमरान के मामा मंसूर खान ने "कयामत से कयामत तक" और "जो जीता वही सिकंदर" जैसी सुपरहिट फिल्मों का निर्देशन किया था।
इमरान के पिता अनिल पाल एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं जिन्होंने आईआईटी बॉम्बे से शिक्षा प्राप्त की थी और वर्तमान में कैलिफोर्निया में याहू में वरिष्ठ प्रबंधक के रूप में कार्यरत हैं। इमरान के दादा कोलकाता के बंगाली थे जिन्होंने एक ब्रिटिश महिला से विवाह किया था। इस प्रकार इमरान की वंशावली में बंगाली, ब्रिटिश, पश्तून और अरब मूल का मिश्रण है।
इमरान खान के माता-पिता जब अमेरिका में अध्ययनरत थे तब उनका जन्म हुआ था। जब इमरान लगभग दो वर्ष के थे, तब उनके माता-पिता का तलाक हो गया। इसके बाद इमरान अपनी मां के साथ भारत के मुंबई शहर में आ गए, जब वे लगभग तीन वर्ष के थे। इमरान की मां ने बाद में अभिनेता राज जुत्शी से दूसरा विवाह कर लिया, जिन्हें इमरान अपने पालन-पोषण के वर्षों में पिता का आदर्श मानते हैं।
इमरान के पिता अनिल पाल ने कभी दूसरा विवाह नहीं किया। इमरान अपने पिता से तब मिलते थे जब वे अमेरिका जाते थे या जब उनके पिता भारत आते थे। इमरान ने एक साक्षात्कार में बताया था कि उन्होंने कभी जानबूझकर अपने पिता का उपनाम 'पाल' न लेने का निर्णय नहीं लिया था। उन्होंने कहा था, "मुझे मेरी मां ने पाला है।" इसी कारण उन्होंने अपनी मां का उपनाम 'खान' अपनाया।
बचपन और शिक्षा——
इमरान खान का बचपन कई उतार-चढ़ावों से भरा रहा। जब वे छोटे थे तो उनके माता-पिता का तलाक हो गया और उन्हें अपनी मां के साथ भारत आना पड़ा। इस बदलाव ने उनके मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डाला। इमरान ने खुद स्वीकार किया है कि नए माहौल और बदली हुई पारिवारिक स्थिति से निपटने में असमर्थता के कारण उनमें हकलाने की समस्या विकसित हो गई, उनके ग्रेड गिर गए और उनका शैक्षणिक करियर "तेजी से गिरावट" की ओर चला गया। वे घबराए हुए रहने लगे और उनके चेहरे पर टिक्स विकसित हो गए।
इमरान ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मुंबई के बॉम्बे स्कॉटिश स्कूल में प्रारंभ की। इसके बाद उन्हें तमिलनाडु के कूनूर स्थित ब्लू माउंटेन स्कूल में बोर्डिंग के लिए भेजा गया। कूनूर में शुरुआती अवसर पर अवसाद की अवधि के बाद, इमरान वहां के माहौल में ढल गए। उन्होंने बाद में इस अनुभव को "अद्भुत" बताया, हालांकि उनके ग्रेड खराब रहे। जब उस स्कूल के प्रिंसिपल ने अपना स्कूल शुरू करने के लिए छोड़ा, तो इमरान और कई अन्य छात्रों ने उनका अनुसरण किया और ऊटी के जंगलों में स्थित एक गुरुकुल में दाखिला लिया। इमरान ने अपने जीवन के इस दौर के बारे में बताया कि वे 11 से 15 वर्ष की आयु के बीच एक ऐसे गुरुकुल में रहे जहां बिजली नहीं थी और वे हर रात मिट्टी के तेल के लैंप जलाकर रोशनी करते थे।
इमरान ने 16 वर्ष की आयु में अपने पिता के साथ रहने के लिए अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य के सनीवेल शहर में जाकर फ्रीमोंट हाई स्कूल में दाखिला लिया। वहां से हाई स्कूल पूरा करने के बाद उन्होंने फिल्म निर्माण के क्षेत्र में अपना करियर बनाने का निर्णय लिया। उन्होंने न्यूयॉर्क फिल्म एकेडमी के लॉस एंजिल्स शाखा में दाखिला लिया और फिल्म निर्माण में डिग्री प्राप्त की। इमरान को लेखक रोआल्ड डाहल से प्रेरणा मिली थी। डिग्री पूरी करने के बाद उन्होंने विज्ञापन और बाजार अनुसंधान के क्षेत्र में भी काम किया।
फिल्म निर्माण की शिक्षा पूरी करने के बाद इमरान मुंबई वापस आए और किशोर नमित कपूर अभिनय संस्थान में दाखिला लिया। यहीं पर उनकी मुलाकात लेखक-निर्देशक अब्बास टायरवाला से हुई, जिनके साथ उन्होंने अपनी पहली फिल्म की शुरुआत की।
फिल्मी करियर की शुरुआत:——
बाल कलाकार से लेकर मुख्य अभिनेता तक
इमरान खान का फिल्मी करियर बहुत कम उम्र में ही शुरू हो गया था। उन्होंने 1988 में महज पांच वर्ष की आयु में बाल कलाकार के रूप में अपने अभिनय करियर की शुरुआत की। उन्हें अपने मामा आमिर खान की पहली फिल्म "कयामत से कयामत तक" में आमिर खान के चरित्र के बचपन के संस्करण को निभाने का अवसर मिला। यह फिल्म उस समय बहुत बड़ी हिट साबित हुई थी और इमरान ने बाल कलाकार के रूप में अपनी छाप छोड़ी।
इसके बाद 1992 में इमरान ने "जो जीता वही सिकंदर" में फिर से आमिर खान के चरित्र के युवा संस्करण की भूमिका निभाई। यह फिल्म भी बहुत सफल रही और इमरान ने बाल कलाकार के रूप में अपनी पहचान और मजबूत की।
हालांकि, इमरान का असली सपना फिल्म निर्देशन था, अभिनय नहीं। वे कैमरे के पीछे रहकर फिल्में बनाना चाहते थे। उन्होंने न्यूयॉर्क फिल्म एकेडमी से फिल्म निर्माण की डिग्री प्राप्त की और निर्देशन के क्षेत्र में अपना करियर बनाने की तैयारी की। लेकिन भाग्य को कुछ और ही मंजूर था। अभिनय संस्थान में प्रशिक्षण के दौरान उनकी मुलाकात अब्बास टायरवाला से हुई, जिन्होंने उन्हें "जाने तू... या जाने ना" फिल्म में मुख्य भूमिका निभाने का प्रस्ताव दिया।
"जाने तू... या जाने ना" और स्टारडम की शुरुआत——
2008 में इमरान खान ने अब्बास टायरवाला द्वारा निर्देशित रोमांटिक कॉमेडी "जाने तू... या जाने ना" से मुख्य अभिनेता के रूप में अपनी शुरुआत की। यह फिल्म आमिर खान और मंसूर खान द्वारा निर्मित की गई थी। इमरान ने इस फिल्म में जय 'रैट्स' सिंह राठौड़ की भूमिका निभाई, जो एक कॉलेज का छात्र है। फिल्म में उनके साथ जेनेलिया डिसूजा मुख्य भूमिका में थीं।
यह फिल्म व्यावसायिक और समीक्षात्मक दोनों दृष्टिकोण से बहुत सफल रही। फिल्म ने लगभग 83 करोड़ रुपये की कमाई की और इमरान खान को व्यापक पहचान दिलाई। उनके अभिनय की समीक्षकों और दर्शकों दोनों ने प्रशंसा की। इस फिल्म के लिए इमरान को 54वें फिल्मफेयर पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ पुरुष पदार्पण का पुरस्कार मिला।
"जाने तू... या जाने ना" की सफलता ने इमरान खान को रातों-रात स्टार बना दिया। वे युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय हो गए और बॉलीवुड के नए चॉकलेट बॉय के रूप में उभरे। हालांकि, इसके बाद उनके करियर में उतार-चढ़ाव भी आए।
करियर में उतार-चढ़ाव——
"जाने तू... या जाने ना" की शानदार सफलता के बाद इमरान खान के करियर में गिरावट का दौर शुरू हुआ। उनकी अगली दो फिल्में "किडनैप" (2008) और "लक" (2009) बॉक्स ऑफिस पर असफल साबित हुईं। मीडिया ने उन्हें "वन-फिल्म वंडर" यानी एक फिल्म का चमत्कार कहकर लिखना शुरू कर दिया। इमरान को लगा कि उनका करियर खत्म हो गया है।
लेकिन इमरान खान ने हार नहीं मानी। उन्होंने 2010 में करण जौहर की धर्मा प्रोडक्शंस द्वारा निर्मित और पुनीत मल्होत्रा द्वारा निर्देशित रोमांटिक कॉमेडी "आई हेट लव स्टोरीज़" में काम किया। इस फिल्म में उनके साथ सोनम कपूर मुख्य भूमिका में थीं। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत सफल रही और इमरान के करियर में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई।
इमरान खान ने एक साक्षात्कार में खुलासा किया था कि "आई हेट लव स्टोरीज़" से पहले करण जौहर ने उनकी छवि को "सेक्सी" बनाने का फैसला किया था। उन्होंने कई टॉपलेस शूट किए थे ताकि उनकी छवि को बदला जा सके।
"दिल्ली बेली" और नए अवतार में इमरान खान——
2011 में इमरान खान ने अपने करियर की सबसे साहसिक और अलग फिल्म "दिल्ली बेली" में काम किया। यह एक डार्क कॉमेडी थी जिसमें इमरान ने ताशी नाम के एक पत्रकार की भूमिका निभाई, जिसकी जिंदगी एक कूरियर मिक्स-अप के कारण अपराध की दुनिया में उलझ जाती है। इस फिल्म में उनके साथ कुणाल रॉय कपूर, वीर दास और पूर्णा जगन्नाथन मुख्य भूमिकाओं में थे।
"दिल्ली बेली" ने इमरान खान की छवि को पूरी तरह से बदल दिया। यह फिल्म उस समय की सबसे बोल्ड और अलग प्रयोगात्मक फिल्मों में से एक थी। फिल्म में गाली-गलौज और वयस्क हास्य का भरपूर उपयोग किया गया था, जो उस समय के भारतीय सिनेमा में बहुत असामान्य था। फिल्म को समीक्षकों और दर्शकों दोनों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली और इमरान के अभिनय की जमकर प्रशंसा हुई।
इमरान खान ने बाद में खुलासा किया कि "दिल्ली बेली" की शूटिंग के दौरान उन्हें और पूरी टीम को चिंता थी कि फिल्म पर प्रतिबंध लग सकता है। लेकिन आमिर खान को फिल्म पर पूरा भरोसा था। उन्होंने यह भी बताया कि अर्जुन माथुर ने भी उनके किरदार के लिए ऑडिशन दिया था।
व्यावसायिक सफलता और चॉकलेट बॉय की छवि——
"दिल्ली बेली" की सफलता के बाद इमरान खान ने कई व्यावसायिक रूप से सफल फिल्मों में काम किया। 2011 में ही उनकी फिल्म "मेरे ब्रदर की दुल्हन" रिलीज हुई, जिसमें उनके साथ अली जफर और कैटरीना कैफ मुख्य भूमिकाओं में थे। यह फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित हुई।
2012 में इमरान खान ने करीना कपूर के साथ रोमांटिक कॉमेडी "एक मैं और एक तू" में काम किया। इस फिल्म में उन्होंने एक आर्किटेक्ट की भूमिका निभाई जो लास वेगास में गलती से शादी कर लेता है। फिल्म को मिश्रित समीक्षाएं मिलीं, लेकिन इमरान के अभिनय की प्रशंसा हुई।
इस दौर में इमरान खान ने खुद को बॉलीवुड के "चॉकलेट बॉय" के रूप में स्थापित कर लिया था। वे रोमांटिक कॉमेडी फिल्मों में अपनी भूमिकाओं के लिए जाने जाते थे और युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय थे। उनकी फिल्में जैसे "आई हेट लव स्टोरीज़", "ब्रेक के बाद", "मेरे ब्रदर की दुल्हन" और "एक मैं और एक तू" स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर आज भी लोकप्रिय हैं और दर्शक उनके पात्रों को "ग्रीन फ्लैग" मानते हैं।
करियर में गिरावट और अभिनय से विराम——
इमरान खान के करियर में 2013 से गिरावट शुरू हुई। उनकी फिल्में "वन्स अपॉन अ टाइम इन मुंबई दोबारा" और "गोरी तेरे प्यार में" बॉक्स ऑफिस पर अपेक्षित सफलता नहीं पा सकीं। इसके बाद उनकी अगली फिल्में भी निराशाजनक रहीं।
2015 में इमरान खान की आखिरी मुख्य भूमिका वाली फिल्म "कट्टी बट्टी" रिलीज हुई, जिसमें उनके साथ कंगना रनौत मुख्य भूमिका में थीं। यह फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर असफल साबित हुई। इमरान ने बाद में खुलासा किया कि "कट्टी बट्टी" की असफलता के बाद वे मानसिक रूप से टूट गए थे। उन्होंने कहा था कि 2016 में उन्हें लगा कि वे अंदर से टूट चुके हैं।
"कट्टी बट्टी" की असफलता के बाद इमरान खान ने अभिनय से दूर होने का फैसला किया। उन्होंने 2015 के बाद से किसी फिल्म में मुख्य भूमिका नहीं निभाई। हालांकि, उन्होंने 2018 में एक शॉर्ट फिल्म "मिशन मार्स: कीप वॉकिंग इंडिया" का निर्देशन किया, जो भारत के मंगलयान मिशन पर आधारित थी।
निर्देशन की ओर रुख——
इमरान खान का असली सपना हमेशा से फिल्म निर्देशन था। अभिनय से विराम लेने के बाद उन्होंने अपने इस सपने को पूरा करने का फैसला किया। 2018 में उन्होंने "मिशन मार्स: कीप वॉकिंग इंडिया" नामक एक शॉर्ट फिल्म का निर्देशन किया। यह फिल्म भारत के मंगलयान मिशन पर आधारित थी और इसमें उस पल की कहानी दिखाई गई थी जब भारत ने मंगल ग्रह की कक्षा में अपना अंतरिक्ष यान स्थापित किया था।
इमरान खान ने इस फिल्म के बारे में कहा था कि यह परियोजना उनके लिए बहुत खास थी। उन्होंने बताया था कि फिल्म में उस 25 मिनट की घटना को दिखाया गया है जब पूरा देश टीवी स्क्रीन पर टकटकी लगाए बैठा था। यह फिल्म जॉनी वॉकर के यूट्यूब चैनल पर स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध थी।
इमरान ने कहा था कि "मिशन मार्स" ने उन्हें यह साबित कर दिया कि निर्देशन वास्तव में वही है जो वे करना चाहते हैं। उन्होंने स्टीवन स्पीलबर्ग और रॉबर्ट जेमेकिस को अपना प्रेरणास्रोत बताया था।
व्यक्तिगत जीवन——
इमरान खान का व्यक्तिगत जीवन भी काफी उतार-चढ़ावों से भरा रहा है। उन्होंने अपनी कॉलेज के दिनों की मित्र अवंतिका मलिक से 10 जनवरी 2011 को विवाह किया था। इमरान जब 19 वर्ष के थे तब उन्होंने अवंतिका को डेट करना शुरू किया था। दोनों ने काफी समय तक एक-दूसरे को डेट किया और फिर जनवरी 2010 में उनकी सगाई हो गई।
इमरान और अवंतिका की एक बेटी है जिसका नाम इमारा है। उनकी बेटी का जन्म 9 जून 2014 को हुआ था। लेकिन 2019 में यह खबर आई कि इमरान और अवंतिका अलग हो गए हैं और उसी वर्ष उनका तलाक हो गया।
इमरान खान ने बाद में अपने तलाक के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि 2016 के आसपास जब उन्होंने अभिनय से विराम लिया और अपनी बेटी की परवरिश पर ध्यान केंद्रित किया, तब उन्होंने थेरेपी शुरू की। इस दौरान उन्हें एहसास हुआ कि उनके और उनकी पत्नी के बीच का रिश्ता "अस्वस्थ" था। उन्होंने कहा कि तलाक का फैसला इसलिए लिया ताकि वे अपने जीवन का "सर्वश्रेष्ठ संस्करण" बन सकें।
इमरान खान ने यह भी बताया कि उनके तलाक के दौरान वे "गंभीर रूप से बीमार" दिख रहे थे। उन्होंने कहा कि उनका अस्वस्थ विवाह उनकी बेटी के लिए भी अच्छा नहीं था।
तलाक के बाद इमरान खान लेखा वाशिंगटन के साथ रिश्ते में हैं। 2024 से वे लेखा के साथ हैं। लेखा ने इमरान के तलाक में उनकी भूमिका को लेकर "होमरेकर" का लेबल मिलने पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी।
सामाजिक सक्रियता और राजनीतिक विचार——
इमरान खान सिर्फ एक अभिनेता ही नहीं बल्कि एक सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं। वे पीपल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (PETA) के समर्थक हैं और उन्होंने इस संगठन के लिए आयोजित कार्यक्रमों में भाग लिया है। इसके अलावा उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स के लिए कॉलम भी लिखे हैं।
2026 में इमरान खान ने राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने जून-जुलाई 2026 में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन में भाग लिया और फिर चुनावी रोल के विशेष गहन संशोधन (SIR) के खिलाफ चल रहे आंदोलन में भी शामिल हुए।
इमरान खान ने एक साक्षात्कार में कहा था, "किसी राजनीतिक अधिकारी की आलोचना किसी देश की आलोचना नहीं है... कोई भी राजनेता देश नहीं है। जो लोग किसी भी समय खड़े होते हैं वे नागरिक हैं। वे उस देश के उतने ही हैं जितना कोई भी राजनेता।" उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र तब फल-फूल नहीं सकता जब लोग डरे हुए हों।
विवाद और देश छोड़ने का नोटिस——
अक्टूबर 2026 में इमरान खान विवादों में घिर गए जब उन्होंने 10 अक्टूबर को मुंबई के ऑगस्ट क्रांति मैदान में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर एक विरोध प्रदर्शन में भाग लिया। इस प्रदर्शन में उनके साथ उनकी साथी लेखा वाशिंगटन और चचेरी बहन ज़ैन मारी खान भी थीं।
इस प्रदर्शन में भाग लेने के कारण मुंबई पुलिस ने इमरान खान को 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस जारी कर दिया। उन पर आव्रजन और विदेशी अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया। इमरान खान अमेरिकी नागरिक हैं और उनके पास ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड है।
इमरान खान के वकील ने इस फैसले को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती देने की बात कही। इस घटना के बाद इमरान खान ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा की जिसमें वे पुलिस वैन में बैठे हुए शांति का प्रतीक बनाए हुए दिखाई दे रहे थे। उन्होंने इंस्टाग्राम पर लिखा, "जाहिर है, मैं ड्राइव पर जा रहा हूं।"
इस घटना के बाद कई बॉलीवुड हस्तियों ने इमरान खान का समर्थन किया। किरण राव और सबा आज़ाद जैसे कलाकारों ने उनके समर्थन में आवाज उठाई। शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने कहा कि "महात्मा गांधी को किसी ने अफ्रीकी नहीं कहा था।"
वापसी की तैयारी——
2026 में इमरान खान ने लंबे अंतराल के बाद अभिनय में वापसी की घोषणा की। उन्होंने वीर दास द्वारा निर्देशित फिल्म "हैप्पी पटेल: खतरनाक जासूस" में एक कैमियो किया। यह फिल्म जनवरी 2026 में रिलीज हुई।
इसके अलावा इमरान खान ने नेटफ्लिक्स के लिए एक रोमांटिक कॉमेडी फिल्म "अधूरे हम अधूरे तुम" के साथ अपनी वापसी की घोषणा की। यह फिल्म उनके "ब्रेक के बाद" के निर्देशक दानिश असलम के साथ होगी। इमरान ने इस फिल्म को "ब्रेक के बाद" का आध्यात्मिक उत्तराधिकारी बताया है।
इमरान खान ने अपनी वापसी के बारे में कहा कि वे "बड़े स्टार" बनने की कोशिश नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी वापसी सिर्फ फिल्मों के आनंद के लिए है। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने अभिनय से विराम इसलिए लिया क्योंकि उनकी कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई थीं।
पुरस्कार और सम्मान——
इमरान खान को अपने करियर में कई पुरस्कार और सम्मान मिले हैं। उन्हें "जाने तू... या जाने ना" के लिए 54वें फिल्मफेयर पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ पुरुष पदार्पण का पुरस्कार मिला। यह उनके करियर का सबसे महत्वपूर्ण पुरस्कार था।
इसके अलावा उन्हें कई अन्य पुरस्कारों और नामांकनों के लिए भी जाना जाता है। उनकी फिल्म "दिल्ली बेली" को समीक्षकों से भरपूर प्रशंसा मिली और यह फिल्म उस वर्ष की सबसे बेहतरीन फिल्मों में से एक मानी गई।
इमरान खान की फिल्मोग्राफी——
कयामत से कयामत तक (1988) - युवा आमिर खान के रूप में
जो जीता वही सिकंदर (1992) - युवा आमिर खान के रूप में
मुख्य अभिनेता के रूप में:
जाने तू... या जाने ना (2008) - जय सिंह राठौड़
किडनैप (2008)
लक (2009)
आई हेट लव स्टोरीज़ (2010) - जय दिंगरा
ब्रेक के बाद (2010) - अभय गुलाटी
दिल्ली बेली (2011) - ताशी
मेरे ब्रदर की दुल्हन (2011)
एक मैं और एक तू (2012) - राहुल
वन्स अपॉन अ टाइम इन मुंबई दोबारा (2013)
गोरी तेरे प्यार में (2013)
कट्टी बट्टी (2015) - माधव काबरा
हैप्पी पटेल: खतरनाक जासूस (2026) - कैमियो
निर्देशक के रूप में:——
मिशन मार्स: कीप वॉकिंग इंडिया (2018) - शॉर्ट फिल्म
इमरान खान की विरासत और प्रभाव——
इमरान खान ने अपने करियर में कई यादगार फिल्में दीं और बॉलीवुड में अपनी एक अलग पहचान बनाई। उन्हें बॉलीवुड के "चॉकलेट बॉय" के रूप में जाना जाता है, लेकिन उन्होंने "दिल्ली बेली" जैसी फिल्मों में अपने अभिनय से यह साबित किया कि वे सिर्फ रोमांटिक भूमिकाओं तक सीमित नहीं हैं।
इमरान खान का करियर कई मायनों में प्रेरणादायक है। उन्होंने नepotism के आरोपों के बीच अपनी प्रतिभा के दम पर अपनी पहचान बनाई। हालांकि उन्हें अपने मामा आमिर खान का समर्थन मिला, लेकिन उन्होंने अपनी मेहनत और अभिनय कौशल से दर्शकों का दिल जीता।
इमरान खान की जीवन कहानी यह सिखाती है कि सफलता और असफलता जीवन का हिस्सा हैं। उन्होंने अपने करियर के उतार-चढ़ाव को बहादुरी से सामना किया और जब अभिनय में संतुष्टि नहीं मिली तो निर्देशन की ओर रुख किया। उन्होंने अपने व्यक्तिगत जीवन में भी कई चुनौतियों का सामना किया, लेकिन हमेशा आगे बढ़ते रहे।
भारत छोड़ने का नोटिस: पूरी कहानी और कानूनी पेंच——
घटना की शुरुआत: 10 अक्टूबर का विरोध प्रदर्शन
पूरा विवाद 10 अक्टूबर, 2026 को शुरू हुआ, जब अभिनेता इमरान खान मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में एक विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। यह प्रदर्शन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही थी। प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) से जुड़ा था।
इस प्रदर्शन में इमरान खान के साथ उनकी प्रेमिका लेखा वाशिंगटन और चचेरी बहन ज़ैन मारी खान भी शामिल थीं। मुंबई पुलिस ने इमरान खान को हिरासत में ले लिया और प्रदर्शन से जुड़े 400 से अधिक लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
हिरासत के दौरान इमरान खान ने पुलिस वैन में बैठी अपनी एक तस्वीर इंस्टाग्राम पर साझा की, जिसे कैप्शन दिया — "जाहिर है, मैं ड्राइव पर जा रहा हूं।" इस पोस्ट को 20 लाख से ज्यादा लाइक्स मिले।
मीडिया से बात करते हुए इमरान खान ने कहा था कि वे किसी संगठन का प्रतिनिधित्व नहीं कर रहे थे, बल्कि एक मुंबई के नागरिक के रूप में वहां गए थे ताकि यह समझ सकें कि आंदोलन की आजादी को क्यों सीमित किया जा रहा है। उन्होंने कहा, "मेरी कोई मांग नहीं है। मैं यहां एक नागरिक के रूप में हूं, इस शहर में रहने वाले व्यक्ति के रूप में। मैं यह देखने आया हूं कि आवागमन की स्वतंत्रता क्यों प्रतिबंधित की जा रही है। लोगों की आवाज क्यों दबाई जा रही है?"
भारत छोड़ने का नोटिस: आधिकारिक आधार——
15 अक्टूबर, 2026 को मुंबई स्थित विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) ने इमरान खान को 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस जारी किया। यह कार्रवाई अप्रवासन और विदेशी अधिनियम (Immigration and Foreigners Act) की धारा 7(2)(C) और धारा 29 के तहत की गई।
धारा 7(2)(C) के तहत सरकार को यह शक्ति है कि वह किसी विदेशी नागरिक को भारत में रहने से रोक सकती है या उसे किसी विशिष्ट क्षेत्र में रहने से प्रतिबंधित कर सकती है।
धारा 29 के तहत सरकार किसी विदेशी नागरिक को कानून, नियमों या आदेशों का उल्लंघन करने पर देश से बाहर निकालने का निर्देश दे सकती है।
नोटिस में इमरान खान की अमेरिकी नागरिकता का उल्लेख किया गया और कहा गया कि भारतीय नागरिक न होने के बावजूद उन्होंने राजनीतिक प्रदर्शन में भाग लेकर नियमों का उल्लंघन किया है। उन्हें 28 अक्टूबर या उससे पहले देश छोड़ने का निर्देश दिया गया, अन्यथा धारा 29 के तहत निर्वासन (deportation) की कार्रवाई शुरू की जा सकती है।
शिकायत किसने और क्यों दर्ज कराई?——
यह कार्रवाई भाजपा नेता किरीट सोमैया की शिकायत के आधार पर शुरू की गई थी। सोमैया ने गामदेवी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि इमरान खान, जो अमेरिकी नागरिक हैं और ओसीआई कार्डधारक हैं, ने राजनीतिक प्रदर्शन में हिस्सा लेकर 'विदेशी अधिनियम' (Foreigners Act) का उल्लंघन किया है।
सोमैया ने मीडिया से कहा था कि उन्होंने प्रदर्शन के दौरान इमरान खान के भाषणों और उनकी पिछली टिप्पणियों के सबूत पुलिस को सौंपे हैं। उन्होंने इमरान पर "राजनीतिक अतिवाद" प्रदर्शित करने और अपने ओसीआई कार्ड का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।
गामदेवी पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के लिए यह शिकायत FRRO को भेज दी। इमिग्रेशन अथॉरिटी ने शिकायत पर कार्रवाई करते हुए इमरान खान को देश से बाहर जाने का नोटिस जारी किया।
इमरान खान की कानूनी चुनौती: बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख——
इमरान खान ने इस नोटिस को बॉम्बे उच्च न्यायालय में चुनौती देने का फैसला किया है। उनकी कानूनी टीम MZM लीगल LLP के वकील ज़ुल्फ़िकार मेमन, परवेज़ मेमन और चिराग नाइक के नेतृत्व में है।
याचिका में मुख्य तर्क यह है कि कानून में कोई ऐसा प्रावधान नहीं है जो ओसीआई कार्डधारकों को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में भाग लेने से रोकता हो。 याचिका में मुंबई पुलिस के नोटिस को "कठोर" (drastic) बताया गया है।
इमरान खान के वकीलों का यह भी दावा है कि वे विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए नहीं, बल्कि उस क्षेत्र से "गुजर रहे थे"। वे अपने दावे के समर्थन में सीसीटीवी फुटेज भी मांग रहे हैं।
याचिका दायर होने के बाद इसे तत्काल सुनवाई के लिए पेश किया जाएगा। इस पर मुख्य न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति अद्वैत सेठना की खंडपीठ द्वारा सुनवाई किए जाने की संभावना है।
OCI कार्डधारकों के अधिकार: क्या कहता है कानून?——
यह मामला भारत में ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्डधारकों के अधिकारों को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ चुका है। ओसीआई योजना 2005 में भारतीय मूल के उन लोगों के लिए शुरू की गई थी जो विदेशी नागरिक हैं। अपने नाम के बावजूद, ओसीआई कार्ड भारतीय नागरिकता नहीं देता।
ओसीआई कार्डधारकों को क्या अधिकार हैं:
भारत में आजीवन वीजा और बार-बार प्रवेश की सुविधा
भारत में रहने और काम करने का अधिकार
ओसीआई कार्डधारकों को क्या अधिकार नहीं हैं:
मतदान का अधिकार नहीं — वे चुनाव में वोट नहीं डाल सकते
चुनाव लड़ने का अधिकार नहीं — वे संसद या राज्य विधानसभाओं के लिए चुनाव नहीं लड़ सकते
संवैधानिक पदों पर नियुक्ति नहीं — राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के जज नहीं बन सकते
कानूनी विशेषज्ञों की राय: ओसीआई नियम स्पष्ट रूप से सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के लिए पूर्व अनुमति की मांग नहीं करते। हालांकि, ओसीआई कार्डधारक भारतीय कानूनों और आव्रजन नियंत्रण के अधीन रहते हैं। नागरिकता अधिनियम 1955 की धारा 7D के तहत केंद्र सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा, संप्रभुता या जनहित के आधार पर ओसीआई पंजीकरण रद्द कर सकती है।
प्रतिक्रियाएं: समर्थन और विरोध——
समर्थन में आवाजें——
किरण राव (आमिर खान की पूर्व पत्नी): उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "वाह, अब मुंबई पुलिस भी आ गई है।" उन्होंने इमरान के भारत के साथ लंबे जुड़ाव पर कहा, "वह 43 साल के हैं। इनमें से 40 साल उन्होंने भारत में बिताए हैं। उन्होंने यहीं पढ़ाई की, यहीं काम किया, यहीं सफलता हासिल की, यहीं असफलता का सामना किया, यहीं प्यार किया और यहीं संघर्ष किया।"
सबा आज़ाद (अभिनेत्री): उन्होंने इस घटनाक्रम की आलोचना करते हुए लिखा, "क्या? यह बकवास है।"
अभिजीत दीपके (CJP संस्थापक): उन्होंने X पर लिखा, "मैरी मिलबेन, एक अमेरिकी, भाजपा के पक्ष में बोल सकती हैं। लेकिन इमरान, एक ओसीआई कार्डधारक, भाजपा के खिलाफ कुछ नहीं कह सकते।" उन्होंने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में इस असमानता की आलोचना की।
विरोध में आवाजें——
गजेंद्र चौहान (अभिनेता, महाभारत के युधिष्ठिर): उन्होंने इमरान खान को "देशद्रोही" कहा और मांग की कि उन्हें 24 घंटे के अंदर निर्वासित किया जाए। उन्होंने कहा, "मैं कहूंगा कि यह बहुत खुशी की बात है। मुझे बहुत खुशी हो रही है कि देश के छिपे हुए गद्दारों को यहां से जाने के लिए कहा गया है।"
रज़ा मुराद (अभिनेता): उन्होंने कहा, "चाहे इमरान खान हों या कोई और, किसी भी विदेशी नागरिक को हमारे देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है।" उन्होंने कहा कि मुंबई पुलिस कानूनी प्रक्रिया के तहत काम कर रही है और इमरान को 15 दिन का पूरा समय दिया गया है।
अशोक पंडित (फिल्म निर्माता): उन्होंने भी इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया दी।
OCI कार्डधारकों के अधिकारों पर बहस——
यह मामला एक बड़ा सवाल खड़ा करता है: क्या भारत में रहने वाला ओसीआई कार्डधारक किसी राजनीतिक विरोध-प्रदर्शन में शामिल नहीं हो सकता?
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार:
ओसीआई नियमों में स्पष्ट रूप से सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के लिए पूर्व अनुमति की आवश्यकता नहीं है।
लेकिन राजनीतिक गतिविधियां लागू प्रतिबंधों के अधीन हैं।
ओसीआई कार्डधारक भारतीय नागरिकों के सभी अधिकारों का आनंद नहीं लेते, विशेष रूप से मतदान और चुनाव लड़ने का।
केवल एक शिकायत किसी अपराध को साबित नहीं करती या स्वचालित रूप से निर्वासन को उचित नहीं ठहराती।
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 19, जो बोलने और शांतिपूर्ण तरीके से इकट्ठा होने की स्वतंत्रता की गारंटी देता है, केवल भारतीय नागरिकों पर लागू होता है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि क्या कोई कानून विदेशियों या ओसीआई कार्डधारकों को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से स्पष्ट रूप से रोकता है।
आगे की कानूनी प्रक्रिया——
इमरान खान की याचिका पर बॉम्बे उच्च न्यायालय में सुनवाई होनी है। यह मामला यह तय करने में महत्वपूर्ण होगा कि भारत में ओसीआई कार्डधारकों की सीमाएं क्या हैं और क्या वे राजनीतिक अभिव्यक्ति में भाग ले सकते हैं।
इमरान खान के पास 28 अक्टूबर तक का समय है। यदि अदालत उनके पक्ष में फैसला नहीं देती है, तो उन्हें भारत छोड़ना पड़ सकता है। उनके वकीलों ने मामले की तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया है।
यह मामला अभी भी अदालत में विचाराधीन है, और इसका फैसला इमरान खान के भारत में रहने के भविष्य और ओसीआई कार्डधारकों के अधिकारों पर दूरगामी प्रभाव डाल सकता है।
50 रोचक जानकारी (Interesting Facts)——
इमरान खान का जन्म 13 जनवरी 1983 को अमेरिका के विस्कॉन्सिन राज्य के मैडिसन शहर में हुआ था।
उनका जन्म का नाम इमरान पाल (Imran Pal) था, लेकिन उन्होंने अपनी मां का उपनाम 'खान' अपनाया।
उनके पिता अनिल पाल एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं जिन्होंने आईआईटी बॉम्बे से शिक्षा प्राप्त की थी।
उनकी मां नुज़हत खान एक मनोवैज्ञानिक (साइकोलॉजिस्ट) हैं और आमिर खान की चचेरी बहन हैं。
इमरान के नाना नसीर हुसैन एक प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक-निर्माता थे जिन्होंने "दिल देके देखो", "यादों की बारात" और "कारवां" जैसी फिल्में बनाईं।
इमरान के मामा मंसूर खान ने "कयामत से कयामत तक" और "जो जीता वही सिकंदर" जैसी सुपरहिट फिल्मों का निर्देशन किया।
इमरान के दादा कोलकाता के बंगाली थे जिन्होंने एक ब्रिटिश महिला से विवाह किया था, इसलिए उनकी वंशावली में बंगाली, ब्रिटिश, पश्तून और अरब मूल का मिश्रण है।
इमरान के माता-पिता का तलाक तब हो गया जब वे सिर्फ दो वर्ष के थे।
इमरान तीन वर्ष की आयु में अपनी मां के साथ भारत के मुंबई शहर आ गए।
इमरान की मां ने बाद में अभिनेता राज जुत्शी से दूसरा विवाह किया, जिन्हें इमरान अपने पालन-पोषण के वर्षों में पिता का आदर्श मानते हैं।
इमरान ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मुंबई के बॉम्बे स्कॉटिश स्कूल में प्रारंभ की।
इसके बाद उन्हें तमिलनाडु के कूनूर स्थित ब्लू माउंटेन स्कूल में बोर्डिंग के लिए भेजा गया。
इमरान ने 11 से 15 वर्ष की आयु के बीच ऊटी के जंगलों में स्थित एक गुरुकुल में शिक्षा प्राप्त की जहां बिजली नहीं थी और वे मिट्टी के तेल के लैंप जलाकर रोशनी करते थे।
गुरुकुल में उन्होंने खेती की, अपना भोजन उगाया, झरने से पानी लाया और जलाने की लकड़ी काटी।
इमरान ने 16 वर्ष की आयु में अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य के सनीवेल शहर में जाकर फ्रीमोंट हाई स्कूल में दाखिला लिया।
उन्होंने न्यूयॉर्क फिल्म एकेडमी (NYFA) की लॉस एंजिल्स शाखा से फिल्म निर्माण में डिग्री प्राप्त की।
इमरान को लेखक रोआल्ड डाहल से प्रेरणा मिली थी।
फिल्म निर्माण की शिक्षा पूरी करने के बाद इमरान ने किशोर नमित कपूर अभिनय संस्थान में दाखिला लिया।
बचपन में माता-पिता के तलाक और नए माहौल से निपटने में असमर्थता के कारण इमरान में हकलाने की समस्या विकसित हो गई थी।
इमरान के चेहरे पर तनाव के कारण टिक्स भी विकसित हो गए थे और उनके ग्रेड गिर गए थे।
इमरान ने महज पांच वर्ष की आयु में 1988 में "कयामत से कयामत तक" में बाल कलाकार के रूप में अपने अभिनय करियर की शुरुआत की, जिसमें उन्होंने आमिर खान के चरित्र के बचपन के संस्करण को निभाया।
1992 में उन्होंने "जो जीता वही सिकंदर" में फिर से आमिर खान के चरित्र के युवा संस्करण की भूमिका निभाई।
इमरान का असली सपना फिल्म निर्देशन था, अभिनय नहीं। वे कैमरे के पीछे रहकर फिल्में बनाना चाहते थे।
2008 में इमरान ने अब्बास टायरवाला द्वारा निर्देशित रोमांटिक कॉमेडी "जाने तू... या जाने ना" से मुख्य अभिनेता के रूप में अपनी शुरुआत की।
"जाने तू... या जाने ना" ने लगभग 83 करोड़ रुपये की कमाई की और इमरान को व्यापक पहचान दिलाई।
इस फिल्म के लिए इमरान को 54वें फिल्मफेयर पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ पुरुष पदार्पण का पुरस्कार मिला।
"जाने तू... या जाने ना" की सफलता के बाद इमरान की अगली दो फिल्में "किडनैप" (2008) और "लक" (2009) बॉक्स ऑफिस पर असफल साबित हुईं, जिसके बाद मीडिया ने उन्हें "वन-फिल्म वंडर" कहकर लिखना शुरू कर दिया।
2010 में इमरान ने करण जौहर की "आई हेट लव स्टोरीज़" में काम किया, जो बॉक्स ऑफिस पर बहुत सफल रही और उनके करियर में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई।
करण जौहर ने "आई हेट लव स्टोरीज़" से पहले इमरान की छवि को "सेक्सी" बनाने का फैसला किया था, जिसके लिए उन्होंने कई टॉपलेस शूट किए।
2011 में इमरान ने "दिल्ली बेली" में ताशी नाम के एक पत्रकार की भूमिका निभाई, जो एक डार्क कॉमेडी थी और उस समय की सबसे बोल्ड फिल्मों में से एक थी
"दिल्ली बेली" की शूटिंग के दौरान पूरी टीम को चिंता थी कि फिल्म पर प्रतिबंध लग सकता है, लेकिन आमिर खान को फिल्म पर पूरा भरोसा था。
अर्जुन माथुर ने भी "दिल्ली बेली" में इमरान के किरदार के लिए ऑडिशन दिया था।
2015 में इमरान की आखिरी मुख्य भूमिका वाली फिल्म "कट्टी बट्टी" रिलीज हुई, जो बॉक्स ऑफिस पर असफल साबित हुई।
"कट्टी बट्टी" की असफलता के बाद इमरान मानसिक रूप से टूट गए थे और उन्हें लगा कि वे अंदर से टूट चुके हैं।
इमरान खान ने 2015 के बाद से किसी फिल्म में मुख्य भूमिका नहीं निभाई।
2018 में इमरान ने "मिशन मार्स: कीप वॉकिंग इंडिया" नामक एक शॉर्ट फिल्म का निर्देशन किया, जो भारत के मंगलयान मिशन पर आधारित थी।
इमरान ने कहा था कि "मिशन मार्स" ने उन्हें यह साबित कर दिया कि निर्देशन वास्तव में वही है जो वे करना चाहते हैं。
उन्होंने स्टीवन स्पीलबर्ग और रॉबर्ट जेमेकिस को अपना प्रेरणास्रोत बताया था।
2026 में इमरान ने लंबे अंतराल के बाद अभिनय में वापसी की घोषणा की और वीर दास द्वारा निर्देशित फिल्म "हैप्पी पटेल: खतरनाक जासूस" में एक कैमियो किया
इमरान ने नेटफ्लिक्स के लिए रोमांटिक कॉमेडी फिल्म "अधूरे हम अधूरे तुम" के साथ अपनी वापसी की घोषणा की, जिसमें उनके साथ भूमि पेडनेकर हैं।
यह फिल्म उनके "ब्रेक के बाद" के निर्देशक दानिश असलम के साथ होगी और इसे "ब्रेक के बाद" का आध्यात्मिक उत्तराधिकारी बताया गया है।
इमरान ने अपनी वापसी के बारे में कहा कि वे "बड़े स्टार" बनने की कोशिश नहीं कर रहे हैं।
इमरान ने अपनी कॉलेज के दिनों की मित्र अवंतिका मलिक से 10 जनवरी 2011 को विवाह किया था。
इमरान जब 19 वर्ष के थे तब उन्होंने अवंतिका को डेट करना शुरू किया था।
इमरान और अवंतिका की एक बेटी है जिसका नाम इमारा है, जिसका जन्म 9 जून 2014 को हुआ था।
2019 में इमरान और अवंतिका अलग हो गए और उसी वर्ष उनका तलाक हो गया।
इमरान ने बताया कि 2016 के आसपास उन्होंने थेरेपी शुरू की और उन्हें एहसास हुआ कि उनका विवाह "अस्वस्थ" था。
इमरान ने कहा कि तलाक का फैसला इसलिए लिया ताकि वे अपने जीवन का "सर्वश्रेष्ठ संस्करण" बन सकें।
तलाक के बाद इमरान लेखा वाशिंगटन के साथ रिश्ते में हैं।
इमरान खान PETA के समर्थक हैं और उन्होंने इस संगठन के लिए आयोजित कार्यक्रमों में भाग लिया है।
50 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)——
बुनियादी जानकारी
1. इमरान खान कौन हैं?
इमरान खान एक अमेरिकी-भारतीय अभिनेता और निर्देशक हैं जो मुख्य रूप से हिंदी फिल्मों में काम करते हैं। वे आमिर खान के भांजे हैं और "जाने तू... या जाने ना" (2008) से मुख्य अभिनेता के रूप में प्रसिद्ध हुए।
2. इमरान खान का पूरा नाम क्या है?
उनका जन्म का नाम इमरान पाल है, लेकिन वे अपनी मां का उपनाम 'खान' इस्तेमाल करते हैं।
3. इमरान खान का जन्म कब और कहाँ हुआ था?
उनका जन्म 13 जनवरी 1983 को अमेरिका के विस्कॉन्सिन राज्य के मैडिसन शहर में हुआ था।
4. इमरान खान की उम्र कितनी है?
2026 में इमरान खान 43 वर्ष के हैं।
5. इमरान खान किस धर्म का पालन करते हैं?
इमरान खान के पिता हिंदू (बंगाली) हैं और मां मुस्लिम (पश्तून-अरब) हैं। वे किसी एक धर्म का सार्वजनिक रूप से पालन नहीं करते।
6. इमरान खान की नागरिकता क्या है?
इमरान खान अमेरिकी नागरिक हैं और उनके पास ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड है।
7. इमरान खान की लंबाई कितनी है?
इमरान खान की लंबाई 1.73 मीटर (5 फीट 8 इंच) है।
8. इमरान खान का पालन-पोषण किसने किया?
इमरान खान का पालन-पोषण मुख्य रूप से उनकी मां नुज़हत खान ने किया, क्योंकि उनके माता-पिता का तलाक उनके बचपन में ही हो गया था।
9. इमरान खान के पिता कौन हैं?
उनके पिता अनिल पाल एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं जिन्होंने आईआईटी बॉम्बे से शिक्षा प्राप्त की थी।
10. इमरान खान की मां कौन हैं?
उनकी मां नुज़हत खान एक मनोवैज्ञानिक हैं और आमिर खान की चचेरी बहन हैं।
परिवार और रिश्ते
11. इमरान खान आमिर खान से कैसे संबंधित हैं?
इमरान खान आमिर खान के भांजे हैं। उनकी मां नुज़हत खान आमिर खान की चचेरी बहन हैं。
12. इमरान खान के नाना कौन थे?
उनके नाना नसीर हुसैन एक प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक-निर्माता थे।
13. इमरान खान के मामा कौन हैं?
उनके मामा मंसूर खान एक प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक हैं जिन्होंने "कयामत से कयामत तक" और "जो जीता वही सिकंदर" जैसी फिल्में बनाईं।
14. इमरान खान के सौतेले पिता कौन हैं?
उनकी मां ने अभिनेता राज जुत्शी से दूसरा विवाह किया था, जिन्हें इमरान अपने पालन-पोषण के वर्षों में पिता का आदर्श मानते हैं。
15. इमरान खान की पत्नी कौन थीं?
इमरान खान ने अवंतिका मलिक से 2011 में विवाह किया था, लेकिन 2019 में उनका तलाक हो गया।
16. इमरान खान की बेटी का नाम क्या है?
उनकी बेटी का नाम इमारा है, जिसका जन्म 2014 में हुआ था।
17. इमरान खान की प्रेमिका कौन हैं?
तलाक के बाद इमरान लेखा वाशिंगटन के साथ रिश्ते में हैं।
18. इमरान खान की बहन कौन हैं?
इमरान की चचेरी बहन ज़ैन मारी खान हैं, जो अभिनेत्री हैं और 2026 के विरोध प्रदर्शन में उनके साथ थीं।
19. इमरान खान के माता-पिता का तलाक कब हुआ?
उनके माता-पिता का तलाक तब हुआ जब इमरान सिर्फ दो वर्ष के थे。
20. इमरान खान का अपने पिता से कैसा रिश्ता है?
इमरान अपने पिता से 16 वर्ष की आयु में अमेरिका जाकर मिले और उनके साथ रहे। उनके पिता ने कभी दूसरा विवाह नहीं किया।
शिक्षा
21. इमरान खान ने कहाँ पढ़ाई की?
उन्होंने बॉम्बे स्कॉटिश स्कूल, ब्लू माउंटेन स्कूल (कूनूर), ऊटी के गुरुकुल, फ्रीमोंट हाई स्कूल (कैलिफोर्निया) और न्यूयॉर्क फिल्म एकेडमी में शिक्षा प्राप्त की।
22. इमरान खान ने फिल्म निर्माण की शिक्षा कहाँ प्राप्त की?
उन्होंने न्यूयॉर्क फिल्म एकेडमी (NYFA) की लॉस एंजिल्स शाखा से फिल्म निर्माण में डिग्री प्राप्त की।
23. इमरान खान ने अभिनय की शिक्षा कहाँ प्राप्त की?
उन्होंने किशोर नमित कपूर अभिनय संस्थान में अभिनय का प्रशिक्षण लिया।
24. इमरान खान ने गुरुकुल में कितने साल बिताए?
उन्होंने 11 से 15 वर्ष की आयु के बीच लगभग 4 साल गुरुकुल में बिताए।
25. इमरान खान को बचपन में क्या समस्या थी?
माता-पिता के तलाक और कठोर स्कूली माहौल के कारण उनमें हकलाने की समस्या और चेहरे पर टिक्स विकसित हो गए थे।
फिल्मी करियर——
26. इमरान खान ने अपने करियर की शुरुआत कब की?
उन्होंने 1988 में महज 5 वर्ष की आयु में "कयामत से कयामत तक" में बाल कलाकार के रूप में शुरुआत की।
27. इमरान खान की पहली मुख्य भूमिका वाली फिल्म कौन सी थी?
"जाने तू... या जाने ना" (2008) उनकी पहली मुख्य भूमिका वाली फिल्म थी।
28. इमरान खान को कौन सा पुरस्कार मिला?
उन्हें "जाने तू... या जाने ना" के लिए 54वें फिल्मफेयर पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ पुरुष पदार्पण का पुरस्कार मिला।
29. इमरान खान की सबसे सफल फिल्म कौन सी थी?
"जाने तू... या जाने ना" ने लगभग 83 करोड़ रुपये की कमाई की थी।
30. इमरान खान ने कौन सी डार्क कॉमेडी फिल्म की?
उन्होंने "दिल्ली बेली" (2011) नामक डार्क कॉमेडी में ताशी नाम के पत्रकार की भूमिका निभाई।
31. इमरान खान को "वन-फिल्म वंडर" क्यों कहा गया?
"जाने तू... या जाने ना" की सफलता के बाद उनकी अगली दो फिल्में "किडनैप" और "लक" असफल रहीं, जिसके कारण मीडिया ने उन्हें यह कहा।
32. इमरान खान ने अभिनय कब छोड़ा?
2015 में "कट्टी बट्टी" की असफलता के बाद उन्होंने अभिनय से विराम ले लिया।
33. इमरान खान ने निर्देशन में क्या किया?
उन्होंने 2018 में "मिशन मार्स: कीप वॉकिंग इंडिया" नामक शॉर्ट फिल्म का निर्देशन किया।
34. इमरान खान की वापसी फिल्म कौन सी है?
उनकी वापसी फिल्म "अधूरे हम अधूरे तुम" है, जिसमें उनके साथ भूमि पेडनेकर हैं और यह नेटफ्लिक्स पर रिलीज होगी।
35. इमरान खान ने किस फिल्म में कैमियो किया?
उन्होंने वीर दास द्वारा निर्देशित "हैप्पी पटेल: खतरनाक जासूस" (2026) में कैमियो किया।
व्यक्तिगत जीवन और संघर्ष——
36. इमरान खान का तलाक कब हुआ?
उनका तलाक 2019 में हुआ, जब उन्होंने और अवंतिका मलिक ने 8 साल के विवाह के बाद अलग होने का फैसला किया।
37. इमरान खान ने तलाक क्यों लिया?
उन्होंने कहा कि उनका विवाह "अस्वस्थ" था और उन्होंने खुद को सुधारने के लिए तलाक का फैसला लिया।
38. इमरान खान ने थेरेपी कब शुरू की?
उन्होंने 2016 में थेरेपी शुरू की और 2016, 2017, 2018 में अपने मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित किया।
39. इमरान खान की नेट वर्थ कितनी है?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उनकी नेट वर्थ लगभग 100 करोड़ रुपये है।
40. इमरान खान सोशल मीडिया पर कितने सक्रिय हैं?
इमरान खान का इंस्टाग्राम पर लगभग 12 लाख फॉलोअर्स हैं।
2026 का विवाद——
41. इमरान खान को भारत छोड़ने का नोटिस कब मिला?
उन्हें 15 अक्टूबर 2026 को भारत छोड़ने का नोटिस मिला, जिसमें उन्हें 28 अक्टूबर तक देश छोड़ने का निर्देश दिया गया।
42. इमरान खान को भारत छोड़ने का नोटिस क्यों मिला?
यह नोटिस 10 अक्टूबर 2026 को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में CJP विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के कारण जारी किया गया।
43. CJP विरोध प्रदर्शन क्या था?
यह कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन था, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही थी।
44. इमरान खान पर कौन सा कानून लागू किया गया?
उन पर अप्रवासन और विदेशी अधिनियम (Immigration and Foreigners Act) की धारा 7 और 29 के तहत कार्रवाई की गई।
45. इमरान खान ने नोटिस को कहाँ चुनौती दी?
उन्होंने इस नोटिस को बॉम्बे उच्च न्यायालय में चुनौती देने का फैसला किया है।
46. इमरान खान के वकील कौन हैं?
उनकी कानूनी टीम MZM लीगल LLP के वकील ज़ुल्फ़िकार मेमन के नेतृत्व में है।
47. इमरान खान की गिरफ्तारी के समय क्या हुआ?
उन्हें 10 अक्टूबर 2026 को हिरासत में लिया गया और बाद में छोड़ दिया गया। उन्होंने पुलिस वैन में बैठी अपनी तस्वीर इंस्टाग्राम पर साझा की।
48. इमरान खान ने विरोध प्रदर्शन में भाग क्यों लिया?
उन्होंने कहा कि वे एक नागरिक के रूप में वहां गए थे ताकि यह समझ सकें कि आंदोलन की आजादी को क्यों सीमित किया जा रहा है।
49. OCI कार्डधारकों को क्या अधिकार हैं?
OCI कार्डधारकों को भारत में आजीवन वीजा और रहने-काम करने का अधिकार है, लेकिन मतदान, चुनाव लड़ने और संवैधानिक पदों पर नियुक्ति का अधिकार नहीं है।
50. इमरान खान के मामले का क्या महत्व है?
यह मामला भारत में OCI कार्डधारकों के अधिकारों को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ चुका है और यह तय करने में महत्वपूर्ण होगा कि क्या वे राजनीतिक अभिव्यक्ति में भाग ले सकते हैं।
इमरान खान के प्रेरक विचार——
लोकतंत्र और नेतृत्व पर——
"किसी भी राजनीतिक अधिकारी की आलोचना, देश की आलोचना नहीं है। कोई भी नेता देश नहीं होता।"
"जो भी लोग आवाज उठाते हैं, वे भी उतने ही देश हैं, जितना कि एक नेता।"
"मैं नेताओं से सवाल पूछ रहा हूं। आप एक जनसेवक हैं... आप देश नहीं हैं!"
"आप भारत के इतने बड़े सेलिब्रिटी हो। आपने पैसा, नाम, पोजिशन सब कमाया है। भारत आपसे प्यार करता था।"
कला और करियर पर——
"अगर आप अपना दिल अपनी कला में नहीं लगाते, तो आपकी कला का कोई मूल्य नहीं है।"
"मैं किसी स्टार की विरासत पर नहीं जी रहा। मेरे परिवार में फिल्म स्टार हैं, लेकिन उनकी कमाई या पहचान मेरी नहीं है। मुझे अपनी जिंदगी और करियर खुद संभालना है।"
"अगर आप एक रचनात्मक व्यक्ति हैं—चाहे अभिनेता, लेखक या कलाकार—तो आपका सबसे अच्छा काम कभी भी 'सुरक्षित' खेलने से नहीं आएगा।"
"मैं केवल तभी फिल्म बनाऊंगा जब मुझे FOMO (कुछ छूट जाने का डर) महसूस होगा।"
"मैं 'बड़ा स्टार' बनने की कोशिश नहीं कर रहा हूं।"
जीवन और संघर्ष पर——
"ड्रग्स या मौत हर समस्या का समाधान नहीं है। कामयाबी के झंडे गाड़ने के लिए कड़ी मेहनत, धैर्य व लगन के साथ लड़ना पड़ता है।"
"आप केवल तभी हारते हैं जब आप हार मान लेते हैं।"
"एक समय आता है जब हर बात आपकी रिलेशनशिप, आपके परिवार और आपके बच्चे के बारे में होती हैं।"
पितृत्व और रिश्तों पर——
"शादी का मतलब बराबर पार्टनरशिप है। दोनों को ही बराबर जिम्मेदारियां उठानी चाहिए।"
"मैंने इसे कभी अपना कर्तव्य नहीं माना; मैंने इसे हमेशा अपना विशेषाधिकार माना। अपने बच्चे के साथ बिताया समय मैंने खुद के लिए चाहा था।"
साहस और स्वतंत्रता पर——
"मुझे कोई डर नहीं है—न मरने का, न असफल होने का, किसी चीज़ का नहीं।"
"हम सभी एक ही देश और एक ही समाज का हिस्सा हैं।"
निष्कर्ष——
इमरान खान की जीवनी एक ऐसे व्यक्ति की कहानी है जिसने अमेरिका में जन्म लिया, भारत में पला-बढ़ा, बॉलीवुड में स्टार बना, असफलताओं का सामना किया, अभिनय छोड़ा, निर्देशन किया और फिर वापसी की तैयारी कर रहा है। उनका जीवन किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। वे एक प्रतिभाशाली अभिनेता, साहसी निर्देशक और सामाजिक कार्यकर्ता हैं जिन्होंने हमेशा अपने विचारों को खुलकर व्यक्त किया है।
इमरान खान की कहानी यह दर्शाती है कि जीवन में कितनी भी कठिनाइयां आएं, हमें हार नहीं माननी चाहिए। उन्होंने साबित किया कि एक इंसान अपनी पहचान खुद बना सकता है, चाहे उसका जन्म कहीं भी हुआ हो और चाहे उसके रास्ते में कितनी भी बाधाएं हों।
इमरान खान आज भी अपने प्रशंसकों के दिलों में जीवित हैं और उनकी फिल्में आज भी लोगों का मनोरंजन करती हैं। उनकी वापसी की घोषणा ने उनके प्रशंसकों में नई उम्मीद जगाई है। यह देखना दिलचस्प होगा कि वे अपने दूसरे पारी में क्या नया लेकर आते हैं।