बिधि निषेधमय कलिमल हरनी – सरल अर्थ, शब्दार्थ और भावार्थ | रामचरितमानस बालकाण्ड
बिधि निषेधमय कलिमल हरनी। करम कथा रबिनंदनि बरनी॥
हरि हर कथा बिराजति बेनी। सुनत सकल मुद मंगल देनी॥
शब्दार्थ (Word Meaning)
बिधि – विधाता, ब्रह्मा
निषेधमय – पापों से भरा, कलियुग के दोष
कलिमल – कलियुग के पाप
हरनी – हरने वाली
करम कथा – श्रीराम के कर्मों की कथा
रबिनंदनि – सूर्यकुल के आनंद, अर्थात श्रीराम
बरनी – वर्णन की गई
हरि हर कथा – विष्णु व शिव की कथाएँ
बिराजति – शोभा पाती हैं, सुशोभित होती हैं
बेनी – समूह, श्रृंखला
सुनत – सुनने पर
सकल – सब प्रकार
मुद – आनंद
मंगल – शुभ
देनी – देने वाली
सरल अर्थ (Simple Hindi Meaning)
"कलियुग के पापों को हरने वाली यह श्रीराम के कर्मों की कथा यहाँ वर्णित है।
हरि (विष्णु) और हर (शिव) की दिव्य कथाएँ इस ग्रंथ में सुंदरता से सजी हैं।
इन कथाओं को सुनने से सभी प्रकार का आनंद और शुभ फल प्राप्त होता है।"
भावार्थ (Bhavarth / Essence)
इस चौपाई में तुलसीदास जी कह रहे हैं कि:
-
श्रीरामचरितमानस की कथा कलियुग के दोषों और पापों को मिटाने वाली है।
-
इसमें राम, शिव और हरि की दिव्य कथाएँ अत्यंत पवित्र रूप में संजोई गई हैं।
-
जो भी भक्त मन लगाकर इस कथा को सुनता है, उसके जीवन में आनंद, शांति और शुभता आती है।
-
यह कथा मनुष्य के हृदय को शुद्ध करती है और उसे भगवत् भक्ति में स्थिर करती है।
यह चौपाई रामकथा की महिमा का वर्णन करती है – कि इसे सुनना और पढ़ना दोनों ही अत्यंत पुण्यदायक है।
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. यह चौपाई कहाँ से ली गई है?
यह चौपाई श्रीरामचरितमानस – बालकाण्ड से ली गई है, जो गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित है।
2. इस चौपाई का मुख्य संदेश क्या है?
इसका मुख्य संदेश है कि रामकथा कलियुग के पापों को मिटाती है और सुनने वाले के जीवन में शुभता और आनंद लाती है।
3. “कलिमल हरनी” का क्या अर्थ है?
“कलिमल” का अर्थ है कलियुग के पाप और दोष,
और “हरनी” का अर्थ है हरने वाली।
अर्थात यह कथा कलियुग के पापों को दूर करने वाली है।
4. “रबिनंदनि” किसे कहा गया है?
“रबिनंदनि” का अर्थ है सूर्यवंश के आनंद — यहाँ इसका तात्पर्य भगवान श्रीराम से है।
5. इस चौपाई में किस कथा का वर्णन बताया गया है?
इसमें बताया गया है कि श्रीराम के कर्मों की कथा वर्णित है, और साथ ही हरि (विष्णु) तथा हर (शिव) की कथाएँ भी सुशोभित हैं।
6. इस चौपाई के अनुसार कथा सुनने से क्या लाभ होता है?
इस चौपाई के अनुसार, कथा सुनने से:
-
मन को शांति मिलती है
-
पाप और कलुषता दूर होती है
-
जीवन में शुभता और आनंद आता है
-
भक्त को आध्यात्मिक उन्नति मिलती है
7. क्या यह चौपाई कथा-श्रवण की महिमा बताती है?
हाँ, यह चौपाई विशेष रूप से रामकथा सुनने की महिमा बताती है और कहती है कि इसका परिणाम सकल मुद मंगल यानी सर्वांगपूर्ण शुभ और आनंद है।
8. इस चौपाई का व्यावहारिक अर्थ क्या है?
व्यावहारिक अर्थ यह है कि पवित्र कथा सुनना मन को शुद्ध करता है, नकारात्मक भाव कम करता है और जीवन में आध्यात्मिक शक्ति बढ़ाता है।
9. क्या इस चौपाई का जप करना शुभ माना जाता है?
हाँ, कई भक्त रामकथा महिमा वाली इन चौपाइयों का जप करते हैं, जो आध्यात्मिक रूप से अत्यंत पवित्र और मन को शांत करने वाला माना जाता है।
10. क्या इस चौपाई का अर्थ समझे बिना पढ़ना भी लाभ देता है?
हाँ, श्रद्धा और भक्ति के साथ पाठ करने मात्र से भी लाभ मिलता है,
लेकिन अर्थ समझ कर पढ़ना और सुनना अधिक गहरा प्रभाव देता है।
बिधि निषेधमय कलिमल हरनी – सरल अर्थ, शब्दार्थ और भावार्थ | रामचरितमानस बालकाण्ड
बिधि निषेधमय कलिमल हरनी। करम कथा रबिनंदनि बरनी॥
हरि हर कथा बिराजति बेनी। सुनत सकल मुद मंगल देनी॥
शब्दार्थ (Word Meaning)
बिधि – विधाता, ब्रह्मा
निषेधमय – पापों से भरा, कलियुग के दोष
कलिमल – कलियुग के पाप
हरनी – हरने वाली
करम कथा – श्रीराम के कर्मों की कथा
रबिनंदनि – सूर्यकुल के आनंद, अर्थात श्रीराम
बरनी – वर्णन की गई
हरि हर कथा – विष्णु व शिव की कथाएँ
बिराजति – शोभा पाती हैं, सुशोभित होती हैं
बेनी – समूह, श्रृंखला
सुनत – सुनने पर
सकल – सब प्रकार
मुद – आनंद
मंगल – शुभ
देनी – देने वाली
सरल अर्थ (Simple Hindi Meaning)
"कलियुग के पापों को हरने वाली यह श्रीराम के कर्मों की कथा यहाँ वर्णित है।
हरि (विष्णु) और हर (शिव) की दिव्य कथाएँ इस ग्रंथ में सुंदरता से सजी हैं।
इन कथाओं को सुनने से सभी प्रकार का आनंद और शुभ फल प्राप्त होता है।"
भावार्थ (Bhavarth / Essence)
इस चौपाई में तुलसीदास जी कह रहे हैं कि:
-
श्रीरामचरितमानस की कथा कलियुग के दोषों और पापों को मिटाने वाली है।
-
इसमें राम, शिव और हरि की दिव्य कथाएँ अत्यंत पवित्र रूप में संजोई गई हैं।
-
जो भी भक्त मन लगाकर इस कथा को सुनता है, उसके जीवन में आनंद, शांति और शुभता आती है।
-
यह कथा मनुष्य के हृदय को शुद्ध करती है और उसे भगवत् भक्ति में स्थिर करती है।
यह चौपाई रामकथा की महिमा का वर्णन करती है – कि इसे सुनना और पढ़ना दोनों ही अत्यंत पुण्यदायक है।
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. यह चौपाई कहाँ से ली गई है?
यह चौपाई श्रीरामचरितमानस – बालकाण्ड से ली गई है, जो गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित है।
2. इस चौपाई का मुख्य संदेश क्या है?
इसका मुख्य संदेश है कि रामकथा कलियुग के पापों को मिटाती है और सुनने वाले के जीवन में शुभता और आनंद लाती है।
3. “कलिमल हरनी” का क्या अर्थ है?
“कलिमल” का अर्थ है कलियुग के पाप और दोष,
और “हरनी” का अर्थ है हरने वाली।
अर्थात यह कथा कलियुग के पापों को दूर करने वाली है।
4. “रबिनंदनि” किसे कहा गया है?
“रबिनंदनि” का अर्थ है सूर्यवंश के आनंद — यहाँ इसका तात्पर्य भगवान श्रीराम से है।
5. इस चौपाई में किस कथा का वर्णन बताया गया है?
इसमें बताया गया है कि श्रीराम के कर्मों की कथा वर्णित है, और साथ ही हरि (विष्णु) तथा हर (शिव) की कथाएँ भी सुशोभित हैं।
6. इस चौपाई के अनुसार कथा सुनने से क्या लाभ होता है?
इस चौपाई के अनुसार, कथा सुनने से:
-
मन को शांति मिलती है
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पाप और कलुषता दूर होती है
-
जीवन में शुभता और आनंद आता है
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भक्त को आध्यात्मिक उन्नति मिलती है
7. क्या यह चौपाई कथा-श्रवण की महिमा बताती है?
हाँ, यह चौपाई विशेष रूप से रामकथा सुनने की महिमा बताती है और कहती है कि इसका परिणाम सकल मुद मंगल यानी सर्वांगपूर्ण शुभ और आनंद है।
8. इस चौपाई का व्यावहारिक अर्थ क्या है?
व्यावहारिक अर्थ यह है कि पवित्र कथा सुनना मन को शुद्ध करता है, नकारात्मक भाव कम करता है और जीवन में आध्यात्मिक शक्ति बढ़ाता है।
9. क्या इस चौपाई का जप करना शुभ माना जाता है?
हाँ, कई भक्त रामकथा महिमा वाली इन चौपाइयों का जप करते हैं, जो आध्यात्मिक रूप से अत्यंत पवित्र और मन को शांत करने वाला माना जाता है।
10. क्या इस चौपाई का अर्थ समझे बिना पढ़ना भी लाभ देता है?
हाँ, श्रद्धा और भक्ति के साथ पाठ करने मात्र से भी लाभ मिलता है,
लेकिन अर्थ समझ कर पढ़ना और सुनना अधिक गहरा प्रभाव देता है।