
लियांग वेनफेंग
(DeepSeek फाउंडर )
जन्म: | 1985 में ग्वांगडोंग प्रांत के झानजियांग शहर |
राष्ट्रीयता: | चाइना |
शिक्षा: | झेजियांग यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग इन इलेक्ट्रॉनिक इंफोर्मेशन |
Liang Wenfeng(लियांग वेनफेंग) जीवन परिचय और शिक्षा :-
लियांग वेनफेंग का जन्म 1985 में ग्वांगडोंग प्रांत के झानजियांग शहर में एक आम परिवार में हुआ। उनके पिता इसी शहर में टीचर थे, जिस वजह से उनकी शुरुआती शिक्षा यहीं से हुई। स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने झेजियांग यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया। ये चीन की सबसे पुरानी और अच्छी रैंकिंग वाली यूनिवर्सिटी है। 2007 में लियांग वेनफेंग ने झेजियांग यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग इन इलेक्ट्रॉनिक इंफोर्मेशन की डिग्री हासिल की। इसके बाद इसी संस्थान में उन्होंने मास्टर्स के लिए भी एडमिशन लिया। 2010 में जियांग वेनफेंग ने मास्टर ऑफ इंजीनियरिंग इन इंफोर्मेशन एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की।
दुनियाभर में इस वक्त चीन की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी DeepSeek :-
दुनियाभर में इस वक्त चीन की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी DeepSeek की चर्चा हो रही है। DeepSeek ने AI की दुनिया को हिलाकर रख दिया है। अमेरिका समेत दुनियाभर में इस वक्त तेजी से लोग DeepSeek को डाउनलोड कर रहे हैं। आलम ये है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिकन इंडस्ट्रीज के लिए अब जागने का वक्त आ चुका है। हालांकि, अब यहां सवाल उठता है कि DeepSeek को तैयार करने से पीछे किसका हाथ है।
लियांग वेनफेंग ने किया है। वह DeepSeek के फाउंडर और सीईओ :-
दरअसल, AI वर्ल्ड को हिलाकर रखने का काम चीन के रहने वाले लियांग वेनफेंग ने किया है। वह DeepSeek के फाउंडर और सीईओ हैं। उनकी कंपनी ओपनएआई जैसे दिग्गज कंपनियों को टक्कर दे रही है। DeepSeek टेक्नोलॉजी की दुनिया में इतनी तेजी से आगे बढ़ा है कि हर कोई ये देखकर हैरान है। कुछ लोगों ने लियांग वेनफेंग को चीन का सैम ऑल्टमैन भी बताया है, जो खुद ओपनएआई के को-फाउंडर हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि लियांग वेनफेंग की एजुकेशनल क्वालिफिकेशन क्या है।
DeepSeek के निर्माण :-
मास्टर के दौरान उनका डिजर्टेशन टॉपिक Research on target tracking algorithm based on low-cost PTZ camera था। यहां हैरानी वाली बात ये है कि इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले लियांग आगे चलकर इंवेस्टमेंट फील्ड में घुस गए। उन्होंने 2015 में अपने एक दोस्त के साथ मिलकर High-Flyer नाम से एक हेज फंड बनाया, जो 2021 तक लगभग 14 अरब डॉलर मैनेज कर रहा था। हालांकि, अप्रैल 2023 में, फंड ने ऐलान किया कि वह फाइनेंस से AI रिसर्च पर ध्यान केंद्रित करेगा और फिर एक महीने बाद DeepSeek के निर्माण की नींव रखी गई।
चीन के एआई बॉट डीपसीक की लॉन्चिंग ने अमेरिकी टेक कंपनियों में खलबली मचा दी है. दरअसल इसकी वजह से अमेरिका की एक कंपनी जिसका नाम- NIVIDIA है, उसके एक दिन में 600 बिलियन यानी करीब 50 लाख करोड़ डूब गए. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटनाक्रम के बाद अमेरिकी कंपनियों से सावधान रहने को कहा है. साथ ही चीन के एडवांस सेमीकंडक्टर तकनीक के निर्यात पर रोक लगाने की बात कही है.
जब बात आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की होती है, तो दुनिया की नजरें अमेरिका और यूरोप पर होती हैं. लेकिन इस बार चीन ने एक ऐसा दांव चला है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है. चीन का अपना AI चैटबॉट DeepSeek मार्केट में आते ही तहलका मचा रहा है. इसने न सिर्फ टेक्नोलॉजी की दुनिया में हलचल मचाई, बल्कि NVIDIA जैसी दिग्गज अमेरिकी कंपनी के शेयरों को भी धूल चटा दी.
एक दिन में NVIDIA के करीब 600 बिलियन डॉलर डूब गए :-
एक दिन में NVIDIA के करीब 600 बिलियन डॉलर (लगभग 50 लाख करोड़ रुपये) स्वाहा हो गए. अब सवाल उठता है कि आखिर DeepSeek क्या है? और इसे बनाने वाले शख्स कौन हैं, जिन्होंने इस इनोवेशन से AI की दुनिया में धमाका कर दिया है |